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Gorakhpur News: पाठकों की विश्वसनीयता है पत्रकार का सबसे बड़ा पुरस्कार

Sun, 31 May 2026 02:19 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 31 May 2026 02:19 AM IST
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GJA organised a seminar on the completion of 200 years of Hindi Journalism Day.
गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम के दौरान अति​थि।
गोरखपुर। पत्रकारिता लोकतंत्र का ऐसा स्तंभ है जिसे अन्य तीन स्तंभों से दूरी बनाकर रखनी होगी। पत्रकार का सबसे बड़ा पुरस्कार पाठकों की विश्वसनीयता होता है। सोशल मीडिया ने पारंपरिक पत्रकारिता को आत्म मंथन के लिए बाध्य कर दिया है।
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यह विचार प्रसिद्ध विद्वान प्रो. अशोक जाह्नवी प्रसाद ने व्यक्त किए। वह शनिवार को गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन की ओर से हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित गोष्ठी को बतौर अध्यक्ष संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संविधान की रक्षा का दायित्व पत्रकारिता पर ही है। डर के मध्य पत्रकारिता नहीं होती। हमें इमरजेंसी में अपने अस्तित्व के लिए लड़ने का मौका मिला था पर हमने पूरा सबक नहीं सीखा। उन्होंने गोजए के सदस्यों को कर्तव्य के लिए संकल्पित रहने की शपथ दिलाई।
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मुख्य अतिथि डॉ. धर्मव्रत तिवारी ने कहा कि सोशल मीडिया की खबरों पर विश्वसनीयता का संकट सदैव बना रहता है। मुख्य वक्ता डॉ. एसपी त्रिपाठी ने कहा कि पारंपरिक पत्रकारिता में फेक न्यूज की आशंका बहुत कम होती है। सोशल मीडिया ने एआई के सहयोग से पारंपरिक मीडिया को काफी क्षति पहुंचाई है। विशिष्ट वक्ता वरिष्ठ पत्रकार जगदीश लाल व अखिलेश चंद ने भी विचार रखे। विषय प्रवर्तन प्रो. हर्ष कुमार सिन्हा ने किया। शफी आजमी ने गोजए की यात्रा पर प्रकाश डाला। अध्यक्ष रत्नाकर सिंह ने स्वागत व आकाशवाणी की नूतन मिश्रा ने संचालन किया।
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इन्हें किया गया सम्मानित

गोजए के प्रमुख संरक्षक डॉ. एसपी त्रिपाठी को बाबू हरिहर प्रसाद स्मृति लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान दिया गया। विशिष्ट प्रतिभा सम्मान में समाजसेवी किन्नर प्रेमा को किन्नर विभूषण सम्मान, प्रसार भारती के अधिकारी डॉ. बृजेंद्र नारायण को अरविंद शुक्ल स्मृति, शैलेंद्र श्रीवास्तव को फूल नारायण धर द्विवेदी स्मृति, विजय उपाध्याय को अशोक अज्ञात स्मृति व मृत्युंजय उपाध्याय नवल को अरुण गोरखपुरी स्मृति साहित्य सृजन सम्मान प्रदान किया गया।
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