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इस खास काम के लिए अनुमति नहीं दे रही नेपाल सरकार, गंडक बैराज पर बढ़ा खतरा
Tue, 23 Jun 2020 12:57 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, कुशीनगर।
अमर उजाला ब्यूरो, कुशीनगर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 23 Jun 2020 12:57 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला।
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कुशीनगर, महराजगंज बिहार व नेपाल को गंडक नदी के बाढ़ से बचाव के लिए इंडो नेपाल सीमा पर वाल्मीकि बैराज (पुल) बना है। कुल 36 फाटक में से आधा हिस्सा (18फाटक) नेपाल में पड़ता है। इस हिस्से में बाढ़ को नियंत्रण करने वाले तीन फाटक खराब हैं उनका मरम्मत नहीं हो सका और बाढ़ आ गया। साथ ही पुल व नहर प्रणाली के सुरक्षा हेतु अत्यंत महत्वपूर्ण (अप्लेक्स) बांध बना है वह नेपाली क्षेत्र में पड़ता है।
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इसके मरम्मत की भी अनुमति नेपाल सरकार नहीं दे रहा है, अभियंता इस बात से आशंकित हैं कि अगर समय से अनुरक्षण नहीं हुआ और उक्त बांध टूट गया तो बहुत बड़ा खतरा उत्पन्न हो जाएगा। समस्या से सामाधान हेतु सहमति बनाने के लिए 18 जून को चौथी बैठक दोनों देशों के अधिकारियों के बीच हुई। जिसमें नेपाल से टीबी ठकुरी, तारा सिंह, विकास कुमार आदि व भारत (बिहार गंडक बैराज) के कार्यपालक अभियंता जमील अहमद, प्रमोद कुमार आदि शामिल रहे।
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जमील अहमद ने बताया कि कोरोना संक्रमण से सीमा सील होने की बात कह नेपाली अधिकारी बॉर्डर पार कर मरम्मत करने की अनुमति नहीं दे रहे हैं यह चिंता का विषय है।
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