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Gorakhpur News: फरेंदा के पांच गांवों की 15 हेक्टेयर जमीन होगी अधिग्रहित
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जमीन अधिग्रहण के लिए अधिसूचना जारी, एक माह में किसानों से मांगी गई आपत्ति
नई रेल लाइन के बिछने से बिहार की ट्रेनों को चलाने के लिए मिलेगा वैकल्पिक रूट
गोरखपुर। आनंदनगर-घुघली नई रेल लाइन परियोजना (52.7 किमी) निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। महराजगंज के फरेंदा तहसील के पांच गांवों की भूमि अधिग्रहण करने के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। इन गांवों के किसानों से एक माह के भीतर आपत्तियां मांगी गई है। अब तक इस रूट पर 38 गांवों की भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
उधर, महराजगंज से घुघली के बीच निर्माण के लिए रेल प्रशासन ने टेंडर फाइनल कर एजेंसी नामित कर दिया है। जल्द ही रेल लाइन बिछाने के लिए काम शुरू होने की उम्मीद है। इसके बनने से बिहार रूट की ट्रेनों को चलाने के लिए एक नई रेल लाइन का विकल्प मिल जाएगा।
आनंदनगर-घुघली नई रेल लाइन महराजगंज जिले से होकर गुजरेगी और इसे 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। करीब 958.27 करोड़ की लागत से बन रही इस लाइन से गोंडा और पनियहवा के बीच की दूरी 42 किमी कम हो जाएगी। परियोजना के पहले चरण में घुघली से महराजगंज तक और दूसरे चरण में महराजगंज से आनंदनगर तक निर्माण कार्य होगा। जानकारी के मुताबिक, रेलवे ने जंगल जोगियाबारी, अलदहिया महादेवा, गोपलापुर, कम्हरिया खुर्द, सेमराडाडी में 15.46 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित करने के लिए अधिसूचना जारी कर दिया है। इसमें कुल 201 आराजी नंबर की भूमि किसानों से ली जाएगी। पहले फेज में घुघली से महराजगंज तक रेल लाइन बनाई जाएगी। महुअवा में रेलवे स्टेशन के लिए भूमि पूजन भी कार्यदायी संस्था की ओर से किया जा चुका है। जिन घरों की जमीन परियोजना में आ रही है, उन्हें हटाने के लिए नोटिस जारी किया जा रहा है।
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कोट
आनंदनगर से घुघली वाया महराजगंज नई रेलवे लाइन परियोजना के अंतर्गत प्रथम फेज का भूमि अधिग्रहण पूरा होने के साथ ही टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। जल्दी ही इसमें फिजिकल कार्य शुरू होगा। दूसरे चरण के काम के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। नई रेल लाइन बनने से गोरखपुर को बाईपास करते हुए एक अतिरिक्त रेलमार्ग मिलेगा। महाराजगंज जिला मुख्यालय रेलमार्ग से जुड़ जाएगा।
- पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ, एनईआर
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नई रेल लाइन के बिछने से बिहार की ट्रेनों को चलाने के लिए मिलेगा वैकल्पिक रूट
गोरखपुर। आनंदनगर-घुघली नई रेल लाइन परियोजना (52.7 किमी) निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। महराजगंज के फरेंदा तहसील के पांच गांवों की भूमि अधिग्रहण करने के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। इन गांवों के किसानों से एक माह के भीतर आपत्तियां मांगी गई है। अब तक इस रूट पर 38 गांवों की भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
उधर, महराजगंज से घुघली के बीच निर्माण के लिए रेल प्रशासन ने टेंडर फाइनल कर एजेंसी नामित कर दिया है। जल्द ही रेल लाइन बिछाने के लिए काम शुरू होने की उम्मीद है। इसके बनने से बिहार रूट की ट्रेनों को चलाने के लिए एक नई रेल लाइन का विकल्प मिल जाएगा।
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आनंदनगर-घुघली नई रेल लाइन महराजगंज जिले से होकर गुजरेगी और इसे 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। करीब 958.27 करोड़ की लागत से बन रही इस लाइन से गोंडा और पनियहवा के बीच की दूरी 42 किमी कम हो जाएगी। परियोजना के पहले चरण में घुघली से महराजगंज तक और दूसरे चरण में महराजगंज से आनंदनगर तक निर्माण कार्य होगा। जानकारी के मुताबिक, रेलवे ने जंगल जोगियाबारी, अलदहिया महादेवा, गोपलापुर, कम्हरिया खुर्द, सेमराडाडी में 15.46 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित करने के लिए अधिसूचना जारी कर दिया है। इसमें कुल 201 आराजी नंबर की भूमि किसानों से ली जाएगी। पहले फेज में घुघली से महराजगंज तक रेल लाइन बनाई जाएगी। महुअवा में रेलवे स्टेशन के लिए भूमि पूजन भी कार्यदायी संस्था की ओर से किया जा चुका है। जिन घरों की जमीन परियोजना में आ रही है, उन्हें हटाने के लिए नोटिस जारी किया जा रहा है।
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कोट
आनंदनगर से घुघली वाया महराजगंज नई रेलवे लाइन परियोजना के अंतर्गत प्रथम फेज का भूमि अधिग्रहण पूरा होने के साथ ही टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। जल्दी ही इसमें फिजिकल कार्य शुरू होगा। दूसरे चरण के काम के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। नई रेल लाइन बनने से गोरखपुर को बाईपास करते हुए एक अतिरिक्त रेलमार्ग मिलेगा। महाराजगंज जिला मुख्यालय रेलमार्ग से जुड़ जाएगा।
- पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ, एनईआर