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गोरखपुर: शहर की हाईटेंशन लाइन होगी भूमिगत, हट जाएंगे 7700 खंभे
Wed, 10 Nov 2021 01:17 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 10 Nov 2021 01:17 PM IST
सार
बिजली निगम केंद्र सरकार की रीवैंप्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के तहत भविष्य की जरूरतों के अनुसार बिजली आपूर्ति की रणनीति बनाने में जुटा है। जिन हाइटेंशन लाइनों को हटाकर अंडरग्राउंड केबिल बिछाने की योजना बनाई जा रही है उनमें 33 हजार और 11 हजार की दो लाइनें हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गोरखपुर शहरी क्षेत्र में अब बिजली के खंभों पर हाईटेंशन लाइन के तार नहीं दिखेंगे। रीवैंप्ड योजना के तहत इन्हें 6790 करोड़ रुपये से भूमिगत (अंडरग्राउंड) किया जाएगा। इसमें 11 हजार केवी की लाइन के लिए 2160 करोड़ और 33 केवीए (किलोवाट एंपियर) की लाइन के लिए 4630 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस काम के लिए निगम ने डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने के लिए एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
दरअसल, आने वाले दिनों में शहर के पोल पर हाइटेंशन लाइनें नहीं दिखेंगी। इन लाइनों को हटाकर भूमिगत तारों (अंडरग्राउंड केबिल) के जरिये आपूर्ति दी जाएगी। फिलहाल 25 से ज्यादा मोहल्लों से बिजली की हाइटेंशन लाइनें गुजरी हैं। बिजली घर से ट्रांसफार्मर तक आने वाली लाइन को हाईटेंशन की श्रेणी में रखा जाता है। इस काम को जल्द से जल्द करने की योजना है। बिजली निगम हाइटेंशन लाइनों को हटाने के लिए प्रस्ताव बनाने में जुट गया है।
बिजली निगम केंद्र सरकार की रीवैंप्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के तहत भविष्य की जरूरतों के अनुसार बिजली आपूर्ति की रणनीति बनाने में जुटा है। जिन हाइटेंशन लाइनों को हटाकर अंडरग्राउंड केबिल बिछाने की योजना बनाई जा रही है उनमें 33 हजार और 11 हजार की दो लाइनें हैं। ट्रांसमिशन खंड से वितरण बिजली खंड तक आने वाली लाइन 33 हजार की होती है। इसके बाद वितरण खंडों से फीडरों तक जाने वाली लाइन 11 हजार की होती है। अधीक्षण अभियंता (शहरी) यूसी वर्मा ने बताया कि डीपीआर बनाने के लिए एजेंसी का चयन किया जाएगा। इसके चयन का टेंडर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम बनारस से जारी किया गया है। शहरी क्षेत्र में हाईटेंशन लाइन आने वाले दिनों में भूमिगत हो जाएगी।
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7700 खंभे हट जाएंगे
हाईटेंशन लाइन भूमिगत किए जाने से शहरी क्षेत्र से 7700 खंभे हटा दिए जाएंगे। इनमें 1700 खंभे 33 हजार की लाइन के हटेंगे। साथ ही छह हजार खंभे 11 हजार की लाइन वाले हटाए जाएंगे। इसके हट जाने से बिजली संबंधी काफी परेशानियां खत्म हो जाएंगी।
इन लाइनों को किया जाएगा भूमिगत
33 केवीए की लाइन - 135.7 किलोमीटर
11 केवीए की लाइन - 528.06 किलोमीटर
इन मुहल्लों में चल रहा है काम
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दरअसल, आने वाले दिनों में शहर के पोल पर हाइटेंशन लाइनें नहीं दिखेंगी। इन लाइनों को हटाकर भूमिगत तारों (अंडरग्राउंड केबिल) के जरिये आपूर्ति दी जाएगी। फिलहाल 25 से ज्यादा मोहल्लों से बिजली की हाइटेंशन लाइनें गुजरी हैं। बिजली घर से ट्रांसफार्मर तक आने वाली लाइन को हाईटेंशन की श्रेणी में रखा जाता है। इस काम को जल्द से जल्द करने की योजना है। बिजली निगम हाइटेंशन लाइनों को हटाने के लिए प्रस्ताव बनाने में जुट गया है।
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बिजली निगम केंद्र सरकार की रीवैंप्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के तहत भविष्य की जरूरतों के अनुसार बिजली आपूर्ति की रणनीति बनाने में जुटा है। जिन हाइटेंशन लाइनों को हटाकर अंडरग्राउंड केबिल बिछाने की योजना बनाई जा रही है उनमें 33 हजार और 11 हजार की दो लाइनें हैं। ट्रांसमिशन खंड से वितरण बिजली खंड तक आने वाली लाइन 33 हजार की होती है। इसके बाद वितरण खंडों से फीडरों तक जाने वाली लाइन 11 हजार की होती है। अधीक्षण अभियंता (शहरी) यूसी वर्मा ने बताया कि डीपीआर बनाने के लिए एजेंसी का चयन किया जाएगा। इसके चयन का टेंडर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम बनारस से जारी किया गया है। शहरी क्षेत्र में हाईटेंशन लाइन आने वाले दिनों में भूमिगत हो जाएगी।
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7700 खंभे हट जाएंगे
हाईटेंशन लाइन भूमिगत किए जाने से शहरी क्षेत्र से 7700 खंभे हटा दिए जाएंगे। इनमें 1700 खंभे 33 हजार की लाइन के हटेंगे। साथ ही छह हजार खंभे 11 हजार की लाइन वाले हटाए जाएंगे। इसके हट जाने से बिजली संबंधी काफी परेशानियां खत्म हो जाएंगी।
इन लाइनों को किया जाएगा भूमिगत
33 केवीए की लाइन - 135.7 किलोमीटर
11 केवीए की लाइन - 528.06 किलोमीटर
इन मुहल्लों में चल रहा है काम
- खोराबार उपकेंद्र से जुड़े मालवीय नगर में 16 पोल हटाकर 1.20 किलोमीटर केबिल लगेगी
- पीएसी फीडर से जुड़े सरस्वतीपुरम फेज-एक में 22 पोल हटाकर 1.50 किमी केबिल बिछाई जाएगी
- गायत्रीपुरम में 20 पोल हटाकर दो किमी केबिल बिछाई जाएगी
- राजेंद्रनगर और चित्रगुप्त नगर में भी पोल शिफ्ट कर केबिल बिछाई जाएगी। हालांकि चित्रगुप्त नगर में नागरिकों के विरोध के कारण काम ठप है
- शुरुआती क्रम में इन इलाकों को चिह्नित किया गया है। ऐसे ही धीरे-धीरे सभी बिजली घरों व फीडरों से जुड़े इलाकों में हाईटेंशन लाइन वाले रास्तों को चिन्हित