कंप्यूटर जैसा है गोरखपुर जेल के इन कैदियों का दिमाग, अधिकारी भी लेते हैं इनकी मदद
- कंप्यूटर की तरह काम करता है गोरखपुर जेल के तीन कैदियों का दिमाग
- एक एक बंदी का नाम, पता जानते हैं ये तीनों कैदी
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के जेल के तीन कैदियों का दिमाग कंप्यूटर की तरह काम करता है। इन्हें एक एक बंदी के नाम, उनका पता और किस अपराध में बंद हैं और कबसे हैं, ये सब याद रहता है। अधिकतर जेल के अधिकारी भी इनकी मदद लेते हैं।
गोरखपुर जेल में हत्या और अन्य अपराधों के आरोप में आजीवन कारावास की सजा काट रहे सुदामा यादव उर्फ साधु, शेषनाथ यादव उर्फ दाढ़ी चाचा व संजू दुबे के अछे व्यवहार को देखते हुए इन्हें आदर्श कैदी बनाया गया है।
ये जेल में सभी बंदियो से घुले मिले हुए हैं। उनकी देखरेख भी करते हैं। साथ ही जेल के अधिकारियों के लिए चाय नाश्ता आदि के साथ ही किचन के काम में भी मदद करते हैं। इनके दिमाग में जेल में बंद 1700 बंदियों का पूरा डिटेल रहता है।
एक एक बंदी का नाम, पता, किस अपराध में है और कबसे हैं तथा किस बैरक में है इन्हें पूरा याद रहता है। जेल कर्मियों को भी तत्काल किसी बंदी के बारे में जानकारी लेनी होती है तो वे इनकी मदद लेते हैं। मुलाकात के समय ये बंदियो को बैरकों से बुलाने के काम भी आते हैं।