{"_id":"5e42d57c8ebc3ee61d7fa533","slug":"gorakhpur-electricity-corporation-will-replace-old-wire-and-shabby-pole-under-rapdrp-scheme","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"खुशखबर: गर्मी को लेकर बिजली विभाग ने शुरू की तैयारी, बत्ती गुल से मिलेगी राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुशखबर: गर्मी को लेकर बिजली विभाग ने शुरू की तैयारी, बत्ती गुल से मिलेगी राहत
Wed, 12 Feb 2020 08:10 AM IST
हरीशचंद सिंह
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: हरीशचंद सिंह
Updated Wed, 12 Feb 2020 08:10 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजली निगम ने इस गर्मी उपभोक्ताओं को बेहतर आपूर्ति देने का खाका तैयार कर लिया है। आरएपीडीआरपी योजना के तहत शहर के सभी खंडों के जर्जर पोल और बिजली के तार पुराने तारों को बदला जाएगा। इससे फाल्ट राहत मिलेगी। योजना के तहत दो वितरण खंडों में काम शुरू भी कर दिया गया है।
शहरी इलाकों में खुले तारों में कटिया लगाकर लोग बिजली चोरी करते थे। इससे लोड बढ़ने से फाल्ट होता था। इस पर नियंत्रण के लिए शहरी इलाकों में सभी पुराने तारों को बदलकर एरियर बंच कंडक्टर (एबीसी) वायर लगाए जाएंगे। फिलहाल बक्शीपुर और टाउहाल उपकेंद्र से जुड़े इलाकों में इन तारों को लगाया जा रहा है। चारों वितरण खंड में करीब सात करोड़ रुपये की लागत से काम पूरा किया जाएगा।
अधीक्षण अभियंता शहरी यूसी वर्मा ने बताया कि गर्मी शुरू होने से पहले ही चारों वितरण खंडों में काम पूरा कर लिया जाएगा। अधिशासी अभियंता ने बताया कि पुराने व क्षतिग्रस्त बिजली के खंभों को भी जल्द ही हटाया जाएगा। शहरी क्षेत्र में लगभग ढाई सौ बिजली के खंभे लगाए जाएंगे। इनमें प्रमुख रूप से पानमती गली, बिलंदपुर, इंद्रानगर, मूसा मंडी, बक्शीपुर, सूरजकुंड, दुर्गाबाड़ी, दिव्य नगर, मोहद्दीपुर, बिछिया, रामजानकी नगर स्वागत कुंज समेत अन्य चारों वितरण खंड में लगाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
शहरी इलाकों में खुले तारों में कटिया लगाकर लोग बिजली चोरी करते थे। इससे लोड बढ़ने से फाल्ट होता था। इस पर नियंत्रण के लिए शहरी इलाकों में सभी पुराने तारों को बदलकर एरियर बंच कंडक्टर (एबीसी) वायर लगाए जाएंगे। फिलहाल बक्शीपुर और टाउहाल उपकेंद्र से जुड़े इलाकों में इन तारों को लगाया जा रहा है। चारों वितरण खंड में करीब सात करोड़ रुपये की लागत से काम पूरा किया जाएगा।
विज्ञापन
अधीक्षण अभियंता शहरी यूसी वर्मा ने बताया कि गर्मी शुरू होने से पहले ही चारों वितरण खंडों में काम पूरा कर लिया जाएगा। अधिशासी अभियंता ने बताया कि पुराने व क्षतिग्रस्त बिजली के खंभों को भी जल्द ही हटाया जाएगा। शहरी क्षेत्र में लगभग ढाई सौ बिजली के खंभे लगाए जाएंगे। इनमें प्रमुख रूप से पानमती गली, बिलंदपुर, इंद्रानगर, मूसा मंडी, बक्शीपुर, सूरजकुंड, दुर्गाबाड़ी, दिव्य नगर, मोहद्दीपुर, बिछिया, रामजानकी नगर स्वागत कुंज समेत अन्य चारों वितरण खंड में लगाया जाएगा।
विज्ञापन
21 लाख से बनेगा नया फीडर
बिजली निगम 21 लाख रुपये से धर्मशाला उपकेंद्र से पुलिस लाइन फीडर तक नई लाइन बनाएगा। धर्मशाला उपकेंद्र पर लोड अधिक होने की वजह पुलिस लाइन फीडर पर अधिक भार रहता था। नई लाइन बन जाने से पुलिस लाइन एक नया फीडर बन जाएगा। इससे उपकेंद्र से फीडर पर जाने वाला लोड भी कम होगा। इसके अलाव रुस्तमपुर उपकेंद्र से जुड़े फीडर को भी बक्शीपुर से जोड़कर नई लाइन बनाई जाएगी। इससे भी गर्मी में लोगों को राहत मिलेगा।
अंडरग्राउंड केबिल का काम अभी अधूरा
बिजली निगम को 30 करोड़ रुपये के टेंडर से शहर के प्रमुख बाजार गोलघर, विजय चौराहा समेत आस पास के इलाकों में अंडरग्राउंड केबल बिछाना था। काम खराब गुणवत्ता की भेंट चढ़ गया। प्रशासनिक अधिकारियों की जांच में पाया गया कि मानक के विपरीत की काम किया जा रहा था। इसी आधार पर फर्म को ब्लैक लिस्ट कर काम रोक दिया गया। इसी तरह पहले शुरू किए गए काम अब भी किसी न किसी वजह से अटके पड़े हैं। चिड़ियाघर में हाईटेंशन लाइन बिछाने का काम भी शुरू नहीं किया जा सका है। जबकि, इस काम को लेकर चार बार टेंडर निकाला जा चुका है।
अंडरग्राउंड केबिल का काम अभी अधूरा
बिजली निगम को 30 करोड़ रुपये के टेंडर से शहर के प्रमुख बाजार गोलघर, विजय चौराहा समेत आस पास के इलाकों में अंडरग्राउंड केबल बिछाना था। काम खराब गुणवत्ता की भेंट चढ़ गया। प्रशासनिक अधिकारियों की जांच में पाया गया कि मानक के विपरीत की काम किया जा रहा था। इसी आधार पर फर्म को ब्लैक लिस्ट कर काम रोक दिया गया। इसी तरह पहले शुरू किए गए काम अब भी किसी न किसी वजह से अटके पड़े हैं। चिड़ियाघर में हाईटेंशन लाइन बिछाने का काम भी शुरू नहीं किया जा सका है। जबकि, इस काम को लेकर चार बार टेंडर निकाला जा चुका है।