गोरखपुर में बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कोरोना जांच जल्द ही फेलूदा किट से शुरू हो सकती है। जीन-एडिटिंग टेक्नोलॉजी पर आधारित यह किट महज आधे घंटे के अंदर बेहद सटीक नतीजे देगी। विशेषज्ञ इस किट को आने वाले समय में एंटीजन, आरटीपीसीआर और ट्रूनेट का बेहतर विकल्प मान रहे हैं। क्योंकि यह एंटीजन और आरटीपीसीआर किट से बेहद सस्ती है।
गोरखपुर में कोरोना जांच के लिए जल्द शुरू होगा 'फेलूदा' टेस्ट, जानिए क्या है ये चीज
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि इस किट को काउसिंल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (सीएसआईआर) और टाटा ग्रुप की रिसर्च टीम ने बनाया है। यह किट आरटीपीसीआर और एंटीजन किट से बेहद सस्ती है। इसे ड्रग रेगुलेटर ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने मंजूरी भी दे दी है।
अक्तूबर माह के अंत में या फिर नवंबर माह की शुरुआत में यह किट बीआरडी को मिल सकती है। इसके बाद से जांच और आसान हो जाएगी। बताया कि महज 25 से 30 मिनट के अंदर इसके सटीक परिणाम आएंगे। यह डे-केयर बेस्ड टेस्ट स्ट्रिप है। इससे आसानी से जांच हो जाएगी।
जीन-एडिटिंग टेक्नालॉजी पर आधारित है किट
डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि फेलुदा किट पूरी तरह से स्वदेशी है। यह जीन-एडिटिंग टेक्नोलॉजी पर आधारित है। यह कोविड वायरस को पहचान कर उसके नतीजे सटीक बताएगी। आरपीटीपीसीआर टेस्ट की तरह नतीजे आएंगे। इसमें इस्तेमाल होने वाली डिवाइस सस्ती है।
बीआरडी में दो तरह की जांच
डॉ अमरेश सिंह ने बताया कि अब तक बीआरडी में दो तरह की जांच हो रही है। पहला एंटीजन किट दूसरा आरटीपीसीआर। एंटीजन किट से जांच में महज 20 से 30 मिनट में परिणाम आ रहे हैं। लेकिन आरटीपीसीआर में कम से कम तीन से चार घंटे लग रहे हैं। इसके अलावा निजी पैथालॉजी आरटीपीसीआर और ट्रूनेट मशीन से जांच कर रहे हैं। यहां भी कम से तीन से चार घंटे का समय लग रहा है।