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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   From the artistry of clay to the flavors of Purvanchal Gorakhpur Division shines at the UP International Trade Show.

Gorakhpur News: मिट्टी के हुनर से पूर्वांचल के स्वाद तक, यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में गोरखपुर मंडल की धूम

Sat, 26 Sep 2026 02:46 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 26 Sep 2026 02:46 AM IST
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From the artistry of clay to the flavors of Purvanchal Gorakhpur Division shines at the UP International Trade Show.
गोरखपुर। मिट्टी से आकार लेते टेराकोटा उत्पाद हों या पूर्वांचल के पारंपरिक पकवान, ग्रेटर नोएडा में शुक्रवार से शुरू हुए उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में गोरखपुर मंडल की अलग पहचान नजर आई। टेराकोटा के चार स्टॉल पर खरीदारों की भीड़ जुटी तो लिट्टी-चोखा और लहसुन वाले छोला-समोसे के स्वाद ने भी लोगों को खूब आकर्षित किया। दीपावली को देखते हुए टेराकोटा के सजावटी सामान और ज्वेलरी की खरीदारी भी हुई।
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ट्रेड शो में मेसर्स अतरंगी कलाकारी की दीपिका सिंह, रीतिका कृतिका क्रिएशन की सुनीता मौर्या, गिफ्ट सिटी के कमलेश तिवारी और रोशनी एक उम्मीद ट्रस्ट की कोमल मद्देशिया ने टेराकोटा के स्टॉल लगाए हैं। दीपिका सिंह ने बताया कि टेराकोटा ज्वेलरी के प्रति लोगों का खास आकर्षण है। खरीदारी के साथ अच्छे ऑर्डर भी मिल रहे हैं। सुनीता मौर्या के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थानीय शिल्पियों को खरीदारों, निर्यातकों और कारोबारी समूहों से सीधे जुड़ने का मौका मिल रहा है। इससे निर्यात की संभावनाएं भी बढ़ी हैं। उद्योग उपायुक्त उज्ज्वल सिंह ने कहा कि ट्रेड शो टेराकोटा शिल्प को बड़ा बाजार देने का माध्यम बन रहा है। पारंपरिक हुनर को तकनीक और बाजार का साथ मिले तो स्थानीय उत्पाद वैश्विक बाजार तक पहुंच सकते हैं।
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लिट्टी-चोखा से लहसुन वाले छोले तक
फूड कोर्ट में भी पूर्वांचल का स्वाद छाया रहा। ओडीओपी के तहत गोरखपुर से लिट्टी-चोखा और लहसुन वाले छोला-समोसा, महराजगंज से रामकटोरी, कुशीनगर से लाल पेड़ा, छेना का खुरमा और केले के चिप्स तथा देवरिया से लिट्टी-चोखा और मालपुआ को प्रदर्शित किया गया है। लिट्टी-चोखा स्टॉल संचालक गंगाधर दूबे ने बताया कि दस कारीगर लगातार पकवान तैयार कर रहे हैं, फिर भी मांग पूरी करना चुनौती बन रही है। वहीं चौरीचौरा के चंद्रकेश प्रजापति ने कहा कि ट्रेड शो ने ग्रामीण और कस्बाई खानपान कारोबारियों को भी बड़े मंच पर पहचान दिलाई है। संयुक्त आयुक्त गौरव मिश्रा ने बताया कि फूड क्लस्टर के जरिये पूर्वांचल के पारंपरिक व्यंजनों को देश-विदेश के खरीदारों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इसका उद्देश्य स्थानीय खानपान संस्कृति को पहचान दिलाने के साथ फूड टूरिज्म और कारोबार को बढ़ावा देना है।
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