{"_id":"5edf108e8ebc3e431d5dbab2","slug":"funeral-without-corona-test-in-gorakhpur","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना कोरोना जांच के ही करा दिया गया मृतक का अंतिम संस्कार, परिजन कर रहे थे इसकी मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिना कोरोना जांच के ही करा दिया गया मृतक का अंतिम संस्कार, परिजन कर रहे थे इसकी मांग
Tue, 09 Jun 2020 10:01 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 09 Jun 2020 10:01 AM IST
सार
- बीआरडी मेडिकल कॉलेज में परिजन कोराना जांच कराने पर अड़े थे
- मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कोविड-19 प्रोटोकॉल के साथ शव वाहन से भिजवाया
विज्ञापन
कोरोना वायरस।
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में खजनी के धनईपुर निवासी बुजुर्ग की मौत के बाद दूसरे दिन भी कोराना जांच के लिए सैंपल नहीं लिया गया। दो दिन इंतजार के बाद परिजनों ने सोमवार को राजघाट पर अंतिम संस्कार कर दिया। हालांकि, कॉलेज प्रशासन ने कोविड-19 प्रोटोकाल के तहत शव को सील पैक कर परिजनों को सौंपा। साथ ही वाहन से शव को राजघाट भिजवाया।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक, 64 वर्षीय बुजुर्ग 22 मई को मुंबई से आए थे। चार दिन पहले उनकी तबीयत खराब हुई तो बांसगांव में इलाज कराया गया। रविवार को तबीयत फिर खराब हुई तो परिजन गीडा के क्वारंटीन सेंटर लेकर गए।
विज्ञापन
मरीज की स्थिति देख उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने शव को सुरक्षित रखवा दिया, लेकिन कोराना जांच नहीं कराई। जबकि, परिजन जांच की मांग पर अड़े थे।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार व सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि भर्ती मरीजों की मौत होने पर उनकी कोरोना जांच कराई जाती है। ब्राड डेड (परिसर से बाहर मरने वाले) की जांच नहीं कराई जाती। मेडिकल कॉलेज पहुंचने के पूर्व मरीज की मौत हो चुकी थी। शव का कोविड 19 प्रोटोकाल के तहत अंतिम संस्कार करा दिया गया है।