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gorakhpur news: जीआईएस सर्वे गलत है साहब ! एकदम 11 हजार कैसे बढ़ गया हाउस टैक्स? ऐसे सवालों ने बढ़ाई परेशानी

Thu, 18 Jul 2024 06:39 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Thu, 18 Jul 2024 06:39 AM IST
सार

साहब ! मेरा हाउस टैक्स करीब 11 हजार रुपये बढ़ा दिया। पहले का बिल देखिए... 945 रुपये से 11,760 हो गया। जीआईएस सर्वे गलत हुआ है, इसे कम कर दीजिए। लच्छीपुर के केशव प्रसाद की बातें सुनकर अधिकारियों ने उनके गृहकर का फिर से मूल्यांकन कराया तो टैक्स 6487 रुपये हो गया। नया बिल देखकर केशव के चेहरे की चमक बढ़ गई और सुकून का भाव लेकर खुशी-खुशी घर लौट गए।
 

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GIS survey is wrong sir!...how did the house tax increase by exactly 11 thousand?
नगर निगम में नोटिस की आपत्तियों के निस्तारण के लिए लगाये गये मेगा शिविर में आए फरियादी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 साहब ! मेरा हाउस टैक्स करीब 11 हजार रुपये बढ़ा दिया। पहले का बिल देखिए... 945 रुपये से 11,760 हो गया। जीआईएस सर्वे गलत हुआ है, इसे कम कर दीजिए। लच्छीपुर के केशव प्रसाद की बातें सुनकर अधिकारियों ने उनके गृहकर का फिर से मूल्यांकन कराया तो टैक्स 6487 रुपये हो गया। नया बिल देखकर केशव के चेहरे की चमक बढ़ गई और सुकून का भाव लेकर खुशी-खुशी घर लौट गए।
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यह दृश्य था बुधवार को नगर निगम के सभागार का, जहां जीआईएस सर्वे के बाद तय हुए नए गृहकर पर आई आपत्तियों का निस्तारण किया जा रहा था। सुबह 11 बजे कैंप की शुरुआत हुई। नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल की अध्यक्षता में जोन चार और पांच की आपत्तियों पर सुनवाई हुई। मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने भी करदाताओं की समस्याओं को सुना। बड़ी संख्या में लोग शिकायतें लेकर पहुंचे थे।
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जब सुनवाई हुई तो किसी का बिल कम हो गया और कुछ ऐसे भी थे, जिनका टैक्स बढ़ गया। दोपहर 12:14 बजे रामजानकी नगर के शिव कुमार शर्मा कैंप में पहुंचे। बढ़े टैक्स को लेकर वह काफी परेशान दिख रहे थे। बताया कि पहले उनका गृहकर 1468 रुपये आता था, लेकिन अब यह बढ़कर 3484 हो गया है। आपत्ति के बाद उनका टैक्स 2308 रुपये हो गया।
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मेगा शिविर - फोटो : अमर उजाला

इसी प्रकार लच्छीपुर की पुष्पा देवी का वार्षिक मूल्यांकन 945 रुपये था। जीआईएस सर्वे के बाद यह 8400 रुपये निर्धारित किया गया था। आपत्ति के बाद जांच में यह मूल्यांकन सही पाया गया, जिससे वह संतुष्ट दिखीं। सुभाष चंद्र बोस नगर की सुमन त्रिपाठी का वार्षिक मूल्यांकन पहले 1260 रुपये था। जीआईएस सर्वे में इसे 3982 रुपये निर्धारित किया गया था। जांच के बाद यह मूल्यांकन 3963 निर्धारित किया गया।

कैंप में ज्यादातर लोगों के बिल में गड़बड़ी मिली, जिसे ठीक करते हुए कर को कम कर दिया गया। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी विनय कुमार राय ने बताया कि जोन चार की कुल 11 और जोन पांच की 14 आपत्तियों का मौके पर ही निस्तारण कराया गया।

आपत्ति निस्तारण के साथ ही नागरिकों को कर निर्धारण और कर की गणना प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। शिविर में अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा, सहायक नगर आयुक्त अविनाश प्रताप सिंह, जोनल अधिकारी संतोष कुमार मिश्र समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

इससे अच्छा आपत्ति न ही किए रहते
अशोक नगर के नरेंद्र शर्मा कैंप की शुरुआत में ही सभागार में पहुंच गए। उन्होंने अपनी आपत्ति दर्ज कराई, जिसके बाद उनकी संपत्ति का मूल्यांकन किया गया। पहले उनका टैक्स 650 रुपये आता था, लेकिन जीआईएस के बाद यह 3850 रुपये हो गया। मूल्यांकन के बाद उनका टैक्स चार हजार रुपये हो गया। वार्षिक मूल्यांकन से वह संतुष्ट हो गए। बाद में किनारे बैठकर बोले-इससे तो अच्छा था कि हम आपत्ति ही नहीं किए होते।

जटेपुर उत्तरी के भाष्कर शुक्ला ने बताया कि पहले मेरे घर का गृहकर 2976 रुपये आता था। जीआईएस सर्वे के बाद यह 6253 रुपये हो गया। यह मूल्यांकन गलत था। कैंप में आपत्ति करने के बाद कम होकर 4238 रुपये हो गया।

रामजानकी नगर के शिव कुमार शर्मा ने बताया कि हम हमेशा कहते थे कि कर का निर्धारण गलत हुआ है। आज कैंप में शिकायत की। पहले गृहकर 1468 रुपये आता था। बाद में यह बढ़कर 3484 रुपये हो गया। संपत्ति के कवर्ड एरिया के अनुसार यह ज्यादा था। आपत्ति के बाद अब 2308 रुपये कर दिया गया है।

नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि कैंप में जो आपत्तियां आईं, उनका निस्तारण किया गया। इससे भवन स्वामी संतुष्ट रहे। आने वाले अवकाश के दिनों में और संभव दिवस पर भी इस प्रकार के शिविर आयोजित किए जाएंगे। जनसामान्य से अपील है कि वे अधिक से अधिक संख्या में अपनी आपत्तियों का निस्तारण कराते हुए शिविर और छूट का लाभ उठाएं।

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