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Gorakhpur News: सरयू नदी की बाढ़ से घिरे बगहा देवार, ज्ञानकोल और जैतपुर
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बगहा देवार गांव में बाढ़ आने के बाद आशियाना हटाता कटान पीड़ित।
चिल्लूपार/बड़हलगंज। सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर से बड़हलगंज ब्लॉक के गांव बगहा देवार, ज्ञानकोल और जैतपुर के पास पानी पहुंच गया है। बगहा देवार गांव में जो कटान पीड़ित सड़क पर आशियाना बनाकर रह रहे थे उनकी झोपड़ियों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। उधर, राप्ती नदी का पानी भी राम जानकी मार्ग के डेरवा से बैरियाखास जाने वाले संपर्क मार्ग के ऊपर बहने लगा है। इससे आसपास के गांवाें में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
बड़हलगंज क्षेत्र के मझवलिया बंधे के पास राप्ती नदी का पानी पहुंचने से खतरे की घंटी बजनी शुरू हो गई है। गांव के रामानंद यादव, बलवीर यादव, राजेन्द्र प्रसाद व राम प्रताप सहित ग्रामीणों का कहना है कि बंधें पर नोज की मरम्मत नहीं हुई है, जिससे कटान का खतरा भी बना हुआ है। खोहिया पट्टी के सोनू गुप्ता, अमरजीत गुप्ता, लखनौरी के सुनील तिवारी, मोहन पौहरिया के नित्यानंद तिवारी, हिंगुहार के कैलासपति विश्वकर्मा, सूबेदार नगर माझा के त्रिपुरेश तिवारी का कहना है कि नदी का पानी बढ़ने के साथ परेशानी बढ़ गई है।
बाढ़ राहत शिविर में कर्मचारी ही नहीं
बगहा देवार ज्ञानकोल, जैतपुर आदि बाढ़ प्रभावित गांवों के लिए मझवलिया के प्राथमिक विद्यालय और गुरुकुल इंटर कालेज में बाढ़ राहत शिविर बनाए गए हैं। बृहस्पतिवार को दोनों केंद्रों पर कोई कर्मचारी नहीं था। बाढ़ राहत चौकियों पर कोई बोर्ड या पोस्टर नहीं लगा था, जिससे पहचान हो सके। आसपास के अनूप सिंह, बलबीर यादव, रामसकल यादव, रूद्रेश तिवारी, रजनीश तिवारी आदि ने बताया कि बाढ़ राहत चौकियों पर ड्यूटी करने कोई कर्मचारी नहीं आते हैं। कागजों में बाढ़ राहत शिविर चल रहा है। खासकर बड़हलगंज जैसे बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लिए पिछली बाढ़ में 93 गांव प्रभावित थे। ऐसी स्थिति में राहत और बचाव कार्यों में देरी या अभाव से लोगों को बहुत परेशान कर सकता है।
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सीएमओ ने बगहा देवार गांव की बाढ़ चौकी का लिया जायजा
चिल्लूपार। बड़हलगंज के पटनाघाट व बगहा देवार गांव में बने बाढ़ चौकी का सीएमओ राजेश झा ने बृहस्पतिवार को जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डेरवा के प्रभारी डाॅ. श्रवन तिवारी से बाढ़ के संबंध में जानकारी ली। सीएमओ ने कहा कि बाढ़ चौकी पर स्वास्थ्य संबंधी सभी इंतजाम होना चाहिए। इसके अलावा सीएमओ ने डेरवा की मेडिकल टीम के साथ बगहा देवार, पटना घाट में कैंप कर दवा वितरित किया। बाढ़ खंड दो सिंचाई विभाग ने बगहा देवार गांव में हो रही कटान स्थल पर बचाव कार्य किया।
कोट
बरहज में सरयू नदी खतरे के निशान से 60 सेंटीमीटर ऊपर है। राप्ती खतरे के निशान से अभी नीचे बह रही है। दोनों नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी जारी है। बगहा देवार में कटान नियंत्रण में है। मझवलिया तटबंध के नोज के पास लॉचिंग एप्रन का कार्य हुआ है। सभी तटबंध सुरक्षित हैं। नदियों के जलस्तर की निगरानी की जा रही है। सभी विभाग के सहायक अभियंता और जेई बाढ़ क्षेत्र में जमें हुए हैं।
- वैभव सिंह, अधिसाशी अभियंता, बाढ़ खंड दो, सिंचाई विभाग गोरखपुर
राप्ती और सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। तहसील कर्मियों की बैठक कर बाढ़ से निपटने के लिए सभी बिंदुओं पर निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ राहत शिविर पर तैनात किए गए कर्मचारी अगर मौके पर नहीं मिलेंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- अमित कुमार सिंह, एसडीएम, गोला
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बड़हलगंज क्षेत्र के मझवलिया बंधे के पास राप्ती नदी का पानी पहुंचने से खतरे की घंटी बजनी शुरू हो गई है। गांव के रामानंद यादव, बलवीर यादव, राजेन्द्र प्रसाद व राम प्रताप सहित ग्रामीणों का कहना है कि बंधें पर नोज की मरम्मत नहीं हुई है, जिससे कटान का खतरा भी बना हुआ है। खोहिया पट्टी के सोनू गुप्ता, अमरजीत गुप्ता, लखनौरी के सुनील तिवारी, मोहन पौहरिया के नित्यानंद तिवारी, हिंगुहार के कैलासपति विश्वकर्मा, सूबेदार नगर माझा के त्रिपुरेश तिवारी का कहना है कि नदी का पानी बढ़ने के साथ परेशानी बढ़ गई है।
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बाढ़ राहत शिविर में कर्मचारी ही नहीं
बगहा देवार ज्ञानकोल, जैतपुर आदि बाढ़ प्रभावित गांवों के लिए मझवलिया के प्राथमिक विद्यालय और गुरुकुल इंटर कालेज में बाढ़ राहत शिविर बनाए गए हैं। बृहस्पतिवार को दोनों केंद्रों पर कोई कर्मचारी नहीं था। बाढ़ राहत चौकियों पर कोई बोर्ड या पोस्टर नहीं लगा था, जिससे पहचान हो सके। आसपास के अनूप सिंह, बलबीर यादव, रामसकल यादव, रूद्रेश तिवारी, रजनीश तिवारी आदि ने बताया कि बाढ़ राहत चौकियों पर ड्यूटी करने कोई कर्मचारी नहीं आते हैं। कागजों में बाढ़ राहत शिविर चल रहा है। खासकर बड़हलगंज जैसे बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लिए पिछली बाढ़ में 93 गांव प्रभावित थे। ऐसी स्थिति में राहत और बचाव कार्यों में देरी या अभाव से लोगों को बहुत परेशान कर सकता है।
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सीएमओ ने बगहा देवार गांव की बाढ़ चौकी का लिया जायजा
चिल्लूपार। बड़हलगंज के पटनाघाट व बगहा देवार गांव में बने बाढ़ चौकी का सीएमओ राजेश झा ने बृहस्पतिवार को जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डेरवा के प्रभारी डाॅ. श्रवन तिवारी से बाढ़ के संबंध में जानकारी ली। सीएमओ ने कहा कि बाढ़ चौकी पर स्वास्थ्य संबंधी सभी इंतजाम होना चाहिए। इसके अलावा सीएमओ ने डेरवा की मेडिकल टीम के साथ बगहा देवार, पटना घाट में कैंप कर दवा वितरित किया। बाढ़ खंड दो सिंचाई विभाग ने बगहा देवार गांव में हो रही कटान स्थल पर बचाव कार्य किया।
कोट
बरहज में सरयू नदी खतरे के निशान से 60 सेंटीमीटर ऊपर है। राप्ती खतरे के निशान से अभी नीचे बह रही है। दोनों नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी जारी है। बगहा देवार में कटान नियंत्रण में है। मझवलिया तटबंध के नोज के पास लॉचिंग एप्रन का कार्य हुआ है। सभी तटबंध सुरक्षित हैं। नदियों के जलस्तर की निगरानी की जा रही है। सभी विभाग के सहायक अभियंता और जेई बाढ़ क्षेत्र में जमें हुए हैं।
- वैभव सिंह, अधिसाशी अभियंता, बाढ़ खंड दो, सिंचाई विभाग गोरखपुर
राप्ती और सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। तहसील कर्मियों की बैठक कर बाढ़ से निपटने के लिए सभी बिंदुओं पर निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ राहत शिविर पर तैनात किए गए कर्मचारी अगर मौके पर नहीं मिलेंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- अमित कुमार सिंह, एसडीएम, गोला