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संशोधित: क्रेडिट कार्ड जालसाजी
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जबरन क्रेडिट कार्ड देकर की जालसाजी, बैंककर्मी पर केस
ब्लॉक करने के लिए आवेदन के बावजूद नहीं किया निरस्त, खाते से निकाल लिए गए रुपये
शाहपुर पुलिस ने केस दर्ज कर शुरू की जांच
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। शाहपुर इलाके के पादरी बाजार निवासी अर्जुन कुमार के क्रेडिट कार्ड से 19 हजार 94 रुपये निकाले जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एसबीआई बैंक ने उनका जबरन क्रेडिट कार्ड बनाया। इसे ब्लॉक करने के लिए आवेदन व कस्टमर केयर पर कॉल भी किया गया, लेकिन क्रेडिट कॉर्ड निरस्त नहीं किया गया। इस बीच खाते से दो बार में रुपये निकाल लिए गए। पुलिस ने अज्ञात बैंक कर्मी और मोबाइल नंबर के आधार पर एक और शख्स के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, पादरी बाजार के मानस विहार कॉलोनी निवासी अर्जुन कुमार ने तहरीर में लिखा है कि उनका खाता एसबीआई पादरी बाजार शाखा में है। क्रेडिट कार्ड की उन्हें कोई जरूरत नहीं थी, लेकिन जबरन भेज दिया गया। क्रेडिट कॉर्ड आने के बाद इसे ब्लॉक कराने के लिए प्रार्थना पत्र और ई-मेल भी किया। कस्टमर केयर पर कॉल किया गया। बैंक पर जाने पर उन्हें शाहपुर एसबीआई शाखा में भेजा गया। वहां बताया गया कि संदेश के जरिए कार्ड के ब्लॉक होने की जानकारी चली जाएगी। फोन से सूचना दी जाएगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि ब्लॉक का संदेश आने के बाद एक नंबर से कॉल आया। फोन आने के बाद उनके खाते से दो बार में 9647.25 और 9647.25 रुपये कट गए। फिर बचत खाते से भी 881.24 रुपये निकाल लिए गए। आरोप है कि ब्लॉक कराने का अनुरोध करने के बाद भी कॉर्ड निरस्त नहीं किया गया। इसकी वजह से खाते से रुपये काट लिए गए। इसका जिम्मेदार बैंक है। पुलिस तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर जांच कर रही है।
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पहले भी दर्ज हुए हैं बैंककर्मियों पर केस
08 जनवरी 2020: कैंट थाने में बैंक ऑफ महाराष्ट्र के कर्मचारियों पर जालसाजी का केस दर्ज किया गया था। महराजगंज, शिकारगढ़ के बांधा गांव निवासी सीमेंट व्यापारी सुधाकर राय ने केस दर्ज कराया था। बताया कि उन्होंने मई 2019 में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की जटेपुर शाखा से 25 लाख रुपये ऋण लिए थे। बैंक अधिकारियों ने ऋण स्वीकृत होने के बाद धरोहर के रूप में हस्ताक्षर कराकर उनसे चार सादे चेक लिए थे। उनमें से तीन चेक का इस्तेमाल कर 30 व 31 मई 2019 को उनके खाते से 16 लाख रुपये निकाल लिए गए।
18 अप्रैल 2023: शाहपुर इलाके के हरिद्वारपुरम फेज-2 कॉलोनी निवासी रंजू सोनी के तीन खातों से एक लाख 99 हजार 899 रुपये साइबर अपराधियों ने उड़ा दिए। आरोप है कि बिना ओटीपी, यूपीआई के ही खाते से जालसाजों ने रकम उड़ा दी। पुलिस ने यूनियन बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और भारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज किया था।
जालसाजी से बचने के ये हैं तरीके
अपने सिम कॉर्ड को हमेशा अपडेट करते रहें, इसकी केवाईसी समय-समय पर कराते रहें।
किसी भी अनजान कॉल या मैसेज का जवाब न दें।
किसी अनजान लिंक को खोलने से बचें।
अगर खाते से रुपये निकल चुके हैं तो तत्काल अपने बैंक से संपर्क करें और उसे लॉक करवाएं।
.............................
वर्जन
ये काफी पुराना मामला है। इसकी शिकायत आने पर मामले को क्रेडिट कार्ड डिवीजन को भेज दिया गया था। ग्राहक ने यह बताया कि उनके पास बैंककर्मी बताकर किसी ने कॉल किया। इसके बाद लिंक भेजकर क्लिक करने को कहा। लिंक क्लिक करते ही रुपये कट गए थे। मामले की जांच चल रही है।
-विवेक तिवारी, ब्रांच मैनेजर, एसबीआई, पादरी बाजार
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ब्लॉक करने के लिए आवेदन के बावजूद नहीं किया निरस्त, खाते से निकाल लिए गए रुपये
शाहपुर पुलिस ने केस दर्ज कर शुरू की जांच
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। शाहपुर इलाके के पादरी बाजार निवासी अर्जुन कुमार के क्रेडिट कार्ड से 19 हजार 94 रुपये निकाले जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एसबीआई बैंक ने उनका जबरन क्रेडिट कार्ड बनाया। इसे ब्लॉक करने के लिए आवेदन व कस्टमर केयर पर कॉल भी किया गया, लेकिन क्रेडिट कॉर्ड निरस्त नहीं किया गया। इस बीच खाते से दो बार में रुपये निकाल लिए गए। पुलिस ने अज्ञात बैंक कर्मी और मोबाइल नंबर के आधार पर एक और शख्स के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, पादरी बाजार के मानस विहार कॉलोनी निवासी अर्जुन कुमार ने तहरीर में लिखा है कि उनका खाता एसबीआई पादरी बाजार शाखा में है। क्रेडिट कार्ड की उन्हें कोई जरूरत नहीं थी, लेकिन जबरन भेज दिया गया। क्रेडिट कॉर्ड आने के बाद इसे ब्लॉक कराने के लिए प्रार्थना पत्र और ई-मेल भी किया। कस्टमर केयर पर कॉल किया गया। बैंक पर जाने पर उन्हें शाहपुर एसबीआई शाखा में भेजा गया। वहां बताया गया कि संदेश के जरिए कार्ड के ब्लॉक होने की जानकारी चली जाएगी। फोन से सूचना दी जाएगी।
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उन्होंने आरोप लगाया कि ब्लॉक का संदेश आने के बाद एक नंबर से कॉल आया। फोन आने के बाद उनके खाते से दो बार में 9647.25 और 9647.25 रुपये कट गए। फिर बचत खाते से भी 881.24 रुपये निकाल लिए गए। आरोप है कि ब्लॉक कराने का अनुरोध करने के बाद भी कॉर्ड निरस्त नहीं किया गया। इसकी वजह से खाते से रुपये काट लिए गए। इसका जिम्मेदार बैंक है। पुलिस तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर जांच कर रही है।
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पहले भी दर्ज हुए हैं बैंककर्मियों पर केस
08 जनवरी 2020: कैंट थाने में बैंक ऑफ महाराष्ट्र के कर्मचारियों पर जालसाजी का केस दर्ज किया गया था। महराजगंज, शिकारगढ़ के बांधा गांव निवासी सीमेंट व्यापारी सुधाकर राय ने केस दर्ज कराया था। बताया कि उन्होंने मई 2019 में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की जटेपुर शाखा से 25 लाख रुपये ऋण लिए थे। बैंक अधिकारियों ने ऋण स्वीकृत होने के बाद धरोहर के रूप में हस्ताक्षर कराकर उनसे चार सादे चेक लिए थे। उनमें से तीन चेक का इस्तेमाल कर 30 व 31 मई 2019 को उनके खाते से 16 लाख रुपये निकाल लिए गए।
18 अप्रैल 2023: शाहपुर इलाके के हरिद्वारपुरम फेज-2 कॉलोनी निवासी रंजू सोनी के तीन खातों से एक लाख 99 हजार 899 रुपये साइबर अपराधियों ने उड़ा दिए। आरोप है कि बिना ओटीपी, यूपीआई के ही खाते से जालसाजों ने रकम उड़ा दी। पुलिस ने यूनियन बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और भारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज किया था।
जालसाजी से बचने के ये हैं तरीके
अपने सिम कॉर्ड को हमेशा अपडेट करते रहें, इसकी केवाईसी समय-समय पर कराते रहें।
किसी भी अनजान कॉल या मैसेज का जवाब न दें।
किसी अनजान लिंक को खोलने से बचें।
अगर खाते से रुपये निकल चुके हैं तो तत्काल अपने बैंक से संपर्क करें और उसे लॉक करवाएं।
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वर्जन
ये काफी पुराना मामला है। इसकी शिकायत आने पर मामले को क्रेडिट कार्ड डिवीजन को भेज दिया गया था। ग्राहक ने यह बताया कि उनके पास बैंककर्मी बताकर किसी ने कॉल किया। इसके बाद लिंक भेजकर क्लिक करने को कहा। लिंक क्लिक करते ही रुपये कट गए थे। मामले की जांच चल रही है।
-विवेक तिवारी, ब्रांच मैनेजर, एसबीआई, पादरी बाजार