फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Gaurav who claims to be an IAS officer travels around in luxury cars with red and blue lights

UP: लाल-नीली बत्ती लगी लग्जरी गाड़ियों में घूमता है खुद को IAS बताने वाला गौरव, ऐसी जीवनशैली से बनाता था भरोसा

Sun, 09 Nov 2025 03:19 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 09 Nov 2025 03:19 PM IST
सार

गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर पकड़े गए करीब एक करोड़ रुपये का मामले में नया खुलासा हुआ है। खुद को आईएएस बताने वाला गौरव कुमार लाल-नीली बत्ती लगी लग्जरी गाड़ियों में घूमता है।

विज्ञापन
Gaurav who claims to be an IAS officer travels around in luxury cars with red and blue lights
गोरखपुर में रेलवे स्टेशन पर पकड़े गए एक करोड़ रुपये - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

गोरखपुर में रेलवे स्टेशन पर पकड़े गए एक करोड़ रुपये (99.09 लाख रुपये) के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ ही खुद को आईएएस बताने वाले गौरव कुमार के काले कारनामों की परतें खुलने लगी हैं। 
विज्ञापन


पुलिस की जांच में सामने आया है कि गौरव लाल-नीली बत्ती लगी लग्जरी गाड़ियों में घूमता है। अपना् रुतबे को बनाए रखने के लिए पीए (पर्सनल असिस्टेंट) भी रखता है। वह शहर और बाहर के लोगों से सरकारी ठेके, नौकरी और शादी के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी कर चुका है।
विज्ञापन


पुलिस की प्रारंभिक जांच और एक करोड़ रुपये संग पकड़े गए मुकुंद से मिली जानकारी के अनुसार, गौरव पिछले कुछ महीनों से गोरखपुर और वाराणसी के बीच लगातार सक्रिय था। मूलरूप से वह बिहार का रहने वाला है। वर्तमान में शहर के गुलरिहा इलाके में रह रहा था। वह खुद को केंद्र सरकार का वरिष्ठ अधिकारी बताकर अधिकारियों, व्यापारियों और निवेशकों से संपर्क बढ़ाता था।
विज्ञापन
विज्ञापन

सूत्र बताते हैं कि कई बार सरकारी ठेके दिलाने के नाम पर वह नकली दस्तावेज और फर्जी सरकारी सील भी दिखाता था। उसके साथ काम करने वाले कुछ स्थानीय लोग मीटिंग की व्यवस्था करते थे, जिससे उसका अफसर वाला रुतबा और भी बढ़ जाता था। इसके चलते लोग उसकी जालसाजी को भांप नहीं पाते।

पुलिस निकाल रही है सीडीआर, नजदीकियों पर नजर
फिलहाल पुलिस ने आरोपी गौरव के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) निकलवा रही है ताकि उसके संपर्क में रहे सहयोगियों और वित्तीय साझेदारों का पता लगाया जा सके। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गौरव ने बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई लोगों को नौकरी, प्रोजेक्ट और निवेश के नाम पर ठगा है। पुलिस को यह भी संदेह है कि वह फिलहाल शहर में ही कहीं छिपा हो सकता है।
 

लग्जरी जीवनशैली से बनाता था भरोसा
जांच में यह भी सामने आया है कि गौरव महंगी गाड़ियों के काफिले के साथ शहर में चलता है। इससे लोग उसे सचमुच का वरिष्ठ अधिकारी समझ बैठते थे। उसके पीए और ड्राइवर लोगों के सामने “सर, मीटिंग में हैं” या “मंत्रालय से कॉल है” जैसे संवाद बोलकर माहौल बनाते थे। इससे वह न सिर्फ लोगों को प्रभावित करता था बल्कि बड़े-बड़े सौदे भी तय कर लेता था।
 

ठगी के रुपयों से बनाई संपत्ति
पुलिस को शक है कि गौरव ने ठगी से जुटाई गई रकम से कई संपत्तियां खरीदी हैं। उसके कुछ सहयोगी अभी भी नेटवर्क चला रहे हैं। एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि गौरव कुमार लंबे समय से फर्जीवाड़े के जरिये लोगों को ठग रहा है। उसकी कॉल डिटेल और वित्तीय लेन-देन की जांच कराई जा रही है। बहुत जल्द उसे गिरफ्तार किया जाएगा।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed