कोरोना की चुनौती से निपटने को तैयार है गोरखपुर, शहरवासियों को मिलेगी ये खास सुविधा
- मरीजों के लिए वर्तमान में 663 बेड सुरक्षित, 44 बेड वेंटीलेटरयुक्त
- 629 बेड अलग-अलग अस्पताल भी जरूरत पड़ने पर उपलब्ध होंगे
- 147 संक्रमितों का इलाज चल रहा है बीआरडी व रेलवे अस्पताल में
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जब राजधानी दिल्ली और देश के कई अन्य बड़े शहरों में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए बेड और वेंटीलेटर जैसी सुविधाओं को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। ऐसे में आम गोरखपुरवासी के मन में यह विचार आना लाजमी है कि अगर उसे अपने एक कोरोना मरीज के लिए यहां एक बेड की जरूरत पड़ जाए तो, क्या उसे यह सुविधा हासिल हो सकेगी ?
अमर उजाला टीम ने शुक्रवार को कोरोना के इलाज के लिए यहां की गई व्यवस्था का जायजा लिया। आपको जानकर खुशी होगी, गोरखपुर अपने अन्य समकक्ष कई जिलों से इस मामले में काफी बेहतर स्थिति में है। सरकार ने बड़े पैमाने पर व्यवस्था बनाई है।
इसके साथ ही हम गोरखपुरवासियों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि कोरोना से बचाव के उपायों, मसलन मास्क लगाना, सोशल डिस्टेंसिंग आदि का सौ प्रतिशत पालन करें, ताकि न तो कोरोना के मरीज बढ़े और ना ही मौजूदा चिकित्सकीय सुविधाओं पर अनावश्यक भार पड़े-
बीआरडी लेबल-वन और टू का इकलौता अस्पताल
कोरोना वायरस की चुनौतियों से निपटने के लिए गोरखपुर तैयार है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और रेलवे अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में 663 बेड कोरोना मरीजों के लिए सुरक्षित रखे गए हैं। 44 बेड पर वेंटीलेटर की सुविधा है। जरूरत पड़ी तो 629 और बेड पर कोरोना मरीजों का इलाज किया जा सकता है। इसके लिए सरकारी, गैर सरकारी और अस्थायी अस्पतालों की व्यवस्था की गई है।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 200 बेड का कोरोना वार्ड है। इसमें गोरखपुर, बस्ती मंडल के 101 मरीजों का इलाज चल रहा है। इसी तरह रेलवे अस्पताल में भी 200 बेड हैं। इसमें से 46 पर कोरोना मरीजों का इलाज किया जा रहा है। जिला अस्पताल के 23 बेड पूरी तरह से खाली हैं। इसमें चार बेड वेंटीलेटर युक्त है। मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. श्रीकांत तिवारी का कहना है कि स्वास्थ्य महकमा हर चुनौती से निपटने को तैयार है।
गोरखपुर और बस्ती मंडल की बात करें तो सात जिलों में बीआरडी मेडिकल कॉलेज को 200 बेड के लेवल-वन और टू के वार्ड के तौर पर तैयार किया गया है। इनमें मौजूदा समय में केवल लेवल-टू के मरीज भर्ती भी हो रहे हैं। लेबल-वन अस्पताल में अब तक एक भी मरीज भर्ती नहीं है। शुक्रवार तक गोरखपुर और बस्ती मंडल के 101 मरीज बीआरडी के लेबल-टू अस्पताल में भर्ती थे।
लेबल-वन के अन्य अस्पताल
बीआरडी के अलावा जिले में लेबल-वन के अन्य अस्पतालों में रेलवे अस्पताल, स्पोर्ट्स कॉलेज, जिला अस्पताल और सीएचसी चरगांवा शामिल हैं। अभी तक रेलवे अस्पताल में ही मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। बाकी लेबल वन के अस्पतालों के बेड कोरोना मरीजों के लिए सुरक्षित रखे गए हैं।
मरीज बढ़े तो पूरा इंतजाम
जिस हिसाब से कोरोना मरीज बढ़ रहे हैं, उससे निपटने की तैयारी पूरी है। गुरु गोरक्षनाथ चिकित्सालय, मूक बधिर विद्यालय, कैंपियरगंज के एक निजी अस्पताल, शाही ग्लोबल और पनेशिया के 629 बेड को सुरक्षित रखा गया है। सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी का कहना है कि जरूरत पड़ने पर ही इन अस्पतालों का उपयोग किया जाएगा।
दो निजी अस्पतालों को भी इलाज की अनुमति
जिले में दो निजी अस्पतालों को भी कोरोना संक्रमितों के इलाज की अनुमति मिली है। यहां स्वास्थ्य विभाग की देखरेख में ही इलाज होगा। आयुष्मान योजना के नोडल प्रभारी डॉ. एनके पांडेय ने बताया कि शाही ग्लोबल हॉस्पिटल और पेनेशिया हॉस्पिटल में 125 बेड हैं। जरूरत पड़ी तो कोरोना मरीजों को इन अस्पतालों में भी भर्ती कराया जाएगा।
वर्तमान स्थिति
- जिला अस्पताल में 23 बेड ( चार बेड का वेंटीलेटर व 19 बेड का आइसोलेशन)
- बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 200 बेड (40 बेड का वेंटीलेटर व 160 बेड का आइसोलेशन)
- चरगांवा सीएचसी में 30 बेड का कोरोना वार्ड
- रेलवे अस्पताल में 200 बेड को कोरोना वार्ड
- स्पोर्ट्स कॉलेज में 200 बेड का कोरोना वार्ड
स्थिति बिगड़ी तो इन अस्पतालों का इस्तेमाल
- गुरु गोरक्षनाथ चिकित्सालय में 154 बेड (चार बेड वेंटीलेटरयुक्त व 150 सामान्य बेड)
- मूक बधिर विद्यालय में 200 बेड का कोरोना वार्ड
- कैंपिरयगंज के एक निजी अस्पताल में 150 बेड का कोरोना वार्ड
- शाही ग्लोबल अस्पताल व पनेशिया अस्पताल का 125 बेड का करोना वार्ड
क्वांरटीन सेंटर
- नंदानगर स्थित टीबी अस्पताल में 90 बेड का क्वारंटीन सेंटर
- गीडा स्थित डेंटल कॉलेज में 100 बेड का क्वारंटीन सेंटर
- सरस्वती विद्या मंदिर, सवेरा लॉज, लोहिया एन्क्लेव सहित तमाम स्कूल, कॉलेजों में भी क्वारंटीन सेंटर बनाए गए हैं।
कोरोना वायरस की चुनौती से निपटने की तैयारी पूरी है। मरीजों के बढ़ने पर जरूरत के अनुसार और बेड बढ़ाए जाएंगे। मौजूदा समय में विभाग के पास पर्याप्त बेड हैं। इसका लाभ मरीजों को मिल भी रहा है। अभी पहली प्राथमिकता कोरोना संकट से निपटने पर है। स्वास्थ्य विभाग हर मरीज को सेहत को लेकर संजीदा है। हर मरीज को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा दी जा रही है। - डॉ. श्रीकांत तिवारी, सीएमओ गोरखपुर
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि बीआरडी में कोरोना मरीजों के लिए अलग से वार्ड बनाए गए हैं। 200 बेड के वार्ड में 101 मरीज भर्ती हैं। इन सबका इलाज चल रहा है। इलाज की पूरी व्यवस्था है। सामान्य मरीजों को भी बेहतर सुविधा है।