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गोलघर : यातायात खंभे तो हट गए... बिजली के अब भी बरकरार
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- गोलघर में अतिक्रमण से राहत तो मिली, लेकिन स्थायी समाधान नहीं
- कमिश्नर के निर्देश के बाद भी बिजली विभाग ने नहीं हटवाए खंभे
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। गोलघर की सड़कों पर बिजली के खंभों की आड़ में हर तरफ कब्जा है। यातायात पुलिस ने चौराहों से अपने बेकार लगे हुए खंभों को तो हटवा दिया, लेकिन बिजली के खंभे अब भी बरकरार है। कमिश्नर के निर्देश के बाद भी बिजली विभाग ने ध्यान नहीं दिया। जिसकी वजह से गोलघर को जाम से मुक्त करने का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है।
सोमवार को गोलघर में शाम करीब पांच बजे कचहरी चौक से गोलघर की तरफ बढ़ते ही शराब की दुकान के सामने रुक-रुककर जाम लग रहा था। यहां बिजली का एक तिरछा पोल गड़ा हुआ है, जिसके आगे ठेले लगे हुए थे। चंद कदम की दूरी पर दूसरा पोल भी सड़क पर ही गड़ा था। सड़क से तीन फीट आगे करके यह पोल लगा हुआ है।
उसके बगल में औचित्यहीन हो चुके टेलीफोन के खंभे, बॉक्स लगे हुए हैं। इन खंभों की आड़ में दुकानें सजी हुईं थी। सड़कों पर लगे बिजली के खंभों को तो बिजली विभाग ने हटाया नही, बल्कि अपने दफ्तर को 15 फीट आगे बढ़ाकर बनवा लिया है। इसी को मानक मानकर बगल के दुकानदारों ने भी दुकान को आगे बढ़ाकर कब्जा कर लिया है, जबकि यह सड़क है।
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इसी प्रकार सड़क के दाहिने ओर पर नजर डालने पर गलियारा ही खत्म नजर आया। इसके अलावा कई पोल यहां भी एक लाइन से सड़क के किनारे नजर आए। थोड़ा आगे बढ़ने पर एक पुराने होटल के बगल में ही सड़क पर पांच फीट बढ़कर ट्रांसफार्मर लगा दिया गया है। चंद कदम आगे बढ़ने पर फिर गांधी आश्रम के पास ही एक बड़ा ट्रांसफार्मर सड़क पर लगा है। शाम होते ही ट्रांसफार्मर के पास ठेले लग जाते हैं।
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- कमिश्नर के निर्देश के बाद भी बिजली विभाग ने नहीं हटवाए खंभे
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। गोलघर की सड़कों पर बिजली के खंभों की आड़ में हर तरफ कब्जा है। यातायात पुलिस ने चौराहों से अपने बेकार लगे हुए खंभों को तो हटवा दिया, लेकिन बिजली के खंभे अब भी बरकरार है। कमिश्नर के निर्देश के बाद भी बिजली विभाग ने ध्यान नहीं दिया। जिसकी वजह से गोलघर को जाम से मुक्त करने का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है।
सोमवार को गोलघर में शाम करीब पांच बजे कचहरी चौक से गोलघर की तरफ बढ़ते ही शराब की दुकान के सामने रुक-रुककर जाम लग रहा था। यहां बिजली का एक तिरछा पोल गड़ा हुआ है, जिसके आगे ठेले लगे हुए थे। चंद कदम की दूरी पर दूसरा पोल भी सड़क पर ही गड़ा था। सड़क से तीन फीट आगे करके यह पोल लगा हुआ है।
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उसके बगल में औचित्यहीन हो चुके टेलीफोन के खंभे, बॉक्स लगे हुए हैं। इन खंभों की आड़ में दुकानें सजी हुईं थी। सड़कों पर लगे बिजली के खंभों को तो बिजली विभाग ने हटाया नही, बल्कि अपने दफ्तर को 15 फीट आगे बढ़ाकर बनवा लिया है। इसी को मानक मानकर बगल के दुकानदारों ने भी दुकान को आगे बढ़ाकर कब्जा कर लिया है, जबकि यह सड़क है।
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इसी प्रकार सड़क के दाहिने ओर पर नजर डालने पर गलियारा ही खत्म नजर आया। इसके अलावा कई पोल यहां भी एक लाइन से सड़क के किनारे नजर आए। थोड़ा आगे बढ़ने पर एक पुराने होटल के बगल में ही सड़क पर पांच फीट बढ़कर ट्रांसफार्मर लगा दिया गया है। चंद कदम आगे बढ़ने पर फिर गांधी आश्रम के पास ही एक बड़ा ट्रांसफार्मर सड़क पर लगा है। शाम होते ही ट्रांसफार्मर के पास ठेले लग जाते हैं।