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Gorakhpur News: महेवा मंडी के कारोबारियों का 100 टन सेब कश्मीर में फंसा
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जम्मू कश्मीर में बाढ़ व रास्ते खराब होने के कारण नहीं आ पा रहा माल
प्रतिदिन 30 टन सेब की खपत, शिमला से 14 से 16 टन की ही आपूर्ति
गोरखपुर। जम्मू कश्मीर में बाढ़ और रास्ते के खराब हो जाने का असर कश्मीरी सेब के आवक पर पड़ रहा है। कश्मीर से सेब की आवक नहीं हो पा रही है। जिले के व्यापारियों का लगभग 100 टन से अधिक सेब कश्मीर में डंप पड़ा हुआ है। फिलहाल हिमाचल प्रदेश से आने वाला सेब मांग की पूर्ति कर रहा है।
बताया जा रहा है कि महेवा मंडी में प्रतिदिन लगभग 30 टन के आसपास सेब की आवक हाेती है। हिमाचल प्रदेश के शिमला से लगभग 14 से 16 टन सेब प्रतिदिन मंडी में आ पा रहा है। मांग के सापेक्ष आपूर्ति आधी रह जाने का असर सेब की कीमतों पर भी पड़ रहा है। कश्मीरी सेब के लिए यहां के व्यापारियों ने ऑर्डर दिया है लेकिन बाढ़ और खराब रास्ते के कारण सेब वहीं फंसा हुआ है।
गोरखपुर फूड्स एसोसिएशन के महामंत्री विजय कुमार सोनकर ने बताया कि मंडी में सेब की आवक कुछ कम हो गई है। कश्मीर से सेब नहीं आ पा रहा है, जिसकी पूर्ति शिमला के सेब से की जा रही है। सरकार को चाहिए कि जल्द ही रास्ते ठीक कराए, ताकि व्यापार प्रभावित न हो। उनका कहना था कि कुछ ही दिनों के बाद नवरात्र शुरू हो रहा है। नवरात्र शुरू होने से पहले सेब की आवक शुरू हुई तो ही व्यापारियों तक त्योहारी सीजन में आसानी से सेब पहुंच सकेगा।
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प्रतिदिन 30 टन सेब की खपत, शिमला से 14 से 16 टन की ही आपूर्ति
गोरखपुर। जम्मू कश्मीर में बाढ़ और रास्ते के खराब हो जाने का असर कश्मीरी सेब के आवक पर पड़ रहा है। कश्मीर से सेब की आवक नहीं हो पा रही है। जिले के व्यापारियों का लगभग 100 टन से अधिक सेब कश्मीर में डंप पड़ा हुआ है। फिलहाल हिमाचल प्रदेश से आने वाला सेब मांग की पूर्ति कर रहा है।
बताया जा रहा है कि महेवा मंडी में प्रतिदिन लगभग 30 टन के आसपास सेब की आवक हाेती है। हिमाचल प्रदेश के शिमला से लगभग 14 से 16 टन सेब प्रतिदिन मंडी में आ पा रहा है। मांग के सापेक्ष आपूर्ति आधी रह जाने का असर सेब की कीमतों पर भी पड़ रहा है। कश्मीरी सेब के लिए यहां के व्यापारियों ने ऑर्डर दिया है लेकिन बाढ़ और खराब रास्ते के कारण सेब वहीं फंसा हुआ है।
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गोरखपुर फूड्स एसोसिएशन के महामंत्री विजय कुमार सोनकर ने बताया कि मंडी में सेब की आवक कुछ कम हो गई है। कश्मीर से सेब नहीं आ पा रहा है, जिसकी पूर्ति शिमला के सेब से की जा रही है। सरकार को चाहिए कि जल्द ही रास्ते ठीक कराए, ताकि व्यापार प्रभावित न हो। उनका कहना था कि कुछ ही दिनों के बाद नवरात्र शुरू हो रहा है। नवरात्र शुरू होने से पहले सेब की आवक शुरू हुई तो ही व्यापारियों तक त्योहारी सीजन में आसानी से सेब पहुंच सकेगा।
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