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गोरखपुर: बाढ़ प्रभावित 114 गांवों में स्वास्थ्य तो 190 गांवों में नहीं पहुंची पशुपालन की टीम
Thu, 09 Sep 2021 03:57 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 09 Sep 2021 03:57 PM IST
सार
डीएम ने सीएमओ और मुख्य पशुपालन अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब किया।
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
गोरखपुर में बाढ़ प्रभावित 114 गांवों में जहां स्वास्थ्य विभाग की कोई टीम ही नहीं पहुंची, वहीं 190 गांवों में पशुपालन विभाग का कोई जिम्मेदार नहीं पहुंचा। डीएम विजय किरन आनंद की तरफ से कराए गए सत्यापन में स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। नाराज डीएम ने सीएमओ और मुख्य पशुपालन अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब किया है। उधर सीडीओ इंद्रजीत सिंह ने भी नाराजगी व्यक्त करते हुए सीएमओ और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को पत्र लिखकर सभी गांवों में तत्काल टीम भेजने का निर्देश दिया है।
बाढ़ राहत बचाव कार्यों में कुछ विभागों की लापरवाही से प्रभावित लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई है। लगातार कई गांवों से शिकायत आ रही थी कि वहां न तो स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची है और न ही पशुपालन की। इस पर डीएम विजय किरन आनंद ने तीन अलग-अलग विभाग के अधिकारियों से तथ्य की जांच कराई।
निगरानी के लिए तैनात किए गए 32 अफसर
बाढ़ प्रभावित 383 गांवों में चल रहे राहत बचाव कार्यों की निगरानी के लिए डीएम विजय किरन आनंद ने मंडल व जिला स्तरीय 32 अफसरों की ड्यूटी लगाई है। इन अफसरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी गांवों में जाकर यह सुनिश्चित करें कि वहां राहत बचाव कार्य ठीक से चल रहा है कि नहीं। प्रत्येक अफसर को छह से आठ गांवों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। निर्देश दिए गए हैं कि जिन गांवों में अभी तक कोई जिला स्तरीय अधिकारी नहीं पहुंचा है, वहां प्राथमिकता के आधार पर पहले दस्तक दी जाए।
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तहसीलों के इन गांवों में नहीं पहुंची टीम
तहसील प्रमुख गांव
सहजनवा विडार, चपरहट, बनौड़ा, तालनगरी, बरवलमाफी, खाड़पोतरा, सुथनी
कैम्पियरगंज रघुनाथपुर, ककटही, चकदहा, चहोरी, फुलवरिया, फलवरिया, भुजौली
सदर शिवरिया, डोमिनगढ़, तरकुलही, सानी, शेरगढ़, बाघागाड़ा, मानीराम
बांसगांव लालपुर, भुसवल, ओझौली, कटया, जोतगुटकी, पेकौली, आसेखोर
गोला बलुआ ऊर्फ गोपालपुर, हींगुहार, लखनौरी, मुंडेरा गोनहा, सरया खास
चौरीचौरा करौता, शिवपुर, लक्ष्मनपुर, भैरही, जद्दपुर
खजनी धनईपुर, बेलडार, मंझरिया, राईपुर, बलुआन, मखानी, कूड़ाभरथ, जुमाली
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बाढ़ राहत बचाव कार्यों में कुछ विभागों की लापरवाही से प्रभावित लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई है। लगातार कई गांवों से शिकायत आ रही थी कि वहां न तो स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची है और न ही पशुपालन की। इस पर डीएम विजय किरन आनंद ने तीन अलग-अलग विभाग के अधिकारियों से तथ्य की जांच कराई।
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निगरानी के लिए तैनात किए गए 32 अफसर
बाढ़ प्रभावित 383 गांवों में चल रहे राहत बचाव कार्यों की निगरानी के लिए डीएम विजय किरन आनंद ने मंडल व जिला स्तरीय 32 अफसरों की ड्यूटी लगाई है। इन अफसरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी गांवों में जाकर यह सुनिश्चित करें कि वहां राहत बचाव कार्य ठीक से चल रहा है कि नहीं। प्रत्येक अफसर को छह से आठ गांवों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। निर्देश दिए गए हैं कि जिन गांवों में अभी तक कोई जिला स्तरीय अधिकारी नहीं पहुंचा है, वहां प्राथमिकता के आधार पर पहले दस्तक दी जाए।
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तहसीलों के इन गांवों में नहीं पहुंची टीम
तहसील प्रमुख गांव
सहजनवा विडार, चपरहट, बनौड़ा, तालनगरी, बरवलमाफी, खाड़पोतरा, सुथनी
कैम्पियरगंज रघुनाथपुर, ककटही, चकदहा, चहोरी, फुलवरिया, फलवरिया, भुजौली
सदर शिवरिया, डोमिनगढ़, तरकुलही, सानी, शेरगढ़, बाघागाड़ा, मानीराम
बांसगांव लालपुर, भुसवल, ओझौली, कटया, जोतगुटकी, पेकौली, आसेखोर
गोला बलुआ ऊर्फ गोपालपुर, हींगुहार, लखनौरी, मुंडेरा गोनहा, सरया खास
चौरीचौरा करौता, शिवपुर, लक्ष्मनपुर, भैरही, जद्दपुर
खजनी धनईपुर, बेलडार, मंझरिया, राईपुर, बलुआन, मखानी, कूड़ाभरथ, जुमाली