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Gorakhpur News: डेढ़ दिन बाद रवाना हुई गोरखपुर-दादर स्पेशल, गर्मी में यात्रियों की सांसत
Thu, 16 May 2024 04:50 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Thu, 16 May 2024 04:50 AM IST
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फोटो
ट्रेनों के लेट होने से परेशान हो रहे यात्री, अमृतसर रूट पर ज्यादा समस्या
साढ़े चार घंटे देरी से पहुंची शहीद एक्सप्रेस, एफओबी बंद होने से बुजुर्ग यात्री परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। सोमवार को दोपहर 2:25 बजे जाने वाली गोरखपुर-दादर स्पेशल मंगलवार की रात करीब 12 बजे रवाना हुई। वहीं, दादर से गोरखपुर आने वाली ट्रेन 35 घंटे देरी से पहुंची। दोनों गाड़ियों के डेढ़ दिन लेट होने की वजह से यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
अभी तक अमृतसर रूट की ट्रेनें ज्यादा लेट हो रही थीं, लेकिन गोरखपुर-दादर स्पेशल भी इससे पीछे नहीं रही। तमकुहीराज के हरीश को परिवार संग कल्याण जाना था। वह मंगलवार को समय से गोरखपुर जंक्शन पर पहुंच गए। यहां आने पर पता चला कि यह गाड़ी अगले दिन जाएगी। इसके बाद वह वापस घर चले गए। बुधवार को दोपहर में दोबारा आए। इसके बाद उन्होंने रात तक का समय प्लेटफॉर्म पर ही गुजारा। उनके साथ दो छोटे बच्चे भी थे।
अमृतसर-जयनगर शहीद एक्सप्रेस लगभग साढ़े चार घंटे की देरी से गोरखपुर पहुंची। लुधियाना से आने वाले शशांक ने बताया कि इस समय सभी गाड़ियां लेट चल रही हैं। शहीद भी साढ़े चार घंटे देरी से आई, लेकिन यह बाकी गाड़ियों की तुलना में कम है। बुधवार को आम्रपाली एक्सप्रेस छह घंटे, अमृतसर-पुर्णिया कोर्ट जनसेवा एक्सप्रेस आठ घंटे, अवध एक्सप्रेस पांच घंटे देरी से आई। वहीं गरीबरथ एक्सप्रेस करीब 10 घंटे की देरी से चल रही थी।
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स्टेशन पर बिता रहे समय
किसान आंदोलन की वजह से बड़ी संख्या में गाड़ियों के मार्ग में परिवर्तन किया गया है। इससे वह देरी से चल रही हैं। ज्यादा लेट होने से उनको रिशेड्यूल कर दिया जा रहा है। ऐसे में दूर-दराज से आने वाले यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिनका शहर में रुकने के लिए कोई ठिकाना नहीं है वह स्टेशन पर ही समय व्यतीत कर रहे हैं। परिवार संग वह प्लेटफॉर्म पर सोने को मजबूर हैं।
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दिल्ली जाने वाली ट्रेनों में काफी भीड़
इन दिनों दिल्ली जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों की काफी भीड़ देखने को मिल रही है। बुधवार को वैशाली एक्सप्रेस जैसे ही प्लेटफॉर्म नंबर एक पर आई उसमें चढ़ने के लिए धक्का-मुक्की शुरू हो गई। जिसे गेट से चढ़ने को नहीं मिला उसने खिड़की के रास्ते ही घुसने की कोशिश की। ट्रेन के जनरल कोच में बिल्कुल जगह नहीं थी। कुछ यात्री जुगाड़ से कपड़ा बांधकर लेटे हुए थे तो कुछ टॉयलेट में बैठे थे। भीषण गर्मी में कोई पंखा डोलाकर तो कोई खिड़की की तरफ मुंह करके राहत पाने की कोशिश कर रहा था।
एफओबी बंद होने से बुजुर्ग परेशान
स्टेशन पर बीच वाला फुट ओवरब्रिज बंद है। इसका नए सिरे से निर्माण होना है। इसकी वजह से यात्रियों के दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाने के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खास तौर पर बुजुर्ग यात्रियों को सबसे ज्यादा समस्या हो रही है। यदि किसी गाड़ी का प्लेटफॉर्म बदल जाता है तो उनको क्रॉस करने में काफी मुश्किल होती है।
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बोले यात्री...
ट्रेन में बहुत भीड़ थी। बड़ी मुश्किल से सफर पूरा हुआ। आजकल सभी गाड़ियां देरी से चल रही हैं। शहीद फिर भी थोड़ा समय से आ गई।
- गौरव
आजकल ज्यादातर गाड़ियां घंटों रिशेड्यूल हो रही हैं। इसकी वजह से काफी परेशानी हो रही है। कुछ पता भी नहीं चलता। यात्रा में बहुत दिक्कत हो रही है।
- मोहन प्रसाद
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ट्रेनों के लेट होने से परेशान हो रहे यात्री, अमृतसर रूट पर ज्यादा समस्या
साढ़े चार घंटे देरी से पहुंची शहीद एक्सप्रेस, एफओबी बंद होने से बुजुर्ग यात्री परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। सोमवार को दोपहर 2:25 बजे जाने वाली गोरखपुर-दादर स्पेशल मंगलवार की रात करीब 12 बजे रवाना हुई। वहीं, दादर से गोरखपुर आने वाली ट्रेन 35 घंटे देरी से पहुंची। दोनों गाड़ियों के डेढ़ दिन लेट होने की वजह से यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
अभी तक अमृतसर रूट की ट्रेनें ज्यादा लेट हो रही थीं, लेकिन गोरखपुर-दादर स्पेशल भी इससे पीछे नहीं रही। तमकुहीराज के हरीश को परिवार संग कल्याण जाना था। वह मंगलवार को समय से गोरखपुर जंक्शन पर पहुंच गए। यहां आने पर पता चला कि यह गाड़ी अगले दिन जाएगी। इसके बाद वह वापस घर चले गए। बुधवार को दोपहर में दोबारा आए। इसके बाद उन्होंने रात तक का समय प्लेटफॉर्म पर ही गुजारा। उनके साथ दो छोटे बच्चे भी थे।
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अमृतसर-जयनगर शहीद एक्सप्रेस लगभग साढ़े चार घंटे की देरी से गोरखपुर पहुंची। लुधियाना से आने वाले शशांक ने बताया कि इस समय सभी गाड़ियां लेट चल रही हैं। शहीद भी साढ़े चार घंटे देरी से आई, लेकिन यह बाकी गाड़ियों की तुलना में कम है। बुधवार को आम्रपाली एक्सप्रेस छह घंटे, अमृतसर-पुर्णिया कोर्ट जनसेवा एक्सप्रेस आठ घंटे, अवध एक्सप्रेस पांच घंटे देरी से आई। वहीं गरीबरथ एक्सप्रेस करीब 10 घंटे की देरी से चल रही थी।
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स्टेशन पर बिता रहे समय
किसान आंदोलन की वजह से बड़ी संख्या में गाड़ियों के मार्ग में परिवर्तन किया गया है। इससे वह देरी से चल रही हैं। ज्यादा लेट होने से उनको रिशेड्यूल कर दिया जा रहा है। ऐसे में दूर-दराज से आने वाले यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिनका शहर में रुकने के लिए कोई ठिकाना नहीं है वह स्टेशन पर ही समय व्यतीत कर रहे हैं। परिवार संग वह प्लेटफॉर्म पर सोने को मजबूर हैं।
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दिल्ली जाने वाली ट्रेनों में काफी भीड़
इन दिनों दिल्ली जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों की काफी भीड़ देखने को मिल रही है। बुधवार को वैशाली एक्सप्रेस जैसे ही प्लेटफॉर्म नंबर एक पर आई उसमें चढ़ने के लिए धक्का-मुक्की शुरू हो गई। जिसे गेट से चढ़ने को नहीं मिला उसने खिड़की के रास्ते ही घुसने की कोशिश की। ट्रेन के जनरल कोच में बिल्कुल जगह नहीं थी। कुछ यात्री जुगाड़ से कपड़ा बांधकर लेटे हुए थे तो कुछ टॉयलेट में बैठे थे। भीषण गर्मी में कोई पंखा डोलाकर तो कोई खिड़की की तरफ मुंह करके राहत पाने की कोशिश कर रहा था।
एफओबी बंद होने से बुजुर्ग परेशान
स्टेशन पर बीच वाला फुट ओवरब्रिज बंद है। इसका नए सिरे से निर्माण होना है। इसकी वजह से यात्रियों के दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाने के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खास तौर पर बुजुर्ग यात्रियों को सबसे ज्यादा समस्या हो रही है। यदि किसी गाड़ी का प्लेटफॉर्म बदल जाता है तो उनको क्रॉस करने में काफी मुश्किल होती है।
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बोले यात्री...
ट्रेन में बहुत भीड़ थी। बड़ी मुश्किल से सफर पूरा हुआ। आजकल सभी गाड़ियां देरी से चल रही हैं। शहीद फिर भी थोड़ा समय से आ गई।
- गौरव
आजकल ज्यादातर गाड़ियां घंटों रिशेड्यूल हो रही हैं। इसकी वजह से काफी परेशानी हो रही है। कुछ पता भी नहीं चलता। यात्रा में बहुत दिक्कत हो रही है।
- मोहन प्रसाद