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UP: अंतिम 2:24 घंटे, सबसे लंबी कॉल 70 सेकंड की, इन चार से की बात; कारोबारी अंबरीश की मौत में उलझी पुलिस
Wed, 29 Apr 2026 04:24 PM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: Sharukh Khan
Updated Wed, 29 Apr 2026 04:24 PM IST
सार
गोरखपुर शहर के प्रतिष्ठित कारोबारी अंबरीश श्रीवास्तव की मौत मामले की जांच जारी है। मौत से पहले उन्होंने सबसे लंबी कॉल 70 सेकंड की थी। अपने नंबर पर सुबह 6:51 से लेकर 8:28 बजे के बीच चार लोगों से बात की थी।
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मृतक के अंबरीश की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
गोरखपुर के कुसम्ही स्थित फार्म हाउस पर 24 अप्रैल की सुबह करीब सवा नौ बजे गोरखपुर शहर के प्रतिष्ठित कारोबारी अंबरीश श्रीवास्तव की हुई संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में पुलिस की तफ्तीश जारी है। उस दिन वह सुबह पहली कॉल अटेंड करने से लेकर मौत के बीच कुल दो घंटे 24 मिनट का समय जांच के केंद्र में है।
अंबरीश के मोबाइल नंबर 98390..... पर शुक्रवार की सुबह 6.51 से 8.28 बजे के बीच फोन कॉल पर चार लोगों से बात हुई थी। इसमें सबसे लंबी बात मोहद्दीपुर के रहने वाले व्यक्ति से हुई थी। हालांकि अब वह पूरी तरह से लखनऊ में शिफ्ट हो चुके हैं।
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अंबरीश के मोबाइल नंबर 98390..... पर शुक्रवार की सुबह 6.51 से 8.28 बजे के बीच फोन कॉल पर चार लोगों से बात हुई थी। इसमें सबसे लंबी बात मोहद्दीपुर के रहने वाले व्यक्ति से हुई थी। हालांकि अब वह पूरी तरह से लखनऊ में शिफ्ट हो चुके हैं।
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अंबरीश की अंतिम कॉल इसी शख्स से सुबह 8.28 बजे 70 सेकंड तक हुई थी। इसके थोड़ी देर बाद अंबरीश का शव छत पर संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। पुलिस इसी आखिर 32 मिनट के राज को सुलझाने की कोशिश कर रही है।
अंबरीश को जानने वाले यह मानने को तैयार ही नहीं हैं कि उनके जैसा समझदार इंसान पिस्टल की सफाई छत पर जाकर करेगा और गोली सीधे मुंह के भीतर जा लगेगी।
अंबरीश दो फोन रखते थे। दूसरा नंबर एयरटेल 99355.... का था। इस नंबर पर शुक्रवार से पहले तीन दिनों के भीतर न इनकमिंग और न आउटगोइंग काॅल की गई थी। दूसरे नंबर पर ही अंबरीश अपने जानने वालों और परिवार के साथ संपर्क में थे।
इसी नंबर से लोगों से बातचीत हुई थी। शुक्रवार के दिन सुबह 94150....नंबर से पहला फोन 6:51 बजे अंबरीश के मोबाइल पर आया था। फोन करने वाला गोरखपुर का ही रहने वाला है। इस नंबर से अंबरीश की 26 सेकंड तक बात हुई। इसके बाद 63948....नंबर से गोरखपुर के ही एक जानने वाले व्यक्ति से सुबह 7:47 बजे 17 सेकंड तक बात हुई।
सुबह 8:09 बजे 74082....इस नंबर पर घर के एक पारिवारिक सदस्य से 28 सेकंड तक बात हुई थी। इसके बाद लगभग 20 मिनट तक अंबरीश की किसी से बात नहीं हुई। अंतिम काल 8:28 बजे 70 सेकंड की थी।
पुलिस ने जांच में पाया कि फॉर्म हाउस पर जाने के बाद ऊपर जाते वक्त अंबरीश फोन पर किसी से बात कर रहे थे। सीसीटीवी से जाते समय और अंतिम कॉल के समय का मिलान भी पुलिस करवा रही है, क्योंकि इसके थोड़ी देर बाद ही अंबरीश का शव छत पर मिला था।
व्हाट्सएप कॉल की भी हो रही जांच
हाल के दिनों में व्हाट्सएप कॉल लोगों के लिए गोपनीयता के लिहाज से खास हो गया है। इसकी कॉल डिटेल निकालने के लिए डिवाइस (फोन) का पास होना जरूरी होता है। मोबाइल फोन पास में रहने से पुलिस इससे डिलीट कॉल का डेटा भी निकाल सकती है।
हाल के दिनों में व्हाट्सएप कॉल लोगों के लिए गोपनीयता के लिहाज से खास हो गया है। इसकी कॉल डिटेल निकालने के लिए डिवाइस (फोन) का पास होना जरूरी होता है। मोबाइल फोन पास में रहने से पुलिस इससे डिलीट कॉल का डेटा भी निकाल सकती है।
अंबरीश का फोन घटनास्थल से ही पुलिस को मिला है। ऐसे में 8:28 बजे के बाद क्या किसी से व्हाट्सएप कॉल से भी बात हुई थी या बात करने के बाद इसे डिलीट कर दिया गया था, पुलिस इसकी भी जांच करवा रही है, क्योंकि अब अधिकतर लोग व्हाट्सएप कॉल से भी एक दूसरे से बात करते हैं।