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Exclusive: गोरखपुर सराफा मंडी में रोज खपता है कोलकाता और नेपाल से आया तस्करी का सोना

Fri, 31 Mar 2023 11:41 AM IST
vivek shukla रोहित सिंह, गोरखपुर।
रोहित सिंह, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 31 Mar 2023 11:41 AM IST
सार

बाजार में सोने की रिफाइनरी (गलाने) का काम करने वाले अपंजीकृत व्यापारी इसे खपाते हैं। तस्कर से व्यापारी एक या दो घंटे का समय लेते हैं और बिचौलियों के माध्यम से फुटकर और थोक दुकानों पर इसे बेचवा देते हैं और तस्करी कर लाने वाले को तय धनराशि दे देते हैं।

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Gold smuggled from Kolkata and Nepal consumed daily in Gorakhpur bullion market
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : Istock

विस्तार

गोरखपुर शहर के सोने की मंडी हिंदी बाजार में रोजाना कोलकाता और नेपाल से तस्करी कर लाया गया करीब 20 किलो सोना खप जाता है। शादी-विवाह के समय यह खपत बढ़कर 50 किलो के आसपास हो जाता है। मंडी के सूत्र बताते हैं कि तस्करी कर लाया गया अवैध सोना हिंदी बाजार में ही खपता है, फिर बिचौलिए फुटकर दुकानों तक इसे पहुंचाते हैं।

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सोने का भाव सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, एमसीएक्स चैनल पर प्रतिदिन खुलता है। यह भाव भारतीय सोने का होता है। दरअसल, इसी भाव के बाद अवैध कारोबार करने वाले सोने की बोली शुरू करते हैं।
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चूंकि, बिना कागज या लिखा-पढ़ी के सोने को विदेश से लाया जाता है, लिहाजा तस्करी के सोने के भाव को भारतीय सोने के भाव से तीन लाख रुपये प्रति किलो सस्ता तय किया जाता है। उदाहरण के तौर पर भारतीय सोने का दाम अगर 60 लाख रुपये प्रति किलो है तो तस्करी का सोने का भाव 57 लाख रुपये होगा, यानी तीन लाख की कमाई।

रिफाइनरी करने वाले खपाते हैं

बाजार में सोने की रिफाइनरी (गलाने) का काम करने वाले अपंजीकृत व्यापारी इसे खपाते हैं। तस्कर से व्यापारी एक या दो घंटे का समय लेते हैं और बिचौलियों के माध्यम से फुटकर और थोक दुकानों पर इसे बेचवा देते हैं और तस्करी कर लाने वाले को तय धनराशि दे देते हैं। यह सोना बिना मार्का और लिखापढ़ी के प्लेन बिस्कुट, टुकड़े या तरल तत्व में होता है। सोने का काला धंधा करने वाले दुकानदार उसी सोने से अलग-अलग डिजाइन का आभूषण तैयार करवाते हैं और फिर उस पर फर्जी हॉलमार्क लगवा देते हैं। इस तरह अवैध सोने को वैध करने का खेल खेला जाता है।

यहां संचालित होता है धंधा
सूत्रों के मुताबिक सराफा बाजार के हरबंश राम गली, बंगाली गली, चौधरी गली, घंटाघर से थोड़ा आगे बाएं तरफ की गली में अवैध सोना गलाने का काम होता है। कुल मिलाकर लगभग 28 से 30 दुकानें हैं, जहां विदेशों से तस्करी कर लाए गए सोने को गलाकर उसकी पहचान बदल दी जाती। इसके बाद इन्हें खपाया जाता है।

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विदेशों से आता है सोना
बैंकाक, इंडोनेशिया, सिंगापुर और थाईलैंड के रास्ते से प्रतिदिन अलग-अलग तरीके से अवैध सोना आता है। ये कोलकाता के माध्यम से सड़क या ट्रेन मार्ग से होकर शहर में आता है। जबकि, नेपाल से आने वाला अवैध सोना यूपी की कई सीमाओं से होकर गोरखपुर पहुंचता है।

सोने की गुणवत्ता का मानक

भारतीय सोना
24 कैरेट             99.50 टंच

विदेशी सोना
24 कैरेट             99.99 टंच

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