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बेरोजगारों के लिए बकरी पालन उत्तम व्यवसाय : डॉ. तोमर
Sun, 12 Nov 2023 01:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sun, 12 Nov 2023 01:17 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। कृषि विज्ञान केंद्र बेलीपार में आर्या परियोजना अंतर्गत बकरी पालन पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. एसके तोमर ने कहा कि इस परियोजना में बेरोजगार युवाओं को प्रशिक्षित किया जाता है। बेरोजगार युवाओं के लिए बकरी पालन एक उत्तम व्यवसाय है। प्रशिक्षण के दौरान बताई गई तकनीकों के आधार पर बकरी पालन आर्थिक रूप से अत्यंत लाभदायक होगा।
उन्होंने बताया कि इन्हें पालने वालों में मुख्यतः भूमिहीन, सीमांत किसान, घुमंतू जातियों के लोग अधिक हैं। बकरियों पालने का उद्देश्य इनसे दूध और मांस प्राप्त करने के साथ-साथ इनके विक्रय से आय प्राप्त करना होता है।
इस तरह बकरियां अपने देश में करोड़ों लोगों को जीविका प्रदान करती हैं। प्रशिक्षण के समन्वयक पशुपालन वैज्ञानिक डॉ. एसके सिंह ने बताया कि बकरी पालन भूमिहीन, गरीब एवं छोटे किसानों के लिए वरदान है।
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बताया कि बकरी पालन कम लागत एवं सामान्य देख-रेख में गरीब किसानों एवं खेतिहर मजदूरों के जीविकोपार्जन का साधन बन रहा है। प्रशिक्षण में विभिन्न विकास खंडों के 20 प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया।
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गोरखपुर। कृषि विज्ञान केंद्र बेलीपार में आर्या परियोजना अंतर्गत बकरी पालन पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. एसके तोमर ने कहा कि इस परियोजना में बेरोजगार युवाओं को प्रशिक्षित किया जाता है। बेरोजगार युवाओं के लिए बकरी पालन एक उत्तम व्यवसाय है। प्रशिक्षण के दौरान बताई गई तकनीकों के आधार पर बकरी पालन आर्थिक रूप से अत्यंत लाभदायक होगा।
उन्होंने बताया कि इन्हें पालने वालों में मुख्यतः भूमिहीन, सीमांत किसान, घुमंतू जातियों के लोग अधिक हैं। बकरियों पालने का उद्देश्य इनसे दूध और मांस प्राप्त करने के साथ-साथ इनके विक्रय से आय प्राप्त करना होता है।
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इस तरह बकरियां अपने देश में करोड़ों लोगों को जीविका प्रदान करती हैं। प्रशिक्षण के समन्वयक पशुपालन वैज्ञानिक डॉ. एसके सिंह ने बताया कि बकरी पालन भूमिहीन, गरीब एवं छोटे किसानों के लिए वरदान है।
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बताया कि बकरी पालन कम लागत एवं सामान्य देख-रेख में गरीब किसानों एवं खेतिहर मजदूरों के जीविकोपार्जन का साधन बन रहा है। प्रशिक्षण में विभिन्न विकास खंडों के 20 प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया।