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एम्स: नमूने एकत्रित करने के वैज्ञानिक तरीकों की दी गई जानकारी
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एम्स में पोस्टमाॅर्टम एवं फॉरेंसिक कार्य में ''''अभिविन्यास प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण'''' कार्यशाला
गोरखपुर। एम्स के फॉरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी विभाग में सोमवार को पुलिस अधिकारियों के लिए ‘अभिविन्यास प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रम’ आयोजित किया गया। इस दौरान घटनास्थल से नमूना एकत्रित करते वक्त बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी गई।
फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग की डॉ. मनोज बी. पर्चाके (विभागाध्यक्ष), डॉ. यशवंत कुमार सिंह, डॉ. आशीष सराफ तथा डॉ. नवनीत अटेरिया ने डॉक्टरों एवं पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षित किया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों को अपराध स्थल के वैज्ञानिक प्रबंधन, साक्ष्य की श्रृंखला बनाए रखने, जैविक नमूनों के सुरक्षित संरक्षण एवं प्रेषण, विधिक दस्तावेजीकरण और चिकित्सकीय एवं अन्वेषण टीमों के बीच समन्वय जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई। व्यावहारिक जानकारियों को साझा कर पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञों के बीच सहयोग को और मजबूत बनाने पर विशेष बल दिया गया।
इस दौरान कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता, सीएमओ डॉ. राजेश झा, एसीएमओ डॉ. एके चौधरी, एसपी क्राइम सुधीर जायसवाल आदि मौजूद रहे।
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गोरखपुर। एम्स के फॉरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी विभाग में सोमवार को पुलिस अधिकारियों के लिए ‘अभिविन्यास प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रम’ आयोजित किया गया। इस दौरान घटनास्थल से नमूना एकत्रित करते वक्त बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी गई।
फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग की डॉ. मनोज बी. पर्चाके (विभागाध्यक्ष), डॉ. यशवंत कुमार सिंह, डॉ. आशीष सराफ तथा डॉ. नवनीत अटेरिया ने डॉक्टरों एवं पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षित किया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों को अपराध स्थल के वैज्ञानिक प्रबंधन, साक्ष्य की श्रृंखला बनाए रखने, जैविक नमूनों के सुरक्षित संरक्षण एवं प्रेषण, विधिक दस्तावेजीकरण और चिकित्सकीय एवं अन्वेषण टीमों के बीच समन्वय जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई। व्यावहारिक जानकारियों को साझा कर पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञों के बीच सहयोग को और मजबूत बनाने पर विशेष बल दिया गया।
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इस दौरान कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता, सीएमओ डॉ. राजेश झा, एसीएमओ डॉ. एके चौधरी, एसपी क्राइम सुधीर जायसवाल आदि मौजूद रहे।