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जानिए कौन हैं गोरखपुर के नए एसएसपी, जिसने पांच घंटे में बचाई थी 15 लोगों की जान
Mon, 17 Aug 2020 04:08 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 17 Aug 2020 04:08 PM IST
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गोरखपुर के नवागत एसएसपी जोगिंदर कुमार।
- फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर के नवागत एसएसपी जोगिंदर कुमार ने कहा कि जनता को न्याय मिले और अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, यही हमारी प्राथमिकता होगी। जनता के साथ खड़े होकर उसको कानून की मदद कैसे दिलाई जाए इसकी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। अभी तक आगरा में एसपी रेलवे का दायित्व संभाल रहे जोगिंदर कुमार को गोरखपुर के एसएसपी की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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जानकारी के मुताबिक, मूल रूप से बाड़मेर, राजस्थान के रहने वाले जोगिंदर कुमार ने राजनीति विज्ञान में मास्टर डिग्री ली है। 2007 में वह भारतीय पुलिस सेवा में चयनित हुए थे। रविवार की देर रात फोन पर हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रखकर लोगों को सुरक्षा का अहसास कराना तथा जनता की समस्याओं का समाधान करना पुलिस का सबसे अहम और मूलभूत काम है। इस काम को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ किया जाएगा।
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भूमि संबंधी विवादों के अक्सर गंभीर रूप अख्तियार कर लेने की बात कहने पर उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग से तालमेल स्थापित कर इस तरह के विवादों को हल कराने की कोशिश की जाएगी। जिले की टॉप टेन सूची में शामिल बदमाशों और उनके गिरोह के सदस्यों के विरुद्ध अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। थाने के टॉप टेन बदमाशों के विरुद्ध भी अभियान चलाया जाएगा।
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पांच घंटे में बचाई थी दो बच्चों सहित 15 की जान
जोगिंदर कुमार 2012 में पड़ोसी जिले मऊ के एसपी थे। उस समय बदमाशों से मुठभेड़ के दौरान लगातार पांच घंटे तक आपरेशन चलाकर दो बच्चों सहित 15 की जान बचाई थी। हालांकि इस मुठभेड़ में एक इंस्पेक्टर शहीद हो गए थे। मऊ जिले के चिरैयाकोट इलाके में पुलिस ने दो बदमाशों का पीछा करना शुरू किया। दोनों एक मकान में घुस गए और अंदर मौजूद दो बच्चों सहित 15 लोगों को बंधक बना लिया और पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।
बंधक बनाए गए लोगों को बचाने के उद्देश्य से पुलिस बिना गोली चलाए बदमाशों को पकड़ने का प्रयास कर रही थी। इस कोशिश में शहर कोतवाल गोविंद सिंह को शहीद होना पड़ा था। इस बीच मौके पर पहुंचे जिले के कप्तान जोगिंदर कुमार ने सूझबूझ का परिचय देते हुए सभी बंधकों की जान बचा ली थी।
जोगिंदर कुमार 2012 में पड़ोसी जिले मऊ के एसपी थे। उस समय बदमाशों से मुठभेड़ के दौरान लगातार पांच घंटे तक आपरेशन चलाकर दो बच्चों सहित 15 की जान बचाई थी। हालांकि इस मुठभेड़ में एक इंस्पेक्टर शहीद हो गए थे। मऊ जिले के चिरैयाकोट इलाके में पुलिस ने दो बदमाशों का पीछा करना शुरू किया। दोनों एक मकान में घुस गए और अंदर मौजूद दो बच्चों सहित 15 लोगों को बंधक बना लिया और पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।
बंधक बनाए गए लोगों को बचाने के उद्देश्य से पुलिस बिना गोली चलाए बदमाशों को पकड़ने का प्रयास कर रही थी। इस कोशिश में शहर कोतवाल गोविंद सिंह को शहीद होना पड़ा था। इस बीच मौके पर पहुंचे जिले के कप्तान जोगिंदर कुमार ने सूझबूझ का परिचय देते हुए सभी बंधकों की जान बचा ली थी।