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Gorakhpur News: रेलवे ट्रैक के पास हाथी के आते ही बजेगा हूटर, ट्रेन के इंजन में अलाॅर्म

Sun, 12 Oct 2025 01:27 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 12 Oct 2025 01:27 AM IST
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Gorakhpur News: A hooter will sound as soon as an elephant comes near the railway track, and an alarm will sound in the train engine.
एनईआर में तीन हाथी विचरण वाले रेल क्षेत्रों में ट्रैक पर लग रहा एलीफेंट इंट्रूशन डिटेक्शन सिस्टम
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इस सिस्टम से एक किलोमीटर पहले ही पता चल जाएगा ट्रैक के पास है हाथी, अलर्ट हो जाएंगे चालक, गेटमैन


आरडीएसओ इस सिस्टम को कर चुका है मंजूर, जल्द शुरू होगा ट्रायल



गोरखपुर। अब पूर्वोत्तर रेलवे के जंगल वाले इलाकों में हादसे में हाथियों की मौत पर अंकुश लगाने की तैयारी है। अब जैसे ही हाथी रेल ट्रैक के किनारे आएगा पास के गेटमैन केबिन में हूटर बजने लगेगा और इंजन में लोको पायलट (चालक) को भी ऑडियो संदेश मिलने लगेगा। इसके बाद ट्रेनों की गति धीमी कर दी जाएगी। इसके लिए इज्जतनगर मंडल के तीन हाथी विचरण वाले रेल क्षेत्रों में एलीफेंट इंट्रूशन डिटेक्शन सिस्टम लगाया जा रहा है।



हल्द्वानी, पंतनगर और लालकुआं के पास जंगल से होकर गुजरने वाले रेलवे ट्रैक के पास अक्सर हाथियों का झुंड आ जाता है। कई बार हादसे हो चुके हैं जिनमें हाथियों की जान जा चुकी है। हादसों को रोकने के लिए रेल प्रशासन ने एआई आधारित एलीफेंट इंट्रूशन डिटेक्शन सिस्टम लगाने का निर्णय लिया है।
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रेल प्रशासन की योजना के मुताबिक, 24.1 किमी लंबाई में यह सिस्टम लगाया जाएगा और इसके लिए करीब 15 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस सिस्टम को लगाने की शुरूआत हो चुकी है। जल्द ही इसे लगाने के बाद ट्रायल किया जाएगा।
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हाथियों के पैरों के कंपन को महसूस कर सिस्टम देगा संकेत



एलीफेंट इंट्रूशन डिटेक्शन सिस्टम प्रेशर-वेव्स आधारित तकनीक है। इसके लिए रेलवे ट्रैक के किनारे ऑप्टिकल फाइबर केबल्स बिछाई जाती है। यह सिस्टम प्रेशर-वेव्स को महसूस करके हाथियों के पैरों के कंपन को पहचान लेगा और फिर ऑप्टिकल फाइबर केबल के जरिये नजदीकी स्टेशन मास्टर, गेट केबिन और सेंट्रल ट्रेन कंट्रोल रूम को सिग्नल भेजेगा। वहीं, ड्राइवर को उसके केबिन में ऑडियो सिग्नल मिलने लगेगा। इसके जरिये रेलवे लाइन पर हाथियों के विचरण का पता 600 से 700 मीटर दूर से ही चल जाएगा।




कहां, कितनी दूरी में लगेगा सिस्टम



लालकुआं-हल्दी रोड-छतरपुर 3.9 किमी



लालकुआं-गुलारभोज 15.8 किमी



पंतनगर-लालकुआं-हल्द्वानी 4.4 किमी



वर्जन



इज्जतनगर मंडल में तीन रेलखंडों पर एआई आधारित एलिफेंट इंट्रूशन डिटेक्शन सिस्टम लगाया जा रहा है। इसके लगने के बाद रेलवे ट्रैक के किनारे एक निश्चित दूरी पर हाथी के आते ही लोको पायलट, स्टेशन मास्टर और गेटमैन को संकेत मिलने लगेगा। इससे ट्रेन को नियंत्रित कर संभावित दुर्घटना को बचाया जा सकेगा।



-पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ, एनईआर
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