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गोरखपुर हत्याकांड: बीवी से संबंध का था शक, चचेरे भाई ने किया कत्ल; डेढ़ माह से मारने का मौका तलाश रहा था संतोष
Sun, 20 Sep 2026 04:24 PM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: Sharukh Khan
Updated Sun, 20 Sep 2026 04:24 PM IST
सार
गोरखपुर में कार्तिकेय उर्फ शुभम हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्या के आरोप में मृतक के चचेरे भाई को गिरफ्तार किया है। आरोपी को मृतक पर पत्नी से संबंध का शक था। 16 सितंबर की रात बांका से सिर और कान के पीछे चार वार कर हत्या की थी।
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Gorakhpur Murder Case
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
गोरखपुर के बांसगांव इलाके के कार्तिकेय उर्फ शुभम हत्याकांड का पुलिस ने शनिवार को पर्दाफाश कर दिया। पुलिस के मुताबिक, पत्नी से संबंध होने के शक में उसके चचेरे भाई संतोष मिश्रा ने ही कार्तिकेय की हत्या की थी। संतोष करीब डेढ़ माह से हत्या का मौका तलाश रहा था।
15 सितंबर की रात भी वह हत्या के इरादे से कार्तिकेय के पास पहुंचा था लेकिन उसके करवट लेने पर लौट गया। अगले दिन 16 सितंबर की रात करीब एक बजे उसने बांका से कार्तिकेय के सिर और कान के पीछे ताबड़तोड़ चार वार कर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल बांका, वारदात के समय पहनी गई रक्तरंजित बनियान और मोबाइल फोन बरामद किया है।
एसपी साउथ दिनेश पुरी ने बताया कि वारदात के बाद कार्तिकेय के चचेरे भाई विवेकानंद मिश्र ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की तहरीर दी थी। पर्दाफाश के लिए एसओजी, एंटीथेफ्ट, स्वॉट और सर्विलांस समेत आठ टीमें लगाई गईं। टीमों ने 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और करीब 300 मोबाइल नंबरों के सीडीआर की पड़ताल की।
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15 सितंबर की रात भी वह हत्या के इरादे से कार्तिकेय के पास पहुंचा था लेकिन उसके करवट लेने पर लौट गया। अगले दिन 16 सितंबर की रात करीब एक बजे उसने बांका से कार्तिकेय के सिर और कान के पीछे ताबड़तोड़ चार वार कर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल बांका, वारदात के समय पहनी गई रक्तरंजित बनियान और मोबाइल फोन बरामद किया है।
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एसपी साउथ दिनेश पुरी ने बताया कि वारदात के बाद कार्तिकेय के चचेरे भाई विवेकानंद मिश्र ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की तहरीर दी थी। पर्दाफाश के लिए एसओजी, एंटीथेफ्ट, स्वॉट और सर्विलांस समेत आठ टीमें लगाई गईं। टीमों ने 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और करीब 300 मोबाइल नंबरों के सीडीआर की पड़ताल की।
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पुलिस का दावा है कि सीडीआर की जांच में संतोष, उसकी पत्नी और कार्तिकेय के बीच बातचीत होने की पुष्टि हुई। बाद में दोनों के बीच बातचीत बंद हो गई थी। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली।
हंसी-मजाक के व्यवहार से भी था शक
ग्रामीणों के मुताबिक, कार्तिकेय मिलनसार और हंसी-मजाक करने वाला था। गांव में उसकी अच्छी पहचान थी और वह नशा नहीं करता था। पुलिस का कहना है कि संतोष कार्तिकेय के इसी व्यवहार को अपनी पत्नी से संबंध होने के शक से जोड़ता था। पुलिस के मुताबिक, यही शक धीरे-धीरे हत्या की वजह बन गया।
ग्रामीणों के मुताबिक, कार्तिकेय मिलनसार और हंसी-मजाक करने वाला था। गांव में उसकी अच्छी पहचान थी और वह नशा नहीं करता था। पुलिस का कहना है कि संतोष कार्तिकेय के इसी व्यवहार को अपनी पत्नी से संबंध होने के शक से जोड़ता था। पुलिस के मुताबिक, यही शक धीरे-धीरे हत्या की वजह बन गया।
बेटे पर लगे आरोप को मानने को तैयार नहीं पिता बोले - वह ऐसा लड़का नहीं था
शुभम की हत्या के बाद परिवार के लिए सबसे मुश्किल उसकी मौत की वजह को स्वीकार करना है। पिता स्वदेश मिश्रा बेटे पर आरोपी की पत्नी से संबंध होने के आरोप को मानने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि यदि आरोपी को शुभम पर शक था तो वह परिवार के सामने अपनी बात रख सकता था।
शुभम की हत्या के बाद परिवार के लिए सबसे मुश्किल उसकी मौत की वजह को स्वीकार करना है। पिता स्वदेश मिश्रा बेटे पर आरोपी की पत्नी से संबंध होने के आरोप को मानने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि यदि आरोपी को शुभम पर शक था तो वह परिवार के सामने अपनी बात रख सकता था।
उनका कहना है कि आरोपी की पत्नी को शुभम के साथ ब्यूटी पार्लर का काम सीखने और बैंक से रुपये निकालने के लिए भेजा जाता था। ऐसे में संदेह था तो पहले परिवार से बात क्यों नहीं की गई, यह सवाल उन्हें परेशान कर रहा है। वहीं, बड़े पिता नागेंद्र मिश्रा कहते हैं कि शुभम हंसमुख स्वभाव का था।
पढ़ाई-लिखाई के साथ घर के काम में भी हाथ बंटाता था। आरोपी का नाम सामने आने के बाद परिवार के लोग स्तब्ध हैं। उनके लिए शुभम की हत्या और उसके पीछे बताई जा रही वजह अब भी सवाल बनी हुई है। मां सुधा मिश्रा, भाई शिवम और बहन शालू के लिए घर में अब शुभम की यादें ही रह गई हैं।
परिजन कहते हैं कि वे उसे जिस रूप में जानते थे, उसके बारे में लगाए जा रहे आरोपों को स्वीकार करना उनके लिए मुश्किल है। उधर, आरोपी के परिजन घटना पर कुछ भी बोलने से बचते रहे।
खाना पहुंचाने के बहाने बना रहा था आवाजाही
पुलिस के मुताबिक, संतोष ग्राम प्रधान की गाड़ी चलाता था। दोनों चचेरे भाइयों के परिवारों में पहले से आना-जाना था। सामान्य आवाजाही बनाए रखने के लिए संतोष कार्तिकय के घर खाना भी भेजता था। वारदात वाले दिन भी रात करीब आठ बजे खाना पहुंचाया गया था।
पुलिस के मुताबिक, संतोष ग्राम प्रधान की गाड़ी चलाता था। दोनों चचेरे भाइयों के परिवारों में पहले से आना-जाना था। सामान्य आवाजाही बनाए रखने के लिए संतोष कार्तिकय के घर खाना भी भेजता था। वारदात वाले दिन भी रात करीब आठ बजे खाना पहुंचाया गया था।
परिजन के मुताबिक, संतोष को करीब डेढ़ माह पहले से अपनी पत्नी और कार्तिकेय के बीच संबंध होने का शक था। परिजन ने यह भी आरोप लगाया कि इसी शक में उसने पत्नी के साथ मारपीट की थी। उनके मुताबिक, इससे क्षुब्ध होकर पत्नी ने आत्महत्या की कोशिश भी की थी। हालांकि पुलिस के अनुसार, पूछताछ में संतोष ने 14 साल की शादी के दौरान पत्नी से कभी विवाद होने से इन्कार किया।
दोस्तों के बयान से खुला विरोधाभास
पुलिस के अनुसार, कार्तिकेय के दो दोस्त रोज सुबह करीब पांच से छह बजे उसे खेत की ओर जाने के लिए जगाने जाते थे। 17 सितंबर की सुबह भी दोनों वहां पहुंचे तो तख्त पर खून देखकर घबरा गए।
पुलिस के अनुसार, कार्तिकेय के दो दोस्त रोज सुबह करीब पांच से छह बजे उसे खेत की ओर जाने के लिए जगाने जाते थे। 17 सितंबर की सुबह भी दोनों वहां पहुंचे तो तख्त पर खून देखकर घबरा गए।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ में संतोष ने बताया था कि दो लोग कार्तिकेय के घर आए थे और वारदात कर चले गए। जांच में पुलिस को उसके इस बयान की पुष्टि नहीं मिली। दोस्तों और ग्रामीणों के बयानों से सामने आए तथ्यों के आधार पर संतोष से दोबारा पूछताछ की गई।
चचेरे भाई ने पत्नी से संबंध के शक में हत्या की थी। हत्यारोपी को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त बांका बरामद कर लिया गया है। दोपहर बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेजा गया है।- दिनेश कुमार पुरी, एसपी साउथ