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Gorakhpur News: लंबित समस्याओं के निस्तारण न होने पर ठेकेदारों में आक्रोश, सौंपा ज्ञापन
Fri, 13 Sep 2024 03:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 13 Sep 2024 03:48 AM IST
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गोरखपुर। पीडब्ल्यूडी के ठेकेदारों ने विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को गोरखपुर मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। पैदल मार्च निकालकर मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंपा। आदर्श पूर्वांचल ठेकेदार समिति के अध्यक्ष शरद कुमार सिंह की अगुवाई में ठेकेदारों ने चेताया कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
पीडब्ल्यूडी से जुड़े प्रदेश के ठेकेदारों की विभिन्न समस्याओं के संबंध में विभाग और शासन को कई बार पत्रक दिया गया है, लेकिन इसका संज्ञान अधिकारी नहीं ले रहे हैं। इसलिए उत्तर प्रदेश ठेकेदार कल्याण समिति की ओर से प्रत्येक क्षेत्रीय मुख्यालय पर छह सूत्रीय मांगों को लेकर एक दिवसीय प्रदर्शन किया गया। आदर्श पूर्वांचल ठेकेदार समिति ने डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ भवन से पैदल मार्च करके मुख्य अभियंता को ज्ञापन सौंपा।
इसमें पांच वर्षीय अनुरक्षण को परीक्षण के बाद लागू करने और तब तक के लिए दो वर्षीय अनुरक्षण प्रक्रिया अपनाने, राॅयल्टी में छह गुना दंड समाप्त किए जाने या रायल्टी ठेकेदारों के देयक से कटौती करने, डिपाजिट में पड़े ठेकेदारों की जमानत धनराशि और बिटुमिन बुकिंग की धनराशि एवं लैप्स धनराशि को ब्याज सहित तत्काल वापस करने अथवा पुरानी भुगतान विधि ही लागू करने, निविदा में दो प्रतिशत जमानत धनराशि वित्तीय हस्तपुस्तिका के अनुसार लेने के साथ ही ग्रामीण मार्गों के नवनिर्माण कार्यों में ढुलाई की दरें देते हुए इसे शेड्यूल्ड ऑफ रेट में शामिल करने और शेड्यूल्ड ऑफ रेट 4 या 5 वर्ष पर रिवाइज करने के बजाय छह माह पर रिवाइज करने की मांग रखी गई। इस दौरान गोरखपुर के साथ ही देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज जनपद के ठेकेदार उपस्थित रहे।
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पीडब्ल्यूडी से जुड़े प्रदेश के ठेकेदारों की विभिन्न समस्याओं के संबंध में विभाग और शासन को कई बार पत्रक दिया गया है, लेकिन इसका संज्ञान अधिकारी नहीं ले रहे हैं। इसलिए उत्तर प्रदेश ठेकेदार कल्याण समिति की ओर से प्रत्येक क्षेत्रीय मुख्यालय पर छह सूत्रीय मांगों को लेकर एक दिवसीय प्रदर्शन किया गया। आदर्श पूर्वांचल ठेकेदार समिति ने डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ भवन से पैदल मार्च करके मुख्य अभियंता को ज्ञापन सौंपा।
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इसमें पांच वर्षीय अनुरक्षण को परीक्षण के बाद लागू करने और तब तक के लिए दो वर्षीय अनुरक्षण प्रक्रिया अपनाने, राॅयल्टी में छह गुना दंड समाप्त किए जाने या रायल्टी ठेकेदारों के देयक से कटौती करने, डिपाजिट में पड़े ठेकेदारों की जमानत धनराशि और बिटुमिन बुकिंग की धनराशि एवं लैप्स धनराशि को ब्याज सहित तत्काल वापस करने अथवा पुरानी भुगतान विधि ही लागू करने, निविदा में दो प्रतिशत जमानत धनराशि वित्तीय हस्तपुस्तिका के अनुसार लेने के साथ ही ग्रामीण मार्गों के नवनिर्माण कार्यों में ढुलाई की दरें देते हुए इसे शेड्यूल्ड ऑफ रेट में शामिल करने और शेड्यूल्ड ऑफ रेट 4 या 5 वर्ष पर रिवाइज करने के बजाय छह माह पर रिवाइज करने की मांग रखी गई। इस दौरान गोरखपुर के साथ ही देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज जनपद के ठेकेदार उपस्थित रहे।
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