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शहर की 25 कॉलोनियों के माथे से धुलेगा अवैध का दाग
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शहर की 25 कॉलोनियों के माथे से धुलेगा अवैध का दाग
गोरखपुर। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) अपनी नई रणनीति में सफल रहा तो जल्द ही शहर की 25 कॉलोनियों के माथे से अवैध होने का दाग धुल जाएगा। इन कॉलोनियों के घरों के मानचित्र भी स्वीकृत हो सकेंगे और वहां खाली पड़े प्लॉटों पर भी लोग निर्माण करा सकेंगे। कमिश्नर जयंत नार्लिकर की पहल पर जीडीए ने इन कॉलोनियों के मकानों को वैध करने की कवायद शुरू कर दी है। जल्द ही शासन को प्रस्ताव भेज दिया जाएगा। प्राधिकरण को पूरी उम्मीद है कि सालों से इन कॉलोनियों को वैध करने के प्रस्ताव की अनदेखी कर रहा शासन इस बार अपनी मंजूरी जरूर प्रदान कर देगा।
शहर की ये सभी कॉलोनियां कृषि भू उपयोग, पीएससी के लिए आरक्षित पार्क और सामुदायिक भू-उपयोग वाली जमीनों पर बसीं हैं। इन्हें विनियमित यानी वैध करने के लिए प्राधिकरण ने कई बार प्रयास किया मगर कई तकनीकी वजहों और शासन की तरफ से रुचि नहीं लेने की वजह से सफलता नहीं मिली। मसलन कालोनियों का फिर से ले-आउट तैयार करना पड़ता। इस ले-आउट के लिए भी कॉलोनी के ही लोगों को सोसाइटी बनाकर आवेदन करना पड़ता इसके बाद शमन शुल्क का निर्धारण आदि कई जटिल प्रक्रिया थी। मगर अब प्राधिकरण ने इन्हें वैध करने का एक नया विकल्प तलाशा है।
प्राधिकरण की नियमावली और विशेषज्ञों से रायशुमारी के बाद यह तय हुआ है कि पूरी कॉलोनी को वैध करने की बजाए पार्क की जमीन पर बने घरों को छोड़कर बाकी के घरों का मानचित्र स्वीकृत कर उसे वैध किया जाए। साथ ही इन सभी कॉलोनियों में खाली प्लॉट पर जो भी निर्माण कराना चाहे उसे निर्धारित शुल्क जमा कराकर उसके मानचित्र स्वीकृत किए जाएं। इस संबंध में प्राधिकरण ने प्रस्ताव तैयार करना शुरू कर दिया है। इसे शासन को भेजा जाएगा वहां से स्वीकृति मिलते ही इस दिशा में काम शुरू हो जाएगा।
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ये कॉलोनियां हैं अवैध
झरना टोला, मौर्या टोला, नंदानगर, ईस्टर्नपुर, गायत्री नगर, लालगंज, सैनिक कुंज, सैनिक विहार विस्तार, शक्तिनगर, साकेत नगर, सिद्धार्थनगर, सुलभ कालोनी, राजीव नगर, पार्वती नगर, विवेकानंदपुरी, श्रीराम नगर कालोनी, आर्यनगर, विवेकानंद नगर, आदर्शनगर, विवेक नगर, शांति नगर, मुलायम नगर, गोरक्षनगरी, महादेवपुरम
शहर की 25 कॉलोनियों को वैध करने की कोशिश प्राधिकरण की तरफ से लंबे अरसे से की जा रही है। कई बार शासन को प्रस्ताव भेजा गया मगर उधर से कोई जवाब नहीं मिला। जनहित में इन कॉलोनियों को वैध करने के लिए कोई दूसरा विकल्प तलाशने को लेकर 29 जून को हुई बोर्ड बैठक में काफी देर तक मंथन हुआ। तय हुआ कि पूरी कॉलोनी की बजाए एक-एक घर के निर्धारित शुल्क आदि लेकर मानचित्र स्वीकृत किए जाएं। खाली प्लॉटों पर भी निर्माण के लिए आवेदन करने वालों के मानचित्र स्वीकृत होंगे। इसे लेकर प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है जिसे शासन के भेजा जाएगा। पूरी उम्मीद है कि इस विकल्प को शासन की मंजूरी मिल जाएगी। - राम सिंह गौतम, सचिव, जीडीए
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गोरखपुर। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) अपनी नई रणनीति में सफल रहा तो जल्द ही शहर की 25 कॉलोनियों के माथे से अवैध होने का दाग धुल जाएगा। इन कॉलोनियों के घरों के मानचित्र भी स्वीकृत हो सकेंगे और वहां खाली पड़े प्लॉटों पर भी लोग निर्माण करा सकेंगे। कमिश्नर जयंत नार्लिकर की पहल पर जीडीए ने इन कॉलोनियों के मकानों को वैध करने की कवायद शुरू कर दी है। जल्द ही शासन को प्रस्ताव भेज दिया जाएगा। प्राधिकरण को पूरी उम्मीद है कि सालों से इन कॉलोनियों को वैध करने के प्रस्ताव की अनदेखी कर रहा शासन इस बार अपनी मंजूरी जरूर प्रदान कर देगा।
शहर की ये सभी कॉलोनियां कृषि भू उपयोग, पीएससी के लिए आरक्षित पार्क और सामुदायिक भू-उपयोग वाली जमीनों पर बसीं हैं। इन्हें विनियमित यानी वैध करने के लिए प्राधिकरण ने कई बार प्रयास किया मगर कई तकनीकी वजहों और शासन की तरफ से रुचि नहीं लेने की वजह से सफलता नहीं मिली। मसलन कालोनियों का फिर से ले-आउट तैयार करना पड़ता। इस ले-आउट के लिए भी कॉलोनी के ही लोगों को सोसाइटी बनाकर आवेदन करना पड़ता इसके बाद शमन शुल्क का निर्धारण आदि कई जटिल प्रक्रिया थी। मगर अब प्राधिकरण ने इन्हें वैध करने का एक नया विकल्प तलाशा है।
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प्राधिकरण की नियमावली और विशेषज्ञों से रायशुमारी के बाद यह तय हुआ है कि पूरी कॉलोनी को वैध करने की बजाए पार्क की जमीन पर बने घरों को छोड़कर बाकी के घरों का मानचित्र स्वीकृत कर उसे वैध किया जाए। साथ ही इन सभी कॉलोनियों में खाली प्लॉट पर जो भी निर्माण कराना चाहे उसे निर्धारित शुल्क जमा कराकर उसके मानचित्र स्वीकृत किए जाएं। इस संबंध में प्राधिकरण ने प्रस्ताव तैयार करना शुरू कर दिया है। इसे शासन को भेजा जाएगा वहां से स्वीकृति मिलते ही इस दिशा में काम शुरू हो जाएगा।
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ये कॉलोनियां हैं अवैध
झरना टोला, मौर्या टोला, नंदानगर, ईस्टर्नपुर, गायत्री नगर, लालगंज, सैनिक कुंज, सैनिक विहार विस्तार, शक्तिनगर, साकेत नगर, सिद्धार्थनगर, सुलभ कालोनी, राजीव नगर, पार्वती नगर, विवेकानंदपुरी, श्रीराम नगर कालोनी, आर्यनगर, विवेकानंद नगर, आदर्शनगर, विवेक नगर, शांति नगर, मुलायम नगर, गोरक्षनगरी, महादेवपुरम
शहर की 25 कॉलोनियों को वैध करने की कोशिश प्राधिकरण की तरफ से लंबे अरसे से की जा रही है। कई बार शासन को प्रस्ताव भेजा गया मगर उधर से कोई जवाब नहीं मिला। जनहित में इन कॉलोनियों को वैध करने के लिए कोई दूसरा विकल्प तलाशने को लेकर 29 जून को हुई बोर्ड बैठक में काफी देर तक मंथन हुआ। तय हुआ कि पूरी कॉलोनी की बजाए एक-एक घर के निर्धारित शुल्क आदि लेकर मानचित्र स्वीकृत किए जाएं। खाली प्लॉटों पर भी निर्माण के लिए आवेदन करने वालों के मानचित्र स्वीकृत होंगे। इसे लेकर प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है जिसे शासन के भेजा जाएगा। पूरी उम्मीद है कि इस विकल्प को शासन की मंजूरी मिल जाएगी। - राम सिंह गौतम, सचिव, जीडीए