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Gorakhpur News: नए शोध में दावा... किसी भी स्टेज के कैंसर को ठीक करेगा मैग्नीशियम

Wed, 17 Sep 2025 01:47 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 17 Sep 2025 01:47 AM IST
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Gorakhpur News: A new hopeful discovery has come to light regarding the treatment of a serious disease like cancer.
डीडीयू के भौतिकी के प्रो. राकेश तिवारी और शोधार्थी मुरलीधर का रिसर्च ''''एल्सेवियर'''' जर्नल में प्रकाशित
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बिना कीमोथेरेपी के भी कैंसर की कोशिकाओं को खत्म करने में सक्षम है मैग्नीशियम
गोरखपुर। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज को लेकर एक नई उम्मीद जगाने वाली खोज सामने आई है। विभिन्न सब्जियों और फलों में पाए जाने वाले मैग्नीशियम से इसका इलाज संभव है। कैंसर के वर्तमान इलाज में कीमोथेरेपी के दौरान सिकाई में भी कैंसर की कोशिकाएं बच जाती हैं। अब नए शोध में दावा किया गया है कि लैब में प्रयोग के दौरान मैग्नीशियम से कैंसर की कोशिकाएं बननी न सिर्फ बंद हुईं बल्कि पुरानी कैंसर की कोशिकाएं भी ठीक हो गईं।

यह शोध किया है दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग के प्रोफेसर राकेश कुमार तिवारी और उनके शोधार्थी मुरलीधर ने। यह शोध नीदरलैंड के प्रतिष्ठित जर्नल समूह एल्सेवियर के ''''कंप्युटेशनल एंड थ्योरेटिकल केमिस्ट्री'''' में प्रकाशित हुआ है। शोध में पाया गया कि मैग्नीशियम धातु की उपस्थिति में डीएनए टोपोआइसोमेरेज- आईए एंजाइम डीएनए की संरचना (टोपोलॉजी) को प्राकृतिक रूप में बनाए रखने और सही ढंग से जोड़ने की क्षमता रखता है। यह परिणाम संकेत देता है कि भविष्य में मैग्नीशियम के प्राकृतिक स्रोत जैसे फल और सब्जियों को कैंसर कीमोथेरेपी में उपयोग करके स्थायी इलाज किया जा सकता है।
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शोधार्थी मुरलीधर के मुताबिक, छोटी-छोटी कोशिकाओं से मिलकर शरीर बना होता है। कोशिकाओं को बनाने का कार्य डीएनए का होता है। टोपोआइसोमेरेज एंजाइम डीएनए से बनने वाली नई कोशिकाएं बनाने में सहायक होता है। यदि ये सही तरीके से डीएनए को जोड़ रहा है तो कोशिकाएं पहले की तरह काम करेंगी लेकिन यदि सही तरीके से नहीं जोड़ पाया तो कैंसर कोशिका में परिवर्तित हो जाती हैं।
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80-90 प्रतिशत तक पाई गई एक्यूरेसी
वैज्ञानिकों ने इस शोध में कैंसर कोशिका से नया स्ट्रक्चर उठाया। एंजाइम टोपोआइसोमेरेज को लिया और उसमें मैग्नीशियम आयन डाल दिया। मैग्नीशियम आयन डालने के बाद यह तथ्य सामने आया कि कोशिकाएं उचित तरीके से जुड़ गईं। जहां-जहां कोशिकाएं गलत ढंग से जुड़ी थीं, वे भी मोडिफाई हो गईं। शोध में इसकी एक्यूरेसी 80-90 प्रतिशत तक पाई गई है। शोध में यह भी पाया गया है कि बिना कीमोथेरेपी के भी एंजाइम टोपोआइसोमेरेज में मैग्नीशियम आयन डालकर कैंसर जैसे असाध्य रोग से निदान पाया जा सकता है।


प्रतिदिन बनती-टूटती हैं कोशिकाएं
कोशिकाएं डीएनए के आदेशित करने पर बनती हैं। कोशिकाएं प्रतिदिन टूटती-बनती हैं। यही स्वस्थ शरीर की पहचान है। अस्वस्थ हो जाने पर कोशिकाएं टूटेंगी नहीं बल्कि बढ़ती जाएंगी। टोपोआइसोमेरेज कोशिकाओं को जोड़ने का कार्य करता है।
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