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50 हजार दर्शकों की क्षमता वाला होगा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम

Sun, 29 Dec 2019 02:06 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 29 Dec 2019 02:06 AM IST
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gorakhpur cricket stadiam yogi aadityanath CM up
50 हजार दर्शकों की क्षमता वाला होगा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम
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गोरखपुर। गोरखपुर में प्रस्तावित इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम 50 हजार दर्शकों की क्षमता वाला होगा। इसका निर्माण तीन चरणों में होगा। पहले चरण में 10 हजार, दूसरे में 25 और फिर तीसरे और आखिरी चरण में स्टेडियम की क्षमता 50 हजार दर्शकों की कर दी जाएगी। पहला चरण एक साल के भीतर पूरा हो जाने की उम्मीद है। डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि तीनों चरण के पूरा होने में तीन साल का समय लगेगा। शनिवार को विकास परियोजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान प्रशासन और जीडीए के अफसरों ने स्टेडियम का प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुत किया।
मुख्यमंत्री ने पहले मानबेला में स्टेडियम के निर्माण की मंशा जताई थी। जीडीए ने मानबेला के साथ ही खोराबार में भी प्राधिकरण द्वारा अधिगृहीत 170 एकड़ जमीन को स्टेडियम के लिए मुफीद बताया। मानबेला में सड़क थोड़ी पतली होने और मुख्य सड़क, एयरपोर्ट और रेलवे स्टेडियम से कनेक्टिविटी की दिक्कत सामने आ रही है। स्टेडियम की जगह को लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं हो पाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भीड़ अधिक होने की वजह से ऐसी जमीन मुफीद रहेगी जहां दो तरफ से रास्ता हो। इसके अलावा एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और फोरलेन की कनेक्टिविटी हो। बताया जा रहा है कि इन जरूरतों के हिसाब से खोराबार की जमीन ज्यादा सही है।
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डीएम ने बताया कि स्टेडियम के लिए करीब 35 एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी। पांच एकड़ में सिर्फ मैदान होगा। दर्शकों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह के अलावा बड़े क्षेत्रफल में पार्किंग का भी निर्माण होगा। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने जिले में बन रही सभी सड़कों और अन्य परियोजनाओं की भी प्रगति जांचने के साथ ही उन्हें समय से पूरा करने का निर्देश दिया। बैठक में कमिश्नर जयंत नार्लिकर, एडीजी रेंज जयनारायण सिंह, डीएम के. विजयेंद्र पांडियन, एसएसपी डॉ. सुनील गुप्ता, जीडीए वीसी ए. दिनेश कुमार समेत कई कार्यदायी संस्थाओं के अफसर मौजूद रहे।
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सीएनडीएस और यूपीसिडको के अफसरों पर बरसे मुख्यमंत्री
गोरखपुर। समीक्षा बैठक के दौरान विकास परियोजनाओं में लापरवाही पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीएनडीएस और यूपीसिडको के अफसरों पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने दोनों कार्यदायी संस्थाओं के संबंधित अफसरों पर कार्रवाई का निर्देश दिया है। माना जा रहा है कि जल्द ही इन अफसरों पर कार्रवाई की गाज गिर जाएगी। समीक्षा के दौरान पता चला कि कार्यदायी संस्था सीएनडीएस को बांसगांव में 50 बेड का अस्पताल बनाना था। परियोजना स्वीकृत होने के लंबे समय बाद अभी भी वहां निर्माण कार्य तक नहीं शुरू हो सका। इसी तरह 19.2 करोड़ की लागत से सिंघड़िया से तुर्रा नाला तक छह किलोमीटर लंबे नाले का निर्माण छह साल बाद भी नहीं पूरा हो पाने पर मुख्यमंत्री ने सीएनडीएस के अफसरों पर नाराजगी जताई। दो दिन पहले विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने भी काम की धीमी रफ्तार और सही आंकड़े नहीं बता पाने पर कार्यदायी संस्था सीएनडीएस के अफसरों को फटकार लगाई थी।
लिडार सर्वे: मुख्यमंत्री ने देखा पावर प्रेजेंटेशन
गोरखपुर। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की ओर से शहर को जलभराव से निजात दिलाने के लिए लिडार तकनीकी से मैपिंग का काम कराया जा रहा है। आने वाले दिनों में शहर में जल व मल निकासी के लिए नाला नालियों व सीवरेज पाइपलाइन का निर्माण सर्वे रिपोर्ट के अनुरूप ही किया जाएगा। शनिवार को लिडार तकनीक से मैपिंग कर रही कंपनी जियोनो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री के समक्ष इसका पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन दिया। दरअसल पहले मास्टर ड्रेनेज प्लान तैयार कराने के लिए सर्वे कंपनी जियोनो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से करार किया गया था लेकिन बाद में सीवरेज मास्टर प्लान का भी सर्वे कराने का फैसला किया गया। इसके बाद जियोनो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा एयरक्राफ्ट के जरिये लिडार तकनीक से इसका सर्वे हुआ। इसके लिए एयरक्राफ्ट ने आजमगढ़ की हवाई पट्टी से उड़ान भर कर गोरखपुर पहुंचकर सर्वे किया।
यह होती है लिडार तकनीक
लिडार के माध्यम से किसी इलाके के त्रिआयामी डिजिटल मैप बनाए जा सकते हैं। इससे प्राप्त त्रिआयामी चित्रों के जरिये दुर्गम इलाकों की भूभौतिक संरचना का एकदम सही अंदाजा लगाया जा सकता है। इससे जमीन की बनावट, सतह की ऊंचाई, पेड़ पौधों के फैलाव व घनत्व के अलावा जलीय स्रोतों, नदी, तालाब, झील व झरनों की गहराई के बारे में उचित अनुमान लगाना संभव है। लिडार के तहत प्रस्तावित इलाके में जमीन का सर्वे लेजर उपकरणों से सुसज्जित विमान के जरिये करते हैं। इसमें जीपीएस और स्कैनर का भी सहयोग लिया जाता है। जीपीएस एक उपकरण विमान में और एक सर्वेक्षण स्थल पर या आसपास लगाया जाता है। वास्तव में यह एक रिमोट सेंसिंग तकनीक है, जिसमें प्रकाश का इस्तेमाल पल्स लेजर के तौर पर करते हैं। जिससे सड़कों के लिए भूमि का सर्वेक्षण और मैपिंग, डिजाइन तथा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने में किया जाता है।

आज किसान सम्मान समारोह में शामिल होंगे मुख्यमंत्री
गोरखपुर। दो दिवसीय दौरे पर शनिवार को गोरखपुर आए मुख्यमंत्री रविवार की सुबह जनसुनवाई करेंगे। सुबह 11 से 12 बजे तक गोरखपुर यूनिवर्सिटी के दीक्षा भवन में आयोजित नाबार्ड किसान सम्मान समारोह एवं किसानों के राज्य स्तरीय सम्मेलन में भी मुख्यमंत्री शामिल होंगे। इसमें करीब 700 किसानों को आमंत्रित किया गया है। दोपहर दो बजे के करीब मुख्यमंत्री लखनऊ रवाना हो जाएंगे।
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