आज भी मौजूद हैं प्रमाण: महाभारत से जुड़ी है इस सरोवर की कहानी, महाबली भीम ऐसे सोएं कि बन गया तालाब
गोरखनाथ मंदिर का इतिहास महाभारत काल से भी जुड़ा हुआ है। इसका जीता जागता प्रमाण गोरखनाथ मंदिर परिसर में महाबली भीम की लेटी हुई विशाल प्रतिमा है। दरअसल मध्यकालीन समय में, इस शहर को मध्यकालीन हिंदू संत गोरक्षनाथ के नाम पर गोरखपुर नाम दिया गया था।
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक भीम सरोवर बना हुआ है। यह सरोवर और कही नहीं बल्कि गोरखनाथ मंदिर के अंदर ही है। लोग इस सरोबर को देखने दूर-दूर से आते हैं। दरअसल, इसकी कहानी बड़ी दिलचस्प है। यह कहानी महा बलशाली भीम से जुड़ी हुई है।
गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर के प्रांगण में छोटा सा एक मंदिर बलशाली भीम का है। वह यहां आकर थक कर सो गए थे और जहां भीम सोए थे वहां तालाब बन गया था।
जी हां, पांडू पुत्र और राजा युधिष्ठिर के छोटे भाई महाबली भीम की प्रतिमा गोरखनाथ मंदिर की एक खास पहचान है। किवदंती के अनुसार महाबली भीम गुरु गोरक्षनाथ को निमंत्रित करने के लिए खुद गोरखपुर आए हुए थे।
गोरखनाथ मंदिर का इतिहास महाभारत काल से भी जुड़ा हुआ है। इसका जीता जागता प्रमाण गोरखनाथ मंदिर परिसर में महाबली भीम की लेटी हुई विशाल प्रतिमा है। दरअसल मध्यकालीन समय में, इस शहर को मध्यकालीन हिंदू संत गोरक्षनाथ के नाम पर गोरखपुर नाम दिया गया था।