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Gorakhpur News: रेलवे में नौकरी का झांसा देकर 18 लाख की ठगी, सात पर केस
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पीपीगंज। रेलवे में क्लर्क पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर दो युवकों से 18 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीपीगंज थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर आठ, शक्तिनगर हरपुर निवासी दीपभान और जितेंद्र कुमार साहनी ने इस संबंध में तहरीर दी। पुलिस ने युवती सत्यरूपा सिंह समेत सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ितों के अनुसार, सहजनवां थाना क्षेत्र के सिसई निवासी सत्यरूपा सिंह से वर्ष 2018 में उनकी मुलाकात हुई। युवती ने खुद को रेलवे में टिकट कलेक्टर बताया और दावा किया कि वह रेलवे के ग्रुप डी क्लर्क पद पर नौकरी दिलवा सकती है। भरोसे में आकर वर्ष 2024 में दीपभान और जितेंद्र कुमार ने नौ-नौ लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। कई महीने बीत जाने के बाद भी न तो नौकरी मिली और न ही रुपये लौटाए गए। जब युवकों ने रुपये वापस मांगे तो उन्हें धमकियां और गालियां दी गईं। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि यह ठगी केवल सत्यरूपा सिंह ने नहीं की, बल्कि उसके सहयोगी अरुण कुमार, मानवेंद्र कुमार, सत्यम सिंह, अंकुर मिश्रा और बालमुकुंद भी इसमें शामिल थे। थाना प्रभारी प्रभु दयाल सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज बनाने और धमकी देने का केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।
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पीड़ितों के अनुसार, सहजनवां थाना क्षेत्र के सिसई निवासी सत्यरूपा सिंह से वर्ष 2018 में उनकी मुलाकात हुई। युवती ने खुद को रेलवे में टिकट कलेक्टर बताया और दावा किया कि वह रेलवे के ग्रुप डी क्लर्क पद पर नौकरी दिलवा सकती है। भरोसे में आकर वर्ष 2024 में दीपभान और जितेंद्र कुमार ने नौ-नौ लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। कई महीने बीत जाने के बाद भी न तो नौकरी मिली और न ही रुपये लौटाए गए। जब युवकों ने रुपये वापस मांगे तो उन्हें धमकियां और गालियां दी गईं। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि यह ठगी केवल सत्यरूपा सिंह ने नहीं की, बल्कि उसके सहयोगी अरुण कुमार, मानवेंद्र कुमार, सत्यम सिंह, अंकुर मिश्रा और बालमुकुंद भी इसमें शामिल थे। थाना प्रभारी प्रभु दयाल सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज बनाने और धमकी देने का केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।
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