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Gorakhpur News: गोरखपुर में बनेगा 25 एकड़ का स्पंज गार्डन, पर्यावरण और जल संरक्षण पर जोर
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जिले के गिरते भूजल को सुधारने के लिए लिया गया है निर्णय
50 करोड़ रुपये होंगे खर्च, महेसरा में बनाया जाएगा
गोरखपुर। जिले के भूजल में हर साल गिरावट हो रही है। इसे देखते हुए नगर निगम महेसरा में इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग स्टेशन और सीएंडडीएस प्लांट के पास 25 एकड़ जमीन पर शहर का पहला स्पंज गार्डन बनाने जा रहा है। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत इस परियोजना पर 50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष इसे प्रस्तुत किया जाएगा। यहां से सहमति मिलने के बाद इसे शासन की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि भूजल के दोहन को देखते हुए स्पंज पार्क बनाने का निर्णय लिया गया है। गार्डन का उद्देश्य वर्षा जल का प्राकृतिक और प्रभावी प्रबंधन करना है। इसे अपनाने से न केवल शहरी बाढ़ का जोखिम कम होगा, बल्कि जल प्रदूषण पर नियंत्रण लगाने के साथ पर्यावरणीय स्थायित्व में वृद्धि भी होगी।
क्या होता है स्पंज गार्डन -
स्पंज गार्डन एक उन्नत लैंडस्केप डिजाइन है, जो वर्षा जल प्रबंधन, जलभराव की समस्या को कम करने और भूजल स्तर को बढ़ाने में मदद करता है। यह पार्क जैव विविधता को बढ़ावा देगा, शहरी बाढ़ और जल प्रदूषण को नियंत्रित करेगा, साथ ही पर्यावरणीय स्थिरता को मजबूत करेगा। मियावाकी तकनीक से घने जंगल विकसित किए जाएंगे, जो कार्बन डाइऑक्साइड को कम करने में सहायक होंगे।
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ये सुविधाएं मिलेंगी पार्क में
- मियावाकी और टेरेस पौधरोपण
- वाटर हार्वेस्टिंग, स्ट्रॉम वाटर वेटलैंड, प्राकृतिक तालाब, तालाब पर पुल और बोटिंग।
- भूलभुलैया, कैफेटेरिया, गजिबो, योगा गार्डन, किड्स प्ले जोन, ओपन जिम, एडवेंचर जोन।
- कियोस्क, पाथवे, पार्किंग, टॉयलेट ब्लॉक, स्मारिका दुकान, इंटरप्रिटेशन सेंटर, कम्युनिटी पवेलियन।
कोट
जिले के गिरते भूजल को बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मनोरंजन और पर्यटकों को आकर्षित करना हमारा लक्ष्य है। यह पार्क गोरखपुर में अपनी तरह का अनूठा और समृद्ध स्थल होगा। कार्ययोजना बनाकर तैयार कर ली गई है। जल्द ही मुख्यमंत्री के सामने इसे प्रस्तुत किया जाएगा।
- अमित शर्मा, मुख्य अभियंता, नगर निगम
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50 करोड़ रुपये होंगे खर्च, महेसरा में बनाया जाएगा
गोरखपुर। जिले के भूजल में हर साल गिरावट हो रही है। इसे देखते हुए नगर निगम महेसरा में इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग स्टेशन और सीएंडडीएस प्लांट के पास 25 एकड़ जमीन पर शहर का पहला स्पंज गार्डन बनाने जा रहा है। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत इस परियोजना पर 50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष इसे प्रस्तुत किया जाएगा। यहां से सहमति मिलने के बाद इसे शासन की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि भूजल के दोहन को देखते हुए स्पंज पार्क बनाने का निर्णय लिया गया है। गार्डन का उद्देश्य वर्षा जल का प्राकृतिक और प्रभावी प्रबंधन करना है। इसे अपनाने से न केवल शहरी बाढ़ का जोखिम कम होगा, बल्कि जल प्रदूषण पर नियंत्रण लगाने के साथ पर्यावरणीय स्थायित्व में वृद्धि भी होगी।
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क्या होता है स्पंज गार्डन -
स्पंज गार्डन एक उन्नत लैंडस्केप डिजाइन है, जो वर्षा जल प्रबंधन, जलभराव की समस्या को कम करने और भूजल स्तर को बढ़ाने में मदद करता है। यह पार्क जैव विविधता को बढ़ावा देगा, शहरी बाढ़ और जल प्रदूषण को नियंत्रित करेगा, साथ ही पर्यावरणीय स्थिरता को मजबूत करेगा। मियावाकी तकनीक से घने जंगल विकसित किए जाएंगे, जो कार्बन डाइऑक्साइड को कम करने में सहायक होंगे।
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ये सुविधाएं मिलेंगी पार्क में
- मियावाकी और टेरेस पौधरोपण
- वाटर हार्वेस्टिंग, स्ट्रॉम वाटर वेटलैंड, प्राकृतिक तालाब, तालाब पर पुल और बोटिंग।
- भूलभुलैया, कैफेटेरिया, गजिबो, योगा गार्डन, किड्स प्ले जोन, ओपन जिम, एडवेंचर जोन।
- कियोस्क, पाथवे, पार्किंग, टॉयलेट ब्लॉक, स्मारिका दुकान, इंटरप्रिटेशन सेंटर, कम्युनिटी पवेलियन।
कोट
जिले के गिरते भूजल को बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मनोरंजन और पर्यटकों को आकर्षित करना हमारा लक्ष्य है। यह पार्क गोरखपुर में अपनी तरह का अनूठा और समृद्ध स्थल होगा। कार्ययोजना बनाकर तैयार कर ली गई है। जल्द ही मुख्यमंत्री के सामने इसे प्रस्तुत किया जाएगा।
- अमित शर्मा, मुख्य अभियंता, नगर निगम