{"_id":"61fa3fce264a51171a20d485","slug":"free-treatment-of-leprosy-and-filariasis-in-aiims","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोरखपुर: एम्स में कुष्ठ रोग व फाइलेरिया का इलाज निशुल्क, हर माह पेंशन की भी सुविधा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोरखपुर: एम्स में कुष्ठ रोग व फाइलेरिया का इलाज निशुल्क, हर माह पेंशन की भी सुविधा
Wed, 02 Feb 2022 01:54 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 02 Feb 2022 01:54 PM IST
सार
कुष्ठ, फाइलेरिया, लैपरी, बाल मक्खी, कालाजार, हाइड्रोसिल आदि। इन बीमारियों का इलाज सरकार निशुल्क करा रही है।
विज्ञापन
AIIMS Gorakhpur
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के कम्युनिटी मेडिसिन एवं फैमिली मेडिसिन विभाग के डॉ अनिल कोपकर ने कहा कि कुष्ठ रोग और फाइलेरिया की दवाएं सरकारी क्षेत्रों में निशुल्क हैं। नेगलेक्टेड ट्रॉपिकल डिजीज -डे (एनटीडी) पर डॉक्टर कोपकर समेत कई अन्य डॉक्टरों ने एनडीटी के तहत आने वाली बीमारियों और सरकारी सुविधाओं की जानकारी मंगलवार को दी।
विज्ञापन
डॉक्टर कोपकर ने बताया कि कुष्ठ रोग से दिव्यांगता पर ढाई हजार रुपये प्रति माह पेंशन दी जाती है। अंगों में आई विकृति की निशुल्क सर्जरी भी की जाती है। इसके अलावा, एम्स के डॉ सागर घोड़ेकर ने बताया कि फाइलेरिया के कारण हाथीपांव से परेशान लोगों को दवाएं भी दी जा रहीं हैं। साल में एक बार निशुल्क दवा मिलती है। दवा के सेवन से कोई भी नुकसान नहीं है।
विज्ञापन
पाथ संस्था के डॉ ज्ञान ने बताया कि कालाजार का इलाज निजी क्षेत्रों में काफी महंगा है, जबकि सरकारी क्षेत्रों में यह निशुल्क है। अगर समय से बीमारी की पहचान कर ली जाए तो गंभीरता से बचा जा सकता है। कालाजार प्रभावित जिलों में मरीजों को पक्का मकान देने की योजना चला रही है। इलाज के लिए चार से पांच हजार रुपये की सहायता दी जाती है।
विज्ञापन
कार्यक्रम की अध्यक्षता एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ सुरेखा किशोर ने की। इस मौके पर एम्स के डॉ आनंद मोहन दीक्षित, डॉ प्रदीप खरैया, डॉ रमाशंकर रथ, डॉ बिजित विश्वास, डॉ यू वैंकटेश, डॉ विवेक मिश्रा, डॉ सुनील गुप्ता, डॉ संगीता गुप्ता, डॉ मनोज पृथ्वीराज, डॉ प्रीतिवाला मौजूद रहीं।
एनटीडी में शामिल बीमारियां
कुष्ठ, फाइलेरिया, लैपरी, बाल मक्खी, कालाजार, हाइड्रोसिल आदि। इन बीमारियों का इलाज सरकार निशुल्क करा रही है।