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गोरखपुर: शहर की वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए अफसरों ने किया मंथन, आप भी प्रदूणष नियंत्रण में कर सकते हैं सहयोग
Sun, 21 Nov 2021 11:05 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 21 Nov 2021 11:05 AM IST
सार
डीएम विजय किरन आनंद ने लोक निर्माण विभाग और एनएचएआई को वर्तमान में निर्माणाधीन मार्गों को समय से पूरा करने का निर्देश भी दिया। साथ ही उन्होंने जिला कृषि अधिकारी को अभियन चलाकर पराली जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई का भी निर्देश दिया।
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गोरखपुर शहर।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
गोरखपुर शहर की वायु गुणवत्ता सुधारने की कवायद शुरू हो गई है। डीएम विजय किरन आनंद ने शनिवार को विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर एक्शन प्लान तैयार किया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को निर्माण कार्यों के दौरान निकलने वाले कचरे के तकनीकीपूर्ण तरीके से निस्तारण की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
इसके अलावा लोक निर्माण विभाग, परिवहन विभाग और यातायात विभाग को जिले में ट्रैफिक जाम के निदान और आवागमन सुगम करने के लिए सड़क किनारे ऑटो खड़ा करने के स्थान की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि निर्माण के समय कार्यस्थल पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जाए, ताकि वायु प्रदूषण की रोकथाम की जा सके।
उन्होंने जिला कृषि अधिकारी को सघन अभियान चलाकर पराली जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई का भी निर्देश दिया। परिवहन और यातायात विभाग को निर्देश दिया कि जिले में 15 वर्ष या उससे अधिक समय से चल रहे जर्जर वाहनों का शहर के अंदर प्रयोग वर्जित किया जाए। डीएम ने लोक निर्माण विभाग और एनएचएआई को वर्तमान में निर्माणाधीन मार्ग मुख्यत: कूड़ाघाट- देवरिया बाईपास रोड, जेल बाईपास रोड, नौसड़-पैडलेगंज रोड और गोरखपुर-वाराणसी रोड को समय से पूरा करने का निर्देश भी दिया।
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इसके अलावा लोक निर्माण विभाग, परिवहन विभाग और यातायात विभाग को जिले में ट्रैफिक जाम के निदान और आवागमन सुगम करने के लिए सड़क किनारे ऑटो खड़ा करने के स्थान की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि निर्माण के समय कार्यस्थल पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जाए, ताकि वायु प्रदूषण की रोकथाम की जा सके।
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उन्होंने जिला कृषि अधिकारी को सघन अभियान चलाकर पराली जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई का भी निर्देश दिया। परिवहन और यातायात विभाग को निर्देश दिया कि जिले में 15 वर्ष या उससे अधिक समय से चल रहे जर्जर वाहनों का शहर के अंदर प्रयोग वर्जित किया जाए। डीएम ने लोक निर्माण विभाग और एनएचएआई को वर्तमान में निर्माणाधीन मार्ग मुख्यत: कूड़ाघाट- देवरिया बाईपास रोड, जेल बाईपास रोड, नौसड़-पैडलेगंज रोड और गोरखपुर-वाराणसी रोड को समय से पूरा करने का निर्देश भी दिया।
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शहर की हवा बिगाड़ने में यातायात साधनों का 35 प्रतिशत योगदान
डीएम ने बैठक में शहर में वायु प्रदूषण के मुख्य कारकों की जानकारी मांगी। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के प्रो. गोविंद पांडेय ने सोर्स अपोर्शनमेंट स्टडी की जानकारी दी। बताया कि गोरखपुर में वायु प्रदूषण में यातायात साधनों का 35 प्रतिशत योगदान है। इस पर डीएम ने परिवहन और यातायात विभाग को वाहनों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
आप भी प्रदूषण नियंत्रण में कर सकते हैं सहयोग
डीएम विजय किरन आनंद ने बताया कि शहर की वायु गुणवत्ता सुधारने और प्रदूषण नियंत्रण में आम जनता भी सहयोग कर सकती है। अपने वाहनों का प्रदूषण नियंत्रण सर्टिफिकेट अपडेट कराएं, वाहन में वायु का उचित दबाव रखें। वाहन के इंजन को ट्यून कराएं। लेन ड्राइविंग का पालन करें। चौराहों पर एक मिनट से अधिक रुकने की दशा में इंजन बंद कर दें। निजी वाहन का इस्तेमाल करने की बजाय कार पूल को बढ़ाएं। निर्माणाधीन इमारत और निर्माण सामग्री को हरे कपड़े से ढंक कर रखा जाए और नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जाए। खुले स्थान पर कूड़ा-कचरा न डालें। किसी भी दशा में कूड़ा-कचरा जलाया नहीं जाए।
आप भी प्रदूषण नियंत्रण में कर सकते हैं सहयोग
डीएम विजय किरन आनंद ने बताया कि शहर की वायु गुणवत्ता सुधारने और प्रदूषण नियंत्रण में आम जनता भी सहयोग कर सकती है। अपने वाहनों का प्रदूषण नियंत्रण सर्टिफिकेट अपडेट कराएं, वाहन में वायु का उचित दबाव रखें। वाहन के इंजन को ट्यून कराएं। लेन ड्राइविंग का पालन करें। चौराहों पर एक मिनट से अधिक रुकने की दशा में इंजन बंद कर दें। निजी वाहन का इस्तेमाल करने की बजाय कार पूल को बढ़ाएं। निर्माणाधीन इमारत और निर्माण सामग्री को हरे कपड़े से ढंक कर रखा जाए और नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जाए। खुले स्थान पर कूड़ा-कचरा न डालें। किसी भी दशा में कूड़ा-कचरा जलाया नहीं जाए।