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Gorakhpur News: रामगढ़ताल में हादसों के बाद जीडीए सख्त, निगरानी के लिए बनी कमेटी
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गोरखपुर। जीडीए ने रामगढ़ताल में पर्यटन गतिविधियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा कदम उठाया है। ताल में छात्रा की मौत, युवक का शव मिलने और बोटिंग के दौरान स्टंटबाजी जैसीं घटनाओं के बाद प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने रामगढ़ताल क्षेत्र में विशेष निगरानी टीम का गठन किया है।
सहायक अभियंता राज बहादुर को टीम का प्रभारी बनाया गया है। यह टीम नियमित रूप से ताल क्षेत्र का निरीक्षण करेगी और बोटिंग संचालन में सुरक्षा मानकों के पालन को सुनिश्चित कराएगी। प्रशासनिक स्तर पर माना जा रहा है कि रामगढ़ताल में बढ़ती पर्यटक गतिविधियों के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था अपेक्षित स्तर की नहीं है। पहले भी नाव पलटने जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। हाल की घटनाओं ने एक बार फिर सुरक्षा प्रबंधन की कमजोरियों को उजागर किया है।
नई व्यवस्था के तहत अब जेटी और बोटिंग पॉइंटस पर सख्त निगरानी की जाएगी। नावों में क्षमता से अधिक सवारी बैठाने, लाइफ जैकेट की अनदेखी और किसी भी तरह की स्टंटबाजी पर पूरी तरह रोक रहेगी। नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई भी तय की गई है। इसके साथ ही जल पुलिस की तैनाती और त्वरित रेस्क्यू सिस्टम विकसित करने की दिशा में भी योजना बनाई जा रही है। जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने कहा कि रामगढ़ताल को सुरक्षित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना प्राथमिकता है और इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
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सहायक अभियंता राज बहादुर को टीम का प्रभारी बनाया गया है। यह टीम नियमित रूप से ताल क्षेत्र का निरीक्षण करेगी और बोटिंग संचालन में सुरक्षा मानकों के पालन को सुनिश्चित कराएगी। प्रशासनिक स्तर पर माना जा रहा है कि रामगढ़ताल में बढ़ती पर्यटक गतिविधियों के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था अपेक्षित स्तर की नहीं है। पहले भी नाव पलटने जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। हाल की घटनाओं ने एक बार फिर सुरक्षा प्रबंधन की कमजोरियों को उजागर किया है।
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नई व्यवस्था के तहत अब जेटी और बोटिंग पॉइंटस पर सख्त निगरानी की जाएगी। नावों में क्षमता से अधिक सवारी बैठाने, लाइफ जैकेट की अनदेखी और किसी भी तरह की स्टंटबाजी पर पूरी तरह रोक रहेगी। नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई भी तय की गई है। इसके साथ ही जल पुलिस की तैनाती और त्वरित रेस्क्यू सिस्टम विकसित करने की दिशा में भी योजना बनाई जा रही है। जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने कहा कि रामगढ़ताल को सुरक्षित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना प्राथमिकता है और इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
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