गोरखपुर: अंकुर शुक्ला हत्याकांड के अभियुक्तों पर गैंगस्टर, पड़ोसियों ने की थी हत्या
एक आरोपी नाबालिग होने पर पर्यवेक्षण समिति से अनुमति लेकर कार्रवाई की गई। 27 नवंबर 2021 को घर से निकले अंकुर का पड़ोसियों ने हत्या की थी।
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गोरखपुर जिले के रामगढ़ताल इलाके के रामपुर गांव में 27 नवंबर को किशोर अंकुर शुक्ला की हत्या करने के चारों अभियुक्तों पर रामगढ़ताल पुलिस ने गैंगस्टर के तहत कार्रवाई की है। एक आरोपित मनीष उर्फ कट्टा के नाबालिग होने की वजह से गैंगस्टर की कार्रवाई के लिए पुलिस ने पर्यवेक्षण समिति से अनुमति मांगी थी। पुलिस की रिपोर्ट पर डीएम ने भी स्वीकृति दे दी है।
जानकारी के मुताबिक, गगहा इलाके के नर्रे खुर्द गांव निवासी महेंद्र शुक्ला रामगढ़ताल के रामपुर में मकान बनवाकर परिवार के साथ रहते हैं। वह पूजा-पाठ कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनके तीन बेटे राहुल शुक्ला, अंजनेय शुक्ला और सबसे छोटा अंकुर शुक्ला था।
अंकुर दोपहर में माता-पिता से बाल कटवाने जाने की बात कह कर 27 नवंबर को घर से निकला था। उसी दिन बड़े भाई राहुल के मोबाइल फोन पर गांव के ही एक व्यक्ति ने फोन कर बताया था कि उसका छोटा भाई गांव में धर्मेंद्र साहनी के घर के पास गंभीर हालत में पड़ा है। घरवाले पहुंचे तो उसकी मौत हो चुकी थी।
हत्या में सामने आई थी यह वजह
अंकुर की हत्या के पीछे की जो वजह सामने आई थी, उसमें पुलिस की लापरवाही भी उजागर हुई थी। अंकुर की हत्या में जो अवधेश आरोपी बनाया गया था, वह अंकुर के घर में चोरी करते हुए पकड़ा गया था। तब मामला रामगढ़ताल थाने पर भी गया था, लेकिन कार्रवाई की जगह मामला रफादफा हो गया था। बाद में हत्या के बाद एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने इसे गंभीरता से लेते हुए कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया था। इसी क्रम में पुलिस ने आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की है।
हत्या को लेकर हुई थी खूब सियासत
हत्या विधानसभा चुनाव के दौरान होने की वजह से सियासत भी खूब हुई थी। मृतक के घर पर विपक्षी नेताओं का तांता लगा था। परिजन भी डर गए थे और घर छोड़ने का पोस्टर चस्पा कर दिए थे। लेकिन, बाद में पुलिस ने उन्हें सुरक्षा दी थी। हत्या को लेकर सियासी पारा चढ़कर उतर गया, लेकिन पुलिस की कार्रवाई जारी थी। अब पुलिस ने आरोपितों की जमानत न होने पाए, इसकी कोशिश की है।
केस की पैरवी कर सजा दिलाने की कोशिश
इस मामले की पुलिस लगातार कोर्ट में पैरवी भी कर रही है। तारीख पर मौजूद होकर पुलिस साक्ष्यों के साथ पैरवी कर रही है। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा के आदेश पर पुलिस ऑपरेशन शिकंजा के तहत इस केस की मानीटरिंग कर रही है। कोर्ट में पुलिस इसकी पैरवी कर रही है। कोशिश यही है कि इस मामले में आरोपितों को सजा कराई जा सके।
रामगढ़ताल इंस्पेक्टर सुशील कुमार शुक्ला ने कहा कि एक आरोपी मनीष नाबालिग था। उसके लिए पर्यवेक्षण समिति से अनुमति ली गई थी। अनुमति मिलने के बाद चारों आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई का रिपोर्ट तैयार किया गया।
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने कहा कि अंकुर शुक्ला हत्याकांड के आरोपियों पर पुलिस की रिपोर्ट पर गैंगस्टर की कार्रवाई की गई है। पुलिस आरोपियों को सजा दिलाने के लिए ऑपरेशन शिकंजा के तहत इसकी पैरवी भी कर रही है। पुलिस को निर्देशित किया गया है कि कोर्ट में इसकी निरंतर पैरवी की जाए, ताकि सजा हो सके।