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गोरखपुर महायोजना 2031: ट्रांसपोर्टनगर को आवासीय घोषित करने की मांग, 55 आपत्तिकर्ताओं ने रखा अपना पक्ष
Fri, 02 Dec 2022 12:42 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 02 Dec 2022 12:42 PM IST
सार
रामगढ़ चवरी की अनीता और स्वाति देवी ने कहा कि उनकी कॉलोनी में सैकड़ों की संख्या में मकान हैं, बावजूद इसके नई महायोजना में इस क्षेत्र को बफर जोन घोषित कर दिया गया है जो गलत है। गायघाट खुर्द से आए दिलीप कुमार ने महायोजना में प्रस्तावित 24 मीटर के रोड के प्रस्ताव को हटाने की मांग की।
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गोरखपुर विकास प्राधिकरण
- फोटो : Social Media
विस्तार
गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की नई महायोजना 2031 के प्रारूप को लेकर गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में चल रही सुनवाई के पांचवें दिन बृहस्पतिवार को 55 आपत्तिकर्ताओं ने अपना पक्ष रखा। सुबह 11 बजे से शुरू होकर दोपहर दो बजे के बाद तक चली सुनवाई में जीडीए ने 100 आपत्तिकर्ताओं को बुलाया था। इनमें से 45 नहीं आए।
ट्रांसपोर्टनगर से आए गिरीश चंद्र सिंह ने सुनवाई कर रही कमेटी के सामने अपना विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि महायोजना 2031 के प्रारूप में ट्रांसपोर्टनगर को ट्रक अड्डा दर्ज किया गया है जबकि वहां काफी संख्या में आवास एवं अन्य प्रतिष्ठान बन गए हैं। ऐसे में इसे आवासीय कर दिया जाए। मिर्जापुर के प्रमोद कुमार ने खुटहन का भू -उपयोग पार्क से आवासीय करने की अपील की।
इसी तरह बशारतपुर पूर्वी से पहुंची वीना कुमारी एवं संजीव गुप्ता ने कहा कि उनकी कॉलोनी की कुछ जमीन विनियमितिकरण की है जबकि मौके पर कई आवास बन चुके हैं। उनके आवास के आसपास के मकानों का मानचित्र भी स्वीकृत हैं। प्राधिकरण इसे नियमित कर दे।
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रामगढ़ चवरी की अनीता और स्वाति देवी ने कहा कि उनकी कॉलोनी में सैकड़ों की संख्या में मकान हैं, बावजूद इसके नई महायोजना में इस क्षेत्र को बफर जोन घोषित कर दिया गया है जो गलत है। गायघाट खुर्द से आए दिलीप कुमार ने महायोजना में प्रस्तावित 24 मीटर के रोड के प्रस्ताव को हटाने की मांग की। इसी तरह मंझरिया, पोरखभिंडा, जंगल मातादीन समेत अन्य स्थानों से आपत्तिकर्ताओं ने विनियमितिकरण, बफर जोन और खुला क्षेत्र आदि को लेकर आपत्ति दर्ज कराई।
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ट्रांसपोर्टनगर से आए गिरीश चंद्र सिंह ने सुनवाई कर रही कमेटी के सामने अपना विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि महायोजना 2031 के प्रारूप में ट्रांसपोर्टनगर को ट्रक अड्डा दर्ज किया गया है जबकि वहां काफी संख्या में आवास एवं अन्य प्रतिष्ठान बन गए हैं। ऐसे में इसे आवासीय कर दिया जाए। मिर्जापुर के प्रमोद कुमार ने खुटहन का भू -उपयोग पार्क से आवासीय करने की अपील की।
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इसी तरह बशारतपुर पूर्वी से पहुंची वीना कुमारी एवं संजीव गुप्ता ने कहा कि उनकी कॉलोनी की कुछ जमीन विनियमितिकरण की है जबकि मौके पर कई आवास बन चुके हैं। उनके आवास के आसपास के मकानों का मानचित्र भी स्वीकृत हैं। प्राधिकरण इसे नियमित कर दे।
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रामगढ़ चवरी की अनीता और स्वाति देवी ने कहा कि उनकी कॉलोनी में सैकड़ों की संख्या में मकान हैं, बावजूद इसके नई महायोजना में इस क्षेत्र को बफर जोन घोषित कर दिया गया है जो गलत है। गायघाट खुर्द से आए दिलीप कुमार ने महायोजना में प्रस्तावित 24 मीटर के रोड के प्रस्ताव को हटाने की मांग की। इसी तरह मंझरिया, पोरखभिंडा, जंगल मातादीन समेत अन्य स्थानों से आपत्तिकर्ताओं ने विनियमितिकरण, बफर जोन और खुला क्षेत्र आदि को लेकर आपत्ति दर्ज कराई।