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70 करोड़ से भी ज्यादा पुस्तकें प्रकाशित कर चुका है गीता प्रेस, जानें कितनी भाषाओं में होती है छपाई
Sun, 31 May 2020 06:17 PM IST
vivek shukla
राजीव रंजन, गोरखपुर।
राजीव रंजन, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 31 May 2020 06:17 PM IST
सार
- 15 भाषाओं में प्रकाशित की जाती है गीताप्रेस की पुस्तकें
- गीताप्रेस की ओर से प्रकाशित पुस्तकों का देश ही नहीं विदेशों में होती है बिक्री
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गीताप्रेस।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
धार्मिक आध्यात्मिक और संस्कारवान बनाने वाली पुस्तकों को प्रकाशित करने वाला गीता प्रेस अब तक 70 करोड़ से भी ज्यादा पुस्तकों का प्रकाशन कर चुका है। गीता प्रेस कुल 15 भाषाओं में पुस्तकों का प्रकाशन करता है।
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23 अप्रैल 1923 को हैंड प्रेस प्रिंटिंग मशीन से शुरू किया गया गीता प्रेस प्रतिदिन 50 हजार पुस्तकों छपाई करता है। हालांकि अभी लॉकडाउन के वजह से गीता प्रेस जल छपाई का काम कुछ प्रभावित हुआ है लेकिन अब भी गीताप्रेस की ओर से प्रकाशित पुस्तकों का देश ही नहीं विदेशों में बिक्री होती है।
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सभी लोगों तक श्रीमद्भागवत गीता पहुंच सके इसके लिए गीता प्रेस हिंदी, संस्कृत, बांग्ला, गुजराती, मराठी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, उड़िया, असमिया, मलयालम, पंजाबी, नेपाली, उर्दू समेत कुल 15 भाषाओं में प्रकाशित करता है।
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गीता प्रेस के प्रबंधक लालमणि तिवारी का कहना है कि इस प्रेस में श्रीमद्भागवत गीता के साथ-साथ रामायण, पुराण, उपनिषद, भक्त चरित्र, नित्य पाठ, बाल उपयोगी पुस्तकें, चित्र कथा जयदयाल जी गोयंदका (सेठ जी), हनुमान प्रसाद पोद्दार (भाई जी), स्वामी रामसुख दास जी की पुस्तकें प्रकाशित करता है।