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गीडा को फर्जी तरीके से जमीन बेचने वाले समेत तीन पर केस दर्ज
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गीडा को फर्जी तरीके से जमीन बेचने वाले समेत तीन पर केस दर्ज
गोरखपुर। कूटरचित दस्तावेज तैयार कर फर्जी तरीके से गीडा को दूसरे की जमीन बैनामा करने और रुपये हड़पने के आरोपित समेत दो गवाहों पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। गीडा के वरिष्ठ सहायक संजय कुमार दुबे की तहरीर पर पुलिस ने विक्रेता गंती, गवाह जोन्हिया गांव निवासी घनश्याम और भीटी रावत के कमलेश के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी करने की धारा में केस दर्ज किया है।
गीडा की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर में बताया गया कि एक जून 2020 को खुद का नाम गंती बताने वाला व्यक्ति कार्यालय आया। उसने खतौनी प्रस्तुत करते हुए बताया कि आराजी संख्या 639 में उसका हिस्सा है, जिसे वह बेचना चाहता है। उसने मतदाता पहचान पत्र भी दिखाया, जिसमें गंती पुत्र अंबर दर्ज नाम था। कार्यालय द्वारा इंतखाप और मतदाता पहचान पत्र का मिलान कर भूमि खरीदने के लिए 43 लाख 93 हजार रुपये का चेक दे दिया गया। बैनामा उप निबंधन कार्यालय सहजनवां के यहां पर हो गया, जिसमें घनश्याम और कमलेश ने गवाही दी थी। 21 जुलाई 2020 को भीटी रावत निवासी रामगती उर्फ गंती पुत्र अंबर ने प्रार्थना पत्र दिया और बताया कि उसके नाम का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी की गई है। प्रार्थना पत्र की जांच के बाद 17 मार्च को बैंक को भुगतान नहीं करने का निर्देश दिया गया, लेकिन तब तक 12 लाख 56 हजार रुपये निकाले जा चुके थे। इसी आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित के नाम दर्ज हुआ केस
गीडा को फर्जी जमीन बेचने के मामले में पुलिस ने जो केस तहरीर के आधार पर दर्ज किया है, उसमें पीड़ित पर ही मुकदमा दर्ज हो गया है। क्योंकि धोखाधड़ी करने वाले शख्स ने असल आदमी का नाम दर्शाया था जिस वजह से गीडा की ओर से दी गई तहरीर में उसका ही जिक्र किया गया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि विवेचना में सारी चीजें साफ हो जाएंगी।
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गोरखपुर। कूटरचित दस्तावेज तैयार कर फर्जी तरीके से गीडा को दूसरे की जमीन बैनामा करने और रुपये हड़पने के आरोपित समेत दो गवाहों पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। गीडा के वरिष्ठ सहायक संजय कुमार दुबे की तहरीर पर पुलिस ने विक्रेता गंती, गवाह जोन्हिया गांव निवासी घनश्याम और भीटी रावत के कमलेश के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी करने की धारा में केस दर्ज किया है।
गीडा की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर में बताया गया कि एक जून 2020 को खुद का नाम गंती बताने वाला व्यक्ति कार्यालय आया। उसने खतौनी प्रस्तुत करते हुए बताया कि आराजी संख्या 639 में उसका हिस्सा है, जिसे वह बेचना चाहता है। उसने मतदाता पहचान पत्र भी दिखाया, जिसमें गंती पुत्र अंबर दर्ज नाम था। कार्यालय द्वारा इंतखाप और मतदाता पहचान पत्र का मिलान कर भूमि खरीदने के लिए 43 लाख 93 हजार रुपये का चेक दे दिया गया। बैनामा उप निबंधन कार्यालय सहजनवां के यहां पर हो गया, जिसमें घनश्याम और कमलेश ने गवाही दी थी। 21 जुलाई 2020 को भीटी रावत निवासी रामगती उर्फ गंती पुत्र अंबर ने प्रार्थना पत्र दिया और बताया कि उसके नाम का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी की गई है। प्रार्थना पत्र की जांच के बाद 17 मार्च को बैंक को भुगतान नहीं करने का निर्देश दिया गया, लेकिन तब तक 12 लाख 56 हजार रुपये निकाले जा चुके थे। इसी आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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पीड़ित के नाम दर्ज हुआ केस
गीडा को फर्जी जमीन बेचने के मामले में पुलिस ने जो केस तहरीर के आधार पर दर्ज किया है, उसमें पीड़ित पर ही मुकदमा दर्ज हो गया है। क्योंकि धोखाधड़ी करने वाले शख्स ने असल आदमी का नाम दर्शाया था जिस वजह से गीडा की ओर से दी गई तहरीर में उसका ही जिक्र किया गया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि विवेचना में सारी चीजें साफ हो जाएंगी।
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