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DM Transfer: विशेष कार्यशैली से डीएम ने बनाई अपनी पहचान, महज 10 माह में छोड़ा अमिट छाप
Wed, 08 Jun 2022 12:26 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 08 Jun 2022 12:26 PM IST
सार
विजय किरन आनंद ने 28 जुलाई 2021 को जिले में डीएम के रूप में कार्यभार संभाला। सुबह छह बजे से रात 11 बजे के बाद तक सक्रिय रहने वाले विजय किरन आनंद सभी योजनाओं के प्रगति की नियमित रूप से समीक्षा करते रहे। गांवों में सुबह आठ बजे पहुंचकर चौपाल लगाने और समस्याओं का निस्तारण करना भी उनकी खूबी रही।
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डीएम विजय किरन आनंद।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर में महज 10 माह के कार्यकाल में डीएम विजय किरन आनंद अपनी अमिट छाप छोड़ने में कामयाब रहे। अनियमितता के खिलाफ सख्त कदम उठाने के साथ सरकारी योजनाओं की हकीकत जानने के लिए क्षेत्र में भ्रमण कर उन्होंने अपनी खास स्थान बनाई। चौपाल के माध्यम से लोगों तक पहुंचने की उनकी कार्यशैली को याद किया जाएगा।
विजय किरन आनंद ने 28 जुलाई 2021 को जिले में डीएम के रूप में कार्यभार संभाला। सुबह छह बजे से रात 11 बजे के बाद तक सक्रिय रहने वाले विजय किरन आनंद सभी योजनाओं के प्रगति की नियमित रूप से समीक्षा करते रहे। गांवों में सुबह आठ बजे पहुंचकर चौपाल लगाने और समस्याओं का निस्तारण करना भी उनकी खूबी रही।
स्वयं चौपाल लगाने के साथ ही सभी एडीएम एवं मुख्य विकास अधिकारी को भी इसकी जिम्मेदारी दी। सभी समाधान दिवस, संपूर्ण समाधान दिवस, उद्योग बंधु, व्यापार बंधु एवं सैनिक बंधु की बैठकों में वह अनिवार्य रूप से शामिल हुए। ई-डिस्ट्रक्ट को मजबूत किया और फीडबैक की प्रणाली विकसित की।
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प्रदेश में सबसे पहले उन्होंने जिले के 72 गांवों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की योजना शुरू की। कच्ची गलियों को पक्का करने के अभियान ने कई गांवों की दशा बदल दी। गांव में विकास कार्य हुए तो अनियमितता करने वाले जिम्मेदारों पर एफआईआर भी दर्ज हुई। आरटीओ एवं निबंधन विभाग में स्टिंग आपरेशन के जरिए अनियमितता का पर्दाफाश करने के लिए भी जिलाधिकारी जाने जाएंगे। हाशिये पर रहने वाली मनरेगा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), आयुष्मान भारत योजना पर उनका खास ध्यान रहा। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं बनाई गईं।
समूहों की बचत बढ़ाने पर जोर दिया गया। मनरेगा से जोड़कर महिलाओं की आय बढ़ाई गई। अपराधियों पर कार्रवाई, उनकी संपत्ति जब्त करने के मामले में भी उनका कार्यकाल यादगार रहेगा।
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विजय किरन आनंद ने 28 जुलाई 2021 को जिले में डीएम के रूप में कार्यभार संभाला। सुबह छह बजे से रात 11 बजे के बाद तक सक्रिय रहने वाले विजय किरन आनंद सभी योजनाओं के प्रगति की नियमित रूप से समीक्षा करते रहे। गांवों में सुबह आठ बजे पहुंचकर चौपाल लगाने और समस्याओं का निस्तारण करना भी उनकी खूबी रही।
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स्वयं चौपाल लगाने के साथ ही सभी एडीएम एवं मुख्य विकास अधिकारी को भी इसकी जिम्मेदारी दी। सभी समाधान दिवस, संपूर्ण समाधान दिवस, उद्योग बंधु, व्यापार बंधु एवं सैनिक बंधु की बैठकों में वह अनिवार्य रूप से शामिल हुए। ई-डिस्ट्रक्ट को मजबूत किया और फीडबैक की प्रणाली विकसित की।
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प्रदेश में सबसे पहले उन्होंने जिले के 72 गांवों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की योजना शुरू की। कच्ची गलियों को पक्का करने के अभियान ने कई गांवों की दशा बदल दी। गांव में विकास कार्य हुए तो अनियमितता करने वाले जिम्मेदारों पर एफआईआर भी दर्ज हुई। आरटीओ एवं निबंधन विभाग में स्टिंग आपरेशन के जरिए अनियमितता का पर्दाफाश करने के लिए भी जिलाधिकारी जाने जाएंगे। हाशिये पर रहने वाली मनरेगा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), आयुष्मान भारत योजना पर उनका खास ध्यान रहा। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं बनाई गईं।
समूहों की बचत बढ़ाने पर जोर दिया गया। मनरेगा से जोड़कर महिलाओं की आय बढ़ाई गई। अपराधियों पर कार्रवाई, उनकी संपत्ति जब्त करने के मामले में भी उनका कार्यकाल यादगार रहेगा।