फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Free IUI service started for childless couples in Gorakhpur Medical College

Gorakhpur News:पूर्वांचल का पहला मेडिकल कॉलेज बना BRD,नि:संतान दंपत्तियों के लिए शुरू हुई ये सुविधा

Sun, 11 Aug 2024 01:02 PM IST
रोहित सिंह अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: रोहित सिंह Updated Sun, 11 Aug 2024 01:02 PM IST
सार

संतान सुख से वंचित दंपतियाें को अब बीआरडी मेडिकल कॉलेज में निशुल्क आईयूआई (इंट्रा यूटराइन इनसेमिनेशन) की सुविधा मिलेगी। मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति विभाग में शनिवार को इसके लिए विशेष केंद्र का शुभारंभ किया गया। इसी के साथ पूर्वांचल में इस सुविधा वाला बीआरडी पहला सरकारी अस्पताल हो गया है। निजी सेंटरों में इस इलाज पर 50 से 60 हजार रुपये तक खर्च होते हैं।

विज्ञापन
Free IUI service started for childless couples in Gorakhpur Medical College
मेडिकल कॉलेज के स्त्री और प्रसूति विभाग में आईवीएफ उद्घाटन के दौरान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

संतान सुख से वंचित दंपतियाें को अब बीआरडी मेडिकल कॉलेज में निशुल्क आईयूआई (इंट्रा यूटराइन इनसेमिनेशन) की सुविधा मिलेगी। मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति विभाग में शनिवार को इसके लिए विशेष केंद्र का शुभारंभ किया गया। इसी के साथ पूर्वांचल में इस सुविधा वाला बीआरडी पहला सरकारी अस्पताल हो गया है। निजी सेंटरों में इस इलाज पर 50 से 60 हजार रुपये तक खर्च होते हैं।
विज्ञापन


सेंटर का उद्घाटन प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल एवं बांझपन रोग विशेषज्ञ डॉ. सोम सिंह ने किया। डॉ. सोम सिंह ने बताया कि देश में 20 से 25 फीसदी दंपति संतान सुख से वंचित हैं। इनमें से करीब 40 फीसदी दंपति में बच्चा न होने की वजह पुरुष होते हैं। ऐसे मामलों में आईयूआई विधि सबसे कारगर है।
विज्ञापन


इसमें ऐसे पुरुषों का चयन किया जाता है, जिनमें स्पर्म काउंट कम हो। कुछ दवाओं से स्पर्म काउंट को बेहतर बनाया जाता है। आईयूआई में पुरुष के स्पर्म को वॉश कर सशक्त स्पर्म को निकाला जाता है। इस स्पर्म को बच्चेदानी में प्रत्यारोपित किया जाता है। यह एक सुरक्षित गर्भधारण की विधि है।
विज्ञापन
विज्ञापन

Free IUI service started for childless couples in Gorakhpur Medical College
बीआरडी मेडिकल कॉलेज - फोटो : सोशल मीडिया

खास बात यह है कि इसका सक्सेस रेट भी 20 प्रतिशत तक है। यह किफायती तकनीक है। इसे तीन से चार बार तक प्रयास किया जा सकता है। जिन दंपतियों के विवाह के अधिकतम 6 वर्ष हुए हों और महिला की उम्र 35 वर्ष से कम हो तो उसमें सक्सेस रेट अधिक होता है।

प्राचार्य डॉ. रामकुमार ने बताया कि भाग दौड़ भरी जिंदगी और देर से हो रही शादी के कारण बांझपन के मामले बढ़ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में ऐसे दंपति को पूरी तरह इलाज मुहैया कराने के लिए इस केंद्र की शुरुआत की गई है। भविष्य में इसका और भी विस्तार होना है।
इस दौरान स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष डॉ. रूमा सरकार, डॉ. शिखा मुखीजा, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. रीना श्रीवास्तव, डॉ. राधा जीना, डॉ. नीला राय शर्मा, डॉ. वाणी आदित्य, डॉ. रीता सिंह, डॉ. सुधीर गुप्ता, डॉ. खुतैजा बानो आदि मौजूद रहीं।

पहले दिन 25 दंपत्तियों को किया गया आईयूआई
उद्घाटन सत्र के बाद पहले दिन ही प्रायोगिक सत्र भी आयोजित किया गया। प्रतिभागी जूनियर डॉक्टरों को सीमन एनालिसिस, स्पर्म प्रीपरेशन, अल्ट्रासाउंड आदि की जानकारी दी गई। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष डाॅ. रूमा सरकार ने बताया कि पहले दिन 25 दंपत्तियों का सफल आईयूआई किया गया। मेडिकल कॉलेज में यह सुविधा पूरी तरह से नि:शुल्क है, जबकि निजी अस्पतालों में इसका खर्च काफी महंगा होता है।







 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed