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Gorakhpur : भड़के प्रभारी मंत्री... बोले- वीआरएस ले लेना चाहिए ऐसे अफसरों को

Sun, 26 Mar 2023 12:27 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sun, 26 Mar 2023 12:27 PM IST
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Furious Minister in charge said such officers should take VRS
एनेक्सी भवन में आयोजित जिला योजना की बैठक में संबोधित करते गोरखपुर के प्रभारी मंत्री सुरेश कुमार खन् - फोटो : amar ujala
 प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य व जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने जिले के लापरवाह अफसरों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। शनिवार को एनेक्सी भवन सभागार में हुई जिला योजना समिति की बैठक में गलत आंकड़े पेश करने पर उन्होंने जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी और दुग्ध विकास अधिकारी को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारियों को वीआरएस (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति) ले लेनी चाहिए।
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बैठक के दौरान मंत्री ने आंकड़े पूछे तो जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी पिछले दो साल के खर्च का आंकड़ा ठीक से उपलब्ध नहीं करा सके। वहीं दुग्ध विकास अधिकारी तीन बार में भी आंकड़े नहीं बता पाए। इसपर प्रभारी मंत्री ने डीएम को दोनों अधिकारियों से जवाब तलब करने का निर्देश दिया। इसे पहले बैठक में मंत्री ने गोरक्षनगरी में विकास कार्यों के लिए 648.76 करोड़ रुपये की जिला योजना को मंजूरी दी। काेरोना काल यानी वर्ष 2020-21 से जिला योजना के कुल बजट की धनराशि में बदलाव नहीं हो रहा है। हालांकि विभागवार बजट घटते-बढ़ते रहे हैं। इस बार सर्वाधिक 60.79 करोड़ रुपये सड़क एवं पुल पर खर्च होंगे जो पूरे बजट का 27.65 फीसदी है। इसी तरह आवास पर करीब 60 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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शाम करीब साढ़े छह बजे से एक घंटे तक चली इस बैठक में विभिन्न विभागों के लिए वर्ष 2022-23 का परिव्यय निर्धारित किया गया। इसमें अवस्थापना सुविधाओं से लेकर रोजगार, कृषि आदि के लिए खर्च का प्रावधान किया गया है। साथ ही छात्रवृत्ति, विभिन्न पेंशन योजनाओं के लिए भी बजट का प्रावधान किया गया है। प्रभारी मंत्री ने पिछले साल के बजट और उसके सापेक्ष हुए खर्च की विभागवार जानकारी ली। फिर इस साल के बजट पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों पर पूरी धनराशि खर्च की जाए। कार्यों की गुणवत्ता और समय सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। प्रभारी मंत्री ने कहा कि विकास कार्यों के बारे में जनप्रतिनिधियों को जानकारी जरूर दी जाए। जिला योजना वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए निर्धारित खर्च की तुलना में विभागों ने अधिक का प्रस्ताव दिया था। समिति ने इसमें कटौती कर तय खर्च के बराबर किया। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह, विधायक राजेश त्रिपाठी, महेंद्रपाल सिंह, विपिन सिंह, प्रदीप शुक्ला, डाॅ. विमलेश पासवान, जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश, एसएसपी डाॅ. गौरव ग्रोवर आदि उपस्थित रहे।
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ये हैं प्रमुख योजनाएं

- दुग्ध विकास विभाग के कृषकों को प्रशिक्षण तथा दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए करीब 9.73 करोड़ का खर्च प्रस्तावित किया गया।

- सहकारी समितियों के गोदामों की मरम्मत व नव निर्माण के लिए करीब 10.28 करोड़ प्रस्तावित।

- वन विभाग के सामाजिक वानिकी के लिए करीब 13.62 करोड़।

- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के लिए करीब 46.70 करोड़ रुपये का खर्च प्रस्तावित।

- लघु, सीमांत किसानों को निशुल्क बोरिंग के लिए करीब 7.35 करोड़।

- प्राथमिक शिक्षा के कार्यालय भवनों के निर्माण व सर्व शिक्षा अभियान के लिए 46.45 करोड़।

- माध्यमिक शिक्षा के कार्यालय भवनों के निर्माण एवं राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के लिए 19.95 करोड़।

- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के भवन निर्माण, विस्तार, बिजली आदि के लिए करीब 7.42 करोड़।

- प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण के लिए 60 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इससे पांच हजार आवासों का निर्माण कराया जाएगा।

- नगरीय पेयजल व्यवस्था के लिए करीब 4.12 करोड़।

 
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