गोरखपुर में नो वेडिंग जोन: ट्रांसपोर्ट नगर से राजघाट पुल तक सड़क के किनारे नहीं नजर आएंगे ठेले-खोमचे
नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ट्रांसपोर्ट नगर पुलिस चौकी से राजघाट पुल के बीच जगह-जगह नो-वेंडिंग जोन का बोर्ड लगाएं और दुकानदारों को नियमित रूप से शेड में दुकान लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित कराएं।
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गोरखपुर में अगले कुछ दिनों में ट्रांसपोर्ट नगर पुलिस चौकी से राजघाट पुल तक सड़क के दोनों ओर ठेले-खोमचे वाले नजर नहीं आएंगे। इनको ट्रांसपोर्ट नगर पुलिस चौकी के पीछे बनाए गए शेड में शिफ्ट किया जाएगा। नगर निगम ने ट्रांसपोर्ट नगर से राजघाट पुल तक नो वेंडिंग जोन घोषित किया है।
सोमवार को नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल की अध्यक्षता में पथ विक्रय समिति की बैठक हुई। इसमें रुस्तमपुर ढाला से ट्रांसपोर्ट नगर पुलिस चौकी तक सड़क किनारे ठेले-खोमचे लगाने वालों की वजह से ट्रैफिक जाम पर चर्चा की गई। निर्णय लिया गया कि अगले दो से चार दिनों में ट्रांसपोर्ट नगर पुलिस चौकी से राजघाट पुल तक सड़क के किनारे ठेला लगाने वालों को ट्रांसपोर्ट नगर पुलिस चौकी के पीछे नगर निगम की ओर से बनाए गए शेड में व्यवस्थित कर दिया जाएगा।
वहीं, रुस्तमपुर ढाले के पास ठेला लगाने वालों के लिए भी जल्द योजना तैयार करने का भी निर्णय लिया गया। दरअसल, रुस्तमपुर ढाले के पास ठेला लगाने वालों को ट्रांसपोर्ट नगर पुलिस चौकी के पीछे बने शेड में स्थान आवंटित किया गया था। यहां 280 वेडरों के लिए स्थान आवंटित है, लेकिन ज्यादा दूरी होने की वजह से ठेले वालों ने वहां जाने से मना कर दिया था। इसके बार पथ विक्रय समिति ने ट्रांसपोर्ट नगर से राजघाट पुल तक सड़क किनारे ठेला लगाने वालों को यहां व्यवस्थित करने का निर्णय लिया।
नो वेडिंग जोन : किसी के लिए खुशी तो किसी की बढ़ गई चिंता
नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ट्रांसपोर्ट नगर पुलिस चौकी से राजघाट पुल के बीच जगह-जगह नो-वेंडिंग जोन का बोर्ड लगाएं और दुकानदारों को नियमित रूप से शेड में दुकान लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। बैठक में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट शाश्वत त्रिपुरारी, एडीएम सिटी विनीत कुमार सिंह पुलिस अधीक्षक ट्रैफिक डॉ. महेंद्र पाल सिंह, अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा आदि मौजूद रहे।
ट्रांसपोर्टनगर पुलिस चौकी से राजघाट पुल तक सड़क के किनारे फल वाले कतार से ठेला लगाए रहते हैं। ऐसे में फल आदि खरीदने वाले अपनी-अपनी गाड़ियां खड़ी कर देते हैं। राप्ती नदी पुल का रास्ता सिकुड़कर मात्र 10 फीट का रह जाता है। ऐसे में इस इलाके को नो-वेंडिंग जोन बनने से दुकानदारों और नौसड़ की तरफ जाने वाले लोगों को काफी राहत मिलेगी। हालांकि ठेला वालों के बीच इसे लेकर काफी नाराजगी है। उनका कहना है कि इससे उनके व्यापार पर काफी प्रभाव पड़ेगा।
ट्रांसपोर्टनगर और रुस्तमपुर ढाले के पटरी व्यापारियों के लिए नगर निगम की ओर से रुस्तमपुर और ट्रांसपोर्टनगर में शेड बनाकर स्थान आवंटित किया गया है। रुस्तमपुर ढाले के पास बनाए गए शेड 20 ठेले वालों के लिए आवंटित है, वहीं ट्रांसपोर्टनगर में कुल 240 दुकानदारों के लिए शेड बनाए गए हैं।
इसके बावजूद दोनों शेड खाली रहते हैं। पटरी व्यापारियों का कहना है कि इससे उनका व्यापार काफी प्रभावित होगा। हालांकि कुछ व्यापारियों का कहना है कि अगर जगह आवंटित हो जाती है तो हम वहां चले जाएंगे।
पटरी व्यापारी बोले
- नगर निगम की ओर से जो शेड बनाया गया है, वह पटरी व्यापारियों के लिहाज से सही नहीं है। क्योंकि वहां तक जाने का रास्ता काफी घुमावदार है। कम ग्राहक आएंगे। नुकसान झेलना पड़ेगा। - श्याम सोनकर, फल विक्रेता
- अगर नगर निगम हमें दुकान आवंटित कर देता है तो हम वहां सहर्ष चले जाएंगे। लेकिन सड़क किनारे किसी और को ठेला लगाने की छूट नहीं देनी चाहिए।- विनोद, फल विक्रेता
- पिछले कई साल से पटरी व्यापारियों को इस शेड में शिफ्ट करने की बात चल रही है, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ है। देखते हैं आगे क्या होता है। - शुभम, फल विक्रेता
- अगर हमें यहां से हटाया जाता है तो हमारे व्यापार के लिए काफी नुकसानदेह साबित होगा। जिस जगह पर हमें शिफ्ट करने की बात की जा रही है, वह व्यापार के लिए सही नहीं है। - सुभाष, फल विक्रेता
- अक्सर दुकान के ठीक सामने फल विक्रेता अपना ठेला लगा लेेते हैं। ऐसे में दुकानदारी प्रभावित होती है। नगर निगम अगर इन्हें व्यवस्थित करने की दिशा में कदम उठा रहा है तो यह बेहतर कदम है।- आशीष यादव, दुकानदार।
- छोटा होटल है। पूरे दिन लोगों का आना जाना लगा रहता है। लेकिन दुकान के सामने लगने वाले ठेले काफी परेशानी का सबब बने हुए हैं। अगर यह हटते हैं तो काफी राहत मिलेगी।- रमेश साहू, होटल संचालक।
आम आदमी बोले
- सड़क के किनारे से ठेला खोमचों वालों को हर हाल में हटना चाहिए। इससे काफी दिक्कत होती है। आवागमन भी काफी बाधित होता है। जाम की स्थिति बनी रहती है। नगर निगम का कदम सराहनीय है। - वेदप्रकाश शर्मा, भिलोरा।
- एक तो राजघाट पुल की चौड़ाई कम है। फलों ठेले लगने और खरीदारों की कतार से जाम की स्थिति बनी रहती है। इसे हटना ही चाहिए।- चंद्रशेखर, बाघागाड़ा।