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Gorakhpur News: पंडाल में विराजीं मां छिन्नमस्तिका, मां के 111 सिर
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108 चेहरे, 121हाथ---श्रद्धालु भावविभोर ---गुलरिहा बाजार में विनोद द्वारा बनाई गई मां दुर्गा म
- फोटो : Archive
गोरखपुर। ढोल-नगाड़ों की गूंज और जयकारों के बीच महाकाल समिति की ओर से निकाली गई शोभायात्रा के बाद मां छिन्नमस्तिका की प्रतिमा रुस्तमपुर नहर रोड स्थित पंडाल में स्थापित की गई। इस बार माता का स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। झारखंड स्थित प्रसिद्ध छिन्नमस्तिका मंदिर की तर्ज पर तैयार प्रतिमा में 111 सिर और 70 हाथ बनाए गए हैं।
समिति की ओर से पहले प्रतिमा में 108 सिर और 121 हाथ बनाने की योजना थी, लेकिन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसके स्वरूप में बदलाव किया गया। प्रतिमा में मां का सिर कटा हुआ स्वरूप दर्शाया गया है। एक हाथ में उनका अपना मस्तक और दूसरे में अस्त्र दिखाया गया है। प्रतिमा के निचले हिस्से में मां दुर्गा और मां काली का स्वरूप बनाया गया है। दोनों देवियों को माता के रक्त की धारा का पान करते हुए दर्शाया गया है।
महाकाल समिति के अध्यक्ष अनूप निषाद ने बताया कि समिति पिछले 29 वर्षों से माता की प्रतिमा स्थापित कर रही है। पिछले दो वर्षों से प्रतिमा के स्वरूप में कुछ नया करने का प्रयास किया जा रहा है। पिछले वर्ष 108 सिर और 121 हाथों वाली मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई थी। इस बार मां छिन्नमस्तिका के स्वरूप में प्रतिमा तैयार कराई गई है। प्रतिमा की स्थापना के साथ ही पंडाल में श्रद्धालुओं के दर्शन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
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समिति की ओर से पहले प्रतिमा में 108 सिर और 121 हाथ बनाने की योजना थी, लेकिन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसके स्वरूप में बदलाव किया गया। प्रतिमा में मां का सिर कटा हुआ स्वरूप दर्शाया गया है। एक हाथ में उनका अपना मस्तक और दूसरे में अस्त्र दिखाया गया है। प्रतिमा के निचले हिस्से में मां दुर्गा और मां काली का स्वरूप बनाया गया है। दोनों देवियों को माता के रक्त की धारा का पान करते हुए दर्शाया गया है।
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महाकाल समिति के अध्यक्ष अनूप निषाद ने बताया कि समिति पिछले 29 वर्षों से माता की प्रतिमा स्थापित कर रही है। पिछले दो वर्षों से प्रतिमा के स्वरूप में कुछ नया करने का प्रयास किया जा रहा है। पिछले वर्ष 108 सिर और 121 हाथों वाली मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई थी। इस बार मां छिन्नमस्तिका के स्वरूप में प्रतिमा तैयार कराई गई है। प्रतिमा की स्थापना के साथ ही पंडाल में श्रद्धालुओं के दर्शन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
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