नया गोरखपुर: भूमि के लिए किसानों से संपर्क साधेंगे कानूनगो-लेखपाल, जीडीए ने शुरू की कवायद
जीडीए ने फिर नया गोरखपुर के लिए कवायद शुरू कर दी है। यहां कानूनगो और लेखपालों के साथ उपाध्यक्ष एवं सचिव ने बैठक की। लेखपाल और कानूनगो मिलकर जमीन पर किसानों से संपर्क किया है।
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नया गोरखपुर विकसित किए जाने को लेकर गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने कवायद तेज कर दी है। बृहस्पतिवार को जीडीए उपाध्यक्ष और सचिव ने संबंधित गांवों के कानूनगो एवं लेखपालों के साथ जीडीए सभागार में बैठक कर भूमि खरीदने को लेकर चर्चा की। जीडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि प्रथम चरण में किसानों से भूमि की सीधे खरीद की जाएगी। कानूनगो व लेखपाल किसानों से संपर्क कर भूमि खरीद की प्रक्रिया को तेज करने पर जोर दें। ऐसा न होने पर अधिग्रहण की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।
विकास प्राधिकरण की जंगल कौड़िया-जगदीशपुर रिंग रोड के आसपास नया गोरखपुर बसाने की योजना है, ताकि लोगों को यातायात समेत अन्य बेहतर सुविधाएं मिल सकें। योजना के अंतर्गत होटल, अस्पताल, बाजार, स्कूल सहित अन्य प्रमुख सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। गोरखपुर-कुशीनगर रोड पर 14 और बालापार-टिकरिया मार्ग पर 12 गांवों के भू-स्वामियों से सहमति के आधार पर वार्ता करके भू-अधिग्रहण की कार्रवाई कुछ माह पहले शुरू की गई थी, लेकिन किसानों के विरोध के चलते मामला ठंडे बस्ते में चला गया था।
जीडीए ने फिर से नया गोरखपुर को लेकर कवायद शुरू की है। बृहस्पतिवार को जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन, सचिव यूपी सिंह, ओएसडी शिवम सिंह, अधिशासी अभियंता नरेंद्र कुमार ने सदर तहसील के संबंधित गांवों के कानूनगो एवं लेखपाल के साथ बैठक की। बैठक में भूमि खरीदने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इसमें किसानों से सीधे भूमि खरीदने पर सहमति बनाई गई। प्राधिकरण के अधिकारियों को उपाध्यक्ष ने किसानों से सीधे भूमि खरीद किए जाने की कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण इस समय अधिग्रहण एवं सीधी खरीद दोनों विकल्पों पर विचार कर रहा है।
इन गांवों के लेखपाल रहे शामिल
बैठक में गोरखपुर-टिकरिया-महराजगंज रोड पर स्थित 12 गांव परमेश्वरपुर, विशुनपुर, देवीपुर, ठाकुरपुर नंबंर-1, ठाकुरपुर नंबर-2, महराजगंज, रामपुर गोपालपुर, बैजनाथपुर, बालापार, सोनबरसा, मानीराम, रहमतनगर के कानूनगो व लेखपाल शामिल रहे।
शासन से मिल चुकी है पहली किस्त
गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की ओर से नया गोरखपुर विकसित करने के लिए लगभग 6,000 एकड़ जमीन ली जानी है। शासन की ओर से जमीन खरीदने के लिए पहले किस्त की करीब 400 करोड़ रुपये की धनराशि भेज दी गई है।
नया गोरखपुर के अंतर्गत आने वाले गांव के किसान वर्तमान कीमत पर जमीन देने से इन्कार कर चुके हैं। जीडीए वर्तमान सर्किल रेट का चार गुना पर भूमि किसानों से लेने की बात कह रहा है। वर्तमान सर्किल रेट वर्ष 2016 का जारी है। किसान इस सर्किल रेट पर भूमि देने का विरोध कर रहे है। उनका कहना है कि वर्तमान में भूमि का बाजार रेट काफी अधिक है।