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गोरखपुर : कान्हा उपवन के पशुओं की देखरेख का काम निजी हाथों में
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गोरखपुर। अब कान्हा उपवन के पशुओं की देखरेख निजी संस्था करेगी। नगर निगम ने एक मई से फर्म को कान्हा उपवन के 1350 निराश्रित गोवंश के रखखराव के लिए एक साल के लिए ठेके पर सौंप दिया है।
यहां निराश्रित गोवंश के रखरखाव पर प्रति निराश्रित गोवंश पर प्रतिदिन 62 रुपये खर्च हो रहा था। जबकि निजी फर्म सिर्फ 38 रुपये प्रतिदिन प्रति निराश्रित गोवंश के रखरखाव पर खर्च करने को राजी है। फिलहाल फर्म को एक साल के लिए अनुबंधित किया गया है। फर्म यदि निराश्रित गोवंश की देखभाल ठीक से करेगी तो उनका कार्यकाल विस्तारित किया जा सकता है। नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा कि कान्हा उपवन में निराश्रित गोवंश के रखरखाव का कार्य निजी फर्म को सौंप दिया गया है। फर्म को प्रति निराश्रित गोवंश के लिए 38 रुपये प्रतिदिन भुगतान मिलेगा।
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यहां निराश्रित गोवंश के रखरखाव पर प्रति निराश्रित गोवंश पर प्रतिदिन 62 रुपये खर्च हो रहा था। जबकि निजी फर्म सिर्फ 38 रुपये प्रतिदिन प्रति निराश्रित गोवंश के रखरखाव पर खर्च करने को राजी है। फिलहाल फर्म को एक साल के लिए अनुबंधित किया गया है। फर्म यदि निराश्रित गोवंश की देखभाल ठीक से करेगी तो उनका कार्यकाल विस्तारित किया जा सकता है। नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा कि कान्हा उपवन में निराश्रित गोवंश के रखरखाव का कार्य निजी फर्म को सौंप दिया गया है। फर्म को प्रति निराश्रित गोवंश के लिए 38 रुपये प्रतिदिन भुगतान मिलेगा।
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