गोरखपुर: भालोटिया बना नशीली दवाओं के कारोबार का अड्डा, इनका नाम आया समाने
नशीली दवाओं की आपूर्ति में पहली बार भालोटिया मार्केट के आशीष मेडिकल एजेंसी और आशीष ट्रेडर्स के नाम खुलकर सामने आए हैं। इनके संचालक आशीष गुप्ता और अमित गुप्ता हैं। दोनों सगे भाई हैं। आरोप है कि सगे भाई अलग-अलग डिपो से नशीली दवाओं की खेप मांगाकर इकट्ठा करते थे, फिर अलग-अलग शहरों में भेजकर मोटी कमाई करते थे।
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पूर्वांचल में नशीली दवाओं का कारोबार तेजी से फैल रहा है। इसमें सबसे बड़ी दवा मार्केट भालोटिया के सात व्यापारियों की भूमिका सामने आ रही है। दो दवा व्यापारियों के खिलाफ संतबीरनगर में मुकदमा दर्ज हुआ है। पांच और व्यापारियों के खिलाफ जांच चल रही है। जल्द ही शिकंजा कसा जाएगा। इन व्यापारियों की देखरेख में ही नशीली दवाओं की खेप नेपाल, बिहार, पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश सहित पूर्वोत्तर के कई राज्यों तक पहुंचाई जा रही है।
नशीली दवाओं की आपूर्ति में पहली बार भालोटिया मार्केट के आशीष मेडिकल एजेंसी और आशीष ट्रेडर्स के नाम खुलकर सामने आए हैं। इनके संचालक आशीष गुप्ता और अमित गुप्ता हैं। दोनों सगे भाई हैं। आरोप है कि सगे भाई अलग-अलग डिपो से नशीली दवाओं की खेप मांगाकर इकट्ठा करते थे, फिर अलग-अलग शहरों में भेजकर मोटी कमाई करते थे।
यह काम पिछले 10 सालों से चल रहा है। ड्रग विभाग के सूत्रों के मुताबिक, खुद को जांच और ड्रग विभाग से बचाने के लिए एक ने संगठन का दामन थाम रखा है। वह दवा व्यापारियों से जुड़े संगठन का पदाधिकारी भी है। दोनों ने बक्शीपुर में छोटी सी दुकान से दवा का कारोबार शुरू किया था, जो अब बड़े व्यापारी बन चुके हैं।
जुगाड़ जबरदस्त
दोनों व्यापारियों का जुगाड़ इतना तगड़ा है कि ड्रग विभाग से लेकर नारकोटिक्स तक के आला अधिकारियों को मैनेज कर लेते थे। इस बार सूचना हाईकमान के अधिकारियों को हो गई, तो मामला मैनेज नहीं हो सका। सूत्रों के मुताबिक, स्वास्थ्य विभाग के एक बड़े अधिकारी से संपर्क है। दोनों की फाइलें अधिकारी अपने पास ही रखता है। इसी दम पर दोनों भाई बेखौफ होकर नशीली दवाओं की सप्लाई करते हैं।
पिछले साल नारकोटिक्स की टीम ने मारा था छापा
पिछले साल फरवरी में नारकोटिक्स विभाग की टीम ने इनकी फर्म पर छापा मारा था। इस दौरान जांच में यह बात सामने आई थी कि छह महीने पहले इन लोगों ने 88 हजार बोतल फेंसिडिल की मंगाई थी। इसमें 66 हजार बोतल का ही हिसाब दे सके थे। 22 हजार फेंसिडिल की बोतल का हिसाब विभाग को नहीं मिला था। इसके बाद मामला मैनेज हो गया था।
गोरखपुर में नाम मात्र की बिकती है फेंसिडिल
बताया जाता है कि बड़ी मात्रा में फेंसिडिल की सप्लाई भालोटिया मार्केट में है। इसकी एक बोतल की कीमत 150 से 160 रुपये है, लेकिन यह सिरप गोरखपुर में नाम मात्र की बिकती है। 95 फीसदी डॉक्टर इसे लिखते ही नहीं हैं।
नेपाल सीमा पर भी पकड़ी गईं थीं करोड़ों की नशीली दवाएं
ड्रग विभाग की टीम ने नेपाल सीमा के सोनौली में पिछले साल करोड़ों रुपये की नशीली दवाएं पकड़ी थीं। उस वक्त भी भालोटिया के दो दवा व्यापारियों के नाम सामने आए थे। उस वक्त ड्रग विभाग की टीम ने कोई कार्रवाई नहीं की थी।
ड्रग इंस्पेक्टर जय सिंह ने कहा कि ड्रग विभाग ने सूचना के आधार पर कार्रवाई की है। नशे के कारोबारियों के खिलाफ अभियान चलता रहेगा। मामले की जांच की जा रही है। एक भी आरोपी बख्शे नहीं जाएंगे।