{"_id":"6734889c1f35c28abb0a628f","slug":"gda-will-build-a-picnic-spot-on-its-one-acre-plot-in-buddha-vihar-gorakhpur-2024-11-13","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बदल रहा है गोरखपुर: शहर में विकसित होगा पिकनिक स्पॉट, जानिए क्या मिलेंगी सुविधाएं- पहला चार्जिंग स्टेशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बदल रहा है गोरखपुर: शहर में विकसित होगा पिकनिक स्पॉट, जानिए क्या मिलेंगी सुविधाएं- पहला चार्जिंग स्टेशन
Wed, 13 Nov 2024 04:38 PM IST
रोहित सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Published by: रोहित सिंह
Updated Wed, 13 Nov 2024 04:38 PM IST
सार
प्राधिकरण यहां बिल्डिंग बाईलाज के अनुसार सेट बेक छोड़ते हुए 752 वर्ग मीटर में अस्थाई क्याेस्क का निर्माण कराएगा। साथ ही 66 चार पहिया वाहनों को खड़ा करने के लिए स्मार्ट पार्किंग के साथ प्राधिकरण की ओर से पहला इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन स्थापित किया जाएगा।महिलाओं और पुरुषों के लिए टायलेट ब्लाक और पार्किंग के दोनों ओर 1800 वर्ग मीटर क्षेत्रफल के दोनों पार्क की मरम्मत व सुंदरीकरण कराया जाएगा।
विज्ञापन
जीडीए( सांकेतिक)
- फोटो : एक्स
विस्तार
देवरिया बाईपास रोड स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर के सामने बुद्ध विहार व्यावसायिक की खाली पड़ी एक एकड़ के भूखंड पर लखनऊ की फर्म नोएडा के गार्डेनिया ग्लोरी मार्केट की तर्ज पर विकसित करेगी। लीगट्स काउंसलिंग ने 7.55 लाख रुपये की सर्वाधिक बोली लगा कर यह अधिकार प्राप्त किया है।
विज्ञापन
गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने रिक्वेस्ट फार प्रपोजल (आरएफपी) जारी कर निजी फर्म का चयन किया है। देवरिया बाईपास रोड पर होटल फाइव सेंसेज के पीछे बुद्ध विहार व्यावसायिक योजना में खाली पड़े दो पार्कों के बीच जीडीए की 4,050 वर्ग मीटर रिक्त भूमि है।
विज्ञापन
प्राधिकरण यहां बिल्डिंग बाईलाज के अनुसार सेट बेक छोड़ते हुए 752 वर्ग मीटर में अस्थाई क्याेस्क का निर्माण कराएगा। साथ ही 66 चार पहिया वाहनों को खड़ा करने के लिए स्मार्ट पार्किंग के साथ प्राधिकरण की ओर से पहला इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन स्थापित किया जाएगा।
विज्ञापन
महिलाओं और पुरुषों के लिए टायलेट ब्लाक और पार्किंग के दोनों ओर 1800 वर्ग मीटर क्षेत्रफल के दोनों पार्क की मरम्मत व सुंदरीकरण कराया जाएगा। खाली पड़े भूखंड को विकसित करने के साथ ही इसकी देखरेख व संचालन के लिए आरएफपी के माध्यम से निजी फर्म का चयन किया गया है। बीड प्रक्रिया में पांच फर्मों ने प्रतिभाग किया। इसमें लीगटस काउंसलिंग ने सर्वाधिक बोली लगाकर यह अधिकार प्राप्त किया। चयनित फर्म को जीडीए को 30 लाख रुपये प्रीमियम जमा करना होगा।