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गीता प्रेस: आउट ऑफ स्टॉक हुई चित्रमय रामचरित मानस, राष्ट्रपति ने किया था इस पुस्तक का विमोचन
Fri, 21 Jul 2023 12:27 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 21 Jul 2023 12:27 PM IST
सार
विगत सात जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गीता प्रेस के शताब्दी वर्ष समारोह का समापन किया था। इस दौरान उन्होंने गीता प्रेस से आर्ट पेपर पर प्रकाशित शिव महापुराण के विशिष्ट अंक का भी विमोचन किया था। प्रधानमंत्री के विमोचन के बाद सिर्फ 15 दिनों में ही इस पुराण की पांच हजार प्रतियां बिक गई।
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चित्रमय रामचरितमानस।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गीता प्रेस से आर्ट पेपर पर प्रकाशित होने वाली पुस्तक चित्रमय रामचरितमानस भारी मांग के कारण स्टॉक में समाप्त हो गई है। जबकि कई जगह से इसके आर्डर मिल रहे हैं। जिसके बाद गीता प्रबंधन ने इसके चौथे संकरण को छापने की तैयारी शुरू कर दी है।
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गीता प्रेस के शताब्दी वर्ष समारोह के उद्घाटन अवसर पर तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आर्ट पेपर पर चित्रमय रामचरितमानस के विशिष्ट अंक का विमोचन किया था। प्रकाशन के एक वर्ष के भीतर ही इसके तीन संस्करण में 9.5 हजार पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।
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गीता प्रेस की सबसे महंगी पुस्तक जिसकी कीमत 1600 रुपये है वह पाठकों की भारी मांग के कारण आउट ऑफ स्टॉक हो गई है। गीता प्रेस प्रबंधन को इस पुस्तक के लिए कई जगह से ऑर्डर आ रहे हैं। लेकिन, प्रधानमंत्री कार्यक्रम के कारण इसका प्रकाशन में देरी हो गई।
अब प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के बाद गीता प्रेस प्रबंधन ने इसके चौथे संस्करण को छापने की तैयारी शुरू कर दी है। चौथे संस्करण में पांच हजार पुस्तकें छापने की तैयारी है।
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रामचरित मानस के बाद होगा शिव महापुराण का प्रकाशन
विगत सात जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गीता प्रेस के शताब्दी वर्ष समारोह का समापन किया था। इस दौरान उन्होंने गीता प्रेस से आर्ट पेपर पर प्रकाशित शिव महापुराण के विशिष्ट अंक का भी विमोचन किया था। प्रधानमंत्री के विमोचन के बाद सिर्फ 15 दिनों में ही इस पुराण की पांच हजार प्रतियां बिक गई। जिसके बाद गीता प्रेस प्रबंधन ने इसे फिर से छापने का निर्णय लिया है। रामचरित मानस के बाद शिव महापुराण के दूसरे संस्करण का प्रकाशन करेगा।
गीता प्रेस प्रबंधक डॉ. लालमणि तिवारी ने कहा कि गीता प्रेस से आर्ट पेपर पर प्रकाशित रामचरितमानस के विशिष्ट अंक समाप्त हो गया है। इसके प्रकाशन की तैयारी चल रही है। इसके बाद शिव महापुराण के दूसरे संस्करण का प्रकाशन होगा।
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रामचरित मानस के बाद होगा शिव महापुराण का प्रकाशन
विगत सात जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गीता प्रेस के शताब्दी वर्ष समारोह का समापन किया था। इस दौरान उन्होंने गीता प्रेस से आर्ट पेपर पर प्रकाशित शिव महापुराण के विशिष्ट अंक का भी विमोचन किया था। प्रधानमंत्री के विमोचन के बाद सिर्फ 15 दिनों में ही इस पुराण की पांच हजार प्रतियां बिक गई। जिसके बाद गीता प्रेस प्रबंधन ने इसे फिर से छापने का निर्णय लिया है। रामचरित मानस के बाद शिव महापुराण के दूसरे संस्करण का प्रकाशन करेगा।
गीता प्रेस प्रबंधक डॉ. लालमणि तिवारी ने कहा कि गीता प्रेस से आर्ट पेपर पर प्रकाशित रामचरितमानस के विशिष्ट अंक समाप्त हो गया है। इसके प्रकाशन की तैयारी चल रही है। इसके बाद शिव महापुराण के दूसरे संस्करण का प्रकाशन होगा।