गोरखपुर: राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित हुए जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन, पहले भी दो बार केंद्र सरकार कर चुकी है सम्मान
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गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) के उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह शनिवार को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में राष्ट्रपति के हाथों पुरस्कृत हुए। उन्हें यह पुरस्कार अलीगढ़ नगर निगम का नगर आयुक्त रहते हुए शहर को कचरा मुक्त (गार्बेज फ्री सिटी) बनाने में थ्री स्टार रैकिंग पाने के लिए दिया गया।
सर्वे में जो पांच शहर सबसे साफ पाए गए उनमें पहले पायदान पर नोएडा, दूसरे पर गाजियाबाद, तीसरे पर अलीगढ़, चौथे पर लखनऊ और पांचवें स्थान पर झांसी है। सर्वे के समय प्रेम रंजन सिंह अलीगढ़ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष भी थे। स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 की जारी रैंकिंग में अलीगढ़ को देश में 34 वां स्थान मिला है।
स्वच्छ भारत मिशन शहरी की ओर से जनवरी 2021 में पूरे देश में कचरा मुक्त शहर का सर्वे कराया गया था। उसका परिणाम कुछ दिन पहले आया। विज्ञान भवन नई दिल्ली में आयोजित हुए पुरस्कार वितरण समारोह में पुरस्कार प्राप्त करने के लिए जीडीए उपाध्यक्ष को भी बुलाया गया था। पुरस्कार उन्हीं अधिकारियों को मिला है, जो सर्वे के दौरान संबंधित निकाय में कार्यरत थे।
जीडीए उपाध्यक्ष के रूप में तैनाती मिलने से पहले प्रेम रंजन सिंह अलीगढ़ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पद पर कार्यरत थे और उनके पास अलीगढ़ नगर निगम की भी जिम्मेदारी थी। इस उपलब्धि पर शनिवार को जिले के साथ ही प्रदेश के कई अन्य जिलों में तैनात अफसरों ने जीडीए उपाध्यक्ष को बधाई दी।
शहर को चमकाने में ये प्रयास रंग लाए
बकौल जीडीए उपाध्यक्ष, अलीगढ़ में नगर आयुक्त रहते हुए उन्होंने शहर को कचरा मुक्त बनाने के लिए जगह-जगह बनाए गए कूड़ा घर को बंद कर दिया था। कूड़ा एकत्रित करने के लिए डोर-टू डोर कूड़ा एकत्र करने पर जोर दिया। कूड़ा एकत्र करने के बाद उसे प्रोसेसिंग सेंटर लाया जाता और वहां कूड़ा कंप्रेस कर बड़े कूड़ा केंद्रों तक पहुंचाया जाता था।
शहर में कहीं भी कचरा नजर नहीं आता था। कूड़े से जैविक खाद भी बनाई जाती है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के हाथों सम्मान पाकर वे बहुत गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। इससे उन्हें नई ऊर्जा मिली है जिसका कार्यक्षेत्र में संचार दिखाई पड़ेगा।
केंद्र सरकार की ओर से दो बार और पुरस्कार पा चुके हैं प्रेम रंजन
यह पहला मौका नहीं जब जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह को कोई बड़ा सम्मान मिला है। इसके पहले भी केंद्र सरकार की ओर से उन्हें दो बार पुरस्कार मिल चुके हैं। इससे पहले उन्नाव के मुख्य विकास अधिकारी रहते हुए 2019 में उन्हें पूरे देश में 28 में से दो पुरस्कार मिले थे। मनरेगा में रिकॉर्ड कार्यदिवस सृजित करने एवं एक साल में सबसे अधिक प्रधानमंत्री आवास का निर्माण पूर्ण कराने के लिए उन्हें पुरस्कृत किया गया था।